शुभमन गिल का मानना है कि हार्दिक पांड्या की वापसी से भारतीय टीम के सातवें और आठवें नंबर की बल्लेबाजी की समस्या दूर हो जाएगी। हालांकि, चोट से जूझ रहे हार्दिक को टीम में लौटने से पहले घरेलू क्रिकेट खेलना होगा। गिल ने बताया कि इंडिया ए के मैचों से पहले भी हार्दिक को फिर परेशानी हुई थी।
{{#eligible}}
सभी खबरें बिना रुकावट पढ़ने के लिए
अमर उजाला एप डाउनलोड करें
भारतीय क्रिकेट टीम को स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की वापसी का बेसब्री से इंतजार है। चोट के कारण लंबे समय से मैदान से दूर चल रहे हार्दिक की गैरमौजूदगी का असर टीम के संतुलन पर भी पड़ रहा है। भारतीय कप्तान शुभमन गिल का मानना है कि हार्दिक की वापसी से टीम की सातवें और आठवें नंबर की बल्लेबाजी की समस्या दूर हो जाएगी। हालांकि, टीम इंडिया में लौटने से पहले हार्दिक को घरेलू क्रिकेट खेलना होगा।
विज्ञापन
भारत और न्यूजीलैंड के बीच बुधवार से पांच मैचों की वनडे सीरीज शुरू हो रही है। सीरीज से पहले मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिल ने हार्दिक की अहमियत, उनकी फिटनेस और वापसी की संभावनाओं पर बात की। कप्तान ने साफ किया कि टीम अगले विश्व कप को ध्यान में रखते हुए इस ऑलराउंडर की वापसी का इंतजार कर रही है।
Trending Videos
हार्दिक पांड्या
- फोटो : PTI
हार्दिक लौटे तो सातवें-आठवें नंबर की दिक्कत होगी दूर
गिल ने कहा कि हार्दिक के टीम में आने से निचले मध्यक्रम की बल्लेबाजी को मजबूती मिलेगी और टीम का संतुलन बेहतर होगा। उन्होंने कहा, 'अगर हार्दिक पांड्या टीम में आते हैं तो हमारा सातवां और आठवां नंबर भी व्यवस्थित हो जाएगा। बल्लेबाजी के लिहाज से हमारी टीम कहीं ज्यादा संतुलित नजर आएगी।'
हार्दिक आमतौर पर छठे या सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं। वह तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर हैं और जरूरत के मुताबिक टीम को विकेट निकालकर देने के साथ-साथ तेजी से रन बनाने की क्षमता भी रखते हैं। उनकी गैरमौजूदगी में भारतीय टीम को निचले क्रम में बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच संतुलन बनाने में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
हार्दिक पांड्या
- फोटो : ANI
'दुनिया में बहुत कम खिलाड़ियों के पास उनकी क्षमता'
गिल ने हार्दिक की तारीफ करते हुए कहा कि दुनिया में बहुत कम खिलाड़ियों के पास उनकी जैसी क्षमता है। कप्तान के मुताबिक, हार्दिक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह गेंदबाजी के हर चरण में टीम के काम आ सकते हैं। गिल ने कहा, 'सबसे पहले, मुझे लगता है कि वह एक शानदार खिलाड़ी हैं। वह टीम में जो खूबियां लेकर आते हैं, वे दुनिया के बहुत कम खिलाड़ियों में हैं। ऐसा तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर होना, जो नई गेंद से, मध्य ओवरों में और डेथ ओवरों में गेंदबाजी कर सके और साथ ही जिस तरह की बल्लेबाजी वह करते हैं, वह बेहद मूल्यवान है।' उन्होंने आगे कहा, 'यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा है कि वह आईपीएल के बाद से नहीं खेल पाए हैं।'
हार्दिक पांड्या
- फोटो : ANI
इंडिया ए मैचों से पहले फिर हुई थी परेशानी
हार्दिक की वापसी की राह में चोटें लगातार बाधा बन रही हैं। उन्हें भारतीय टीम में लौटने से पहले इंडिया ए के मुकाबले खेलने थे, लेकिन प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी से ठीक पहले उन्हें फिर परेशानी हुई। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी पिंडली पर दबाव से जुड़ी समस्या सामने आई थी। गिल ने बताया कि हार्दिक के साथ उनकी कई बार बातचीत हुई है।
उन्होंने कहा, 'हां, हमारी कई बार बातचीत हुई है। उन्हें इंडिया ए के मैच खेलने थे, लेकिन उससे ठीक पहले उन्हें फिर कुछ छोटी-मोटी परेशानियां हुईं।' कप्तान ने उम्मीद जताई कि हार्दिक जल्द फिट होंगे और घरेलू क्रिकेट खेलने के बाद भारतीय टीम में लौटेंगे। उन्होंने कहा, 'उम्मीद है कि वह जल्द फिट होंगे, कुछ घरेलू क्रिकेट खेलेंगे और फिर हम उन्हें टीम में वापस देखेंगे।'
घरेलू क्रिकेट में साबित करनी होगी फिटनेस
गिल के बयान से साफ है कि हार्दिक को भारतीय टीम में वापसी से पहले घरेलू क्रिकेट में अपनी फिटनेस और मैच खेलने की क्षमता साबित करनी होगी। हालांकि, कप्तान ने किसी विशेष टूर्नामेंट का नाम नहीं लिया है। ऐसे में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी या विजय हजारे ट्रॉफी में उनकी भागीदारी पर नजर रहेगी। बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) से फिटनेस मंजूरी मिलने के बाद ही उनकी घरेलू क्रिकेट में वापसी का रास्ता साफ होगा।
हार्दिक पिछली बार इसी साल 24 मई को आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए खेले थे। फिलहाल वह सीओई में चोट से उबरने पर काम कर रहे हैं। चोट के कारण वह इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड जैसी टीमों के खिलाफ सीरीज में भी नहीं खेल सके हैं। भारतीय टीम ने हार्दिक की गैरमौजूदगी में नीतिश रेड्डी जैसे युवा खिलाड़ियों को मौके दिए हैं, लेकिन हार्दिक का अनुभव और तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के तौर पर उनकी भूमिका टीम के लिए अहम है। 2027 वनडे विश्व कप को देखते हुए उनकी वापसी भारतीय टीम की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। टीम की कोशिश होगी कि वह पूरी तरह फिट होने के बाद ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटें।