इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान की बल्लेबाजी फिर बिखर गई। 133 रन पर ऑलआउट होने के बाद सऊद शकील ने माना कि टीम लगातार वही गलतियां दोहरा रही है और विकेटों का झुंड लग रहा है। शकील ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद साझेदारी नहीं बना पाने को निराशाजनक बताया।
पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कहानी इंग्लैंड में बदलने का नाम ही नहीं ले रही है। हर टेस्ट में शुरुआत में ही विकेटों का ऐसा सिलसिला शुरू होता है कि पूरी पारी संभलने से पहले ही बिखर जाती है। एजबेस्टन में तीसरे टेस्ट के पहले दिन भी यही हुआ। पाकिस्तान की टीम 33.5 ओवर में सिर्फ 133 रन पर सिमट गई और उसके शीर्ष पांच बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू सके। इस बार टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल सऊद शकील भी इस स्थिति से परेशान नजर आए। उन्होंने साफ शब्दों में स्वीकार किया कि बल्लेबाजी इकाई लगातार वही गलतियां दोहरा रही है और मुश्किल परिस्थितियों में विकेटों का झुंड लगने के बाद वापसी करना मुश्किल हो जाता है।
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'बार-बार वही गलतियां दोहरा रहे हैं'
सऊद शकील ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमियों को स्वीकार करते हुए कहा, 'यह निराशाजनक है। हम बल्लेबाजी इकाई के तौर पर बार-बार वही गलती कर रहे हैं। हम एक साथ कई विकेट गंवा रहे हैं और आज कई विकेट काफी आसानी से गंवाए।' उन्होंने आगे कहा, 'हम कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हां, यह निराशाजनक है कि हम लगातार वही गलतियां दोहरा रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि यह आत्मविश्वास की समस्या है। अगर आपके पास इस स्तर पर खेलने का आत्मविश्वास नहीं है तो आपको यहां खेलने का हक नहीं है। लेकिन मुश्किल परिस्थितियों में खराब फॉर्म से बाहर निकलना काफी कठिन हो सकता है।'
बाबर आजम
- फोटो : PTI/BCB
133 रन पर सिमटी पूरी टीम
पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 133 रन बनाए। सऊद शकील ने 43 रन की पारी खेलकर सबसे ज्यादा योगदान दिया, जबकि मोहम्मद अब्बास ने 21 रन बनाए। जोश टंग ने चार, ओली रॉबिन्सन ने तीन और जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट लेकर पाकिस्तान की पारी समेट दी। खास बात यह रही कि पाकिस्तान के शीर्ष पांच बल्लेबाजों में से कोई भी दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका। यह इंग्लैंड में किसी टेस्ट की पहली पारी में पाकिस्तान के शीर्ष पांच बल्लेबाजों के दहाई तक नहीं पहुंचने का पहला ऐसा मामला बताया गया है।
शकील ने परिस्थितियों को भी बताया मुश्किल
शकील ने माना कि एजबेस्टन में शुरुआत में गेंदबाजों को मदद मिल रही थी। उन्होंने कहा, 'पिच समय के साथ बेहतर होने वाली थी, लेकिन शुरुआत में इसमें थोड़ी नमी थी। टॉस हमारे हाथ में नहीं था, लेकिन हम टॉस हार गए और पहले बल्लेबाजी करनी पड़ी। उस समय बादल छाए हुए थे और परिस्थितियां इंग्लैंड के पक्ष में थीं।' उन्होंने कहा, 'यह हमारे लिए साझेदारी बनाने का मौका था, क्योंकि दिन आगे बढ़ने के साथ पिच बेहतर हो गई। नई गेंद से इंग्लैंड के शीर्ष क्रम को भी परेशानी हुई, इसलिए हमारे लिए जरूरी था कि हम नई गेंद का सामना कर लेते।'
शकील ही दे रहे हैं लगातार रन
इस सीरीज में सऊद शकील पाकिस्तान के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रहे हैं। एजबेस्टन में 43 रन के साथ उनके सीरीज में 175 रन हो गए हैं। टीम के किसी अन्य बल्लेबाज ने अभी तक 100 रन का आंकड़ा भी नहीं छुआ है। शकील ने बताया कि विकेट लगातार गिरने के कारण उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की गति भी बदली। उन्होंने कहा, 'मैं किसी भी परिस्थिति की मांग के हिसाब से खेलने की कोशिश करता हूं। जब मेरे आसपास लगातार विकेट गिर रहे थे, तो मेरे लिए सबसे अच्छा विकल्प था कि मैं ज्यादा से ज्यादा रन बनाऊं। इसलिए मैंने अपने आसपास की स्थिति के हिसाब से तेजी से बल्लेबाजी की।'
गेंदबाजों को मिल रही मदद से भी हैरान
शकील ने इंग्लैंड में गेंदबाजों को मिल रही मदद को लेकर भी हैरानी जताई। उन्होंने कहा, 'परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं, खासकर लॉर्ड्स में। वहां जो रूट जैसे बल्लेबाज को भी संघर्ष करना पड़ा और उनकी सीरीज मुश्किल रही है। मैं यहां की परिस्थितियों से भी हैरान था।' उन्होंने कहा, 'अगर आप न्यूजीलैंड की सीरीज से इसकी तुलना करें तो यहां गेंद काफी ज्यादा इधर-उधर घूम रही है। शायद हम इसके आदी नहीं हैं। लेकिन हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे थे। हम अपनी बल्लेबाजी की नाकामी स्वीकार करते हैं, लेकिन परिस्थितियां भी गेंदबाजों के पक्ष में हैं।' पाकिस्तान अब तीन मैचों की सीरीज में 0-2 से पीछे है और एजबेस्टन टेस्ट में भी पहले दिन इंग्लैंड ने 156/4 बनाकर 23 रन की बढ़त हासिल कर ली।