भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट समेत किसी भी खेल में जब भी मैच होता है, तो रोमांच चरम पर पहुंच जाता है। यह मुकाबला सिर्फ रोमांच से नहीं, बल्कि भावनाओं से भी जुड़ा होता है। कई बार इसमें विवाद भी देखने को मिलते हैं। भारत-पाकिस्तान मैच से जुड़ी ऐसी ही एक पुरानी घटना फिर से चर्चा में है। पाकिस्तान के दिग्गज स्पिनर सकलैन मुश्ताक ने, जिन्होंने हाल ही में भारतीय पूर्व स्टार बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग पर आरोप लगाया कि उन्होंने छक्का मारने वाली बात से टीआरपी बटोरी।
सहवाग का ऐतिहासिक तिहरा शतक
साल 2004 के मुल्तान टेस्ट में वीरेंद्र सहवाग ने पाकिस्तान के खिलाफ इतिहास रचते हुए भारत की तरफ से पहला ट्रिपल सेंचुरी (309 रन, 375 गेंद, 35 चौके, 6 छक्के) जमाया था। इस पारी में सकलैन मुश्ताक भी गेंदबाजी कर रहे थे और सहवाग ने अपने 295 के निजी स्कोर पर मुश्ताक की गेंद पर छक्का मारकर 300 का आंकड़ा पार किया था। यह दृश्य आज भी क्रिकेट में अनोखा माना जाता है।
मुश्ताक का दावा: चोट के बावजूद गेंदबाजी की
न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में सकलैन मुश्ताक ने कहा कि सहवाग के बयान का सिर्फ एक पक्ष सामने आता है, जबकि उनकी मुश्किलें किसी ने नहीं बताईं। उन्होंने कहा कि उस मैच में वे चोटिल थे और मजबूरी में गेंदबाजी कर रहे थे।
मुश्ताक ने कहा, 'मुल्तान में जब उसने 300 मारा, तब मेरे कंधे में चोट थी। मैं अस्पताल में था, हाथ नहीं उठा पा रहा था, घुटने में दर्द था, लेकिन हमारे पास दूसरा स्पिनर नहीं था, तो इंजमाम-उल-हक ने कहा कि गेंदबाजी करो। वो मेरा आखिरी मैच था।'
मुश्ताक ने आगे कहा, 'मैं बहाने नहीं बना रहा, लेकिन उन्होंने मुझे केवल दो बार खेला है. चोट के बावजूद, मैंने सीधी लाइन में गेंदबाजी की, पाटा विकेट था… लेकिन मैंने कभी यह बातें नहीं कहीं। उसने इससे टीआरपी बनाई कि सकलैन आएगा तो मैं छक्का मार दूंगा।'
सहवाग के छक्का वाले बयान पर मुश्ताक की चुभन
कई मंचों पर सहवाग ने मजाकिया अंदाज में कहा था कि जब सकलैन आएगा तो मैं छक्का मारूंगा। इस बयान को फैंस ने पसंद भी किया और यह क्रिकेट बातचीत का हिस्सा बन गया। पर मुश्ताक का मानना है कि यह एक तरह से मीडिया हाइप था। उनका कहना है, 'सहवाग ने हेडलाइन बना ली कि मैं छक्का मार दूंगा… उसने इससे टीआरपी बटोरी।'
भारत की बड़ी जीत और तेंदुलकर की अधूरी डबल सेंचुरी
मल्तान टेस्ट सिर्फ सहवाग की वजह से याद नहीं किया जाता, बल्कि सचिन तेंदुलकर के 194* रन की पारी के लिए भी यादगार है। हालांकि, तेंदुलकर डबल सेंचुरी नहीं बना सके क्योंकि भारत ने 675/5 पर पारी घोषित कर दी। भारत ने यह मैच एक पारी और 52 रन से जीता और सहवाग की पारी को आज भी टेस्ट इतिहास की सबसे निडर और आक्रामक पारियों में गिना जाता है।
भारत-पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता का नया एंगल
मुश्ताक के इस बयान से क्रिकेट जगत में फिर वही जुनून लौट आया है कि भारत-पाकिस्तान मैच सिर्फ बैट और बॉल नहीं, बल्कि कहानी, मानसिक दबाव, और मीडिया हाइप भी होता है। सहवाग की पारी ने इतिहास लिखा, लेकिन मुश्ताक के बयान ने अब इसमें मिर्च मसाला डाला है। अब देखने वाली बात होगी कि सहवाग इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।