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भारत बनाम अफगानिस्तान: क्या आलोचनाओं से टूट जाते हैं सैमसन? बोले- मैं मशीन नहीं हूं, थोड़ा असर तो पड़ता ही है

Wed, 16 Sep 2026 08:33 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अफगानिस्तान के खिलाफ जीत के बाद संजू सैमसन ने आलोचनाओं और सोशल मीडिया के शोर पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि बातों का असर पड़ता है क्योंकि वह मशीन नहीं हैं, लेकिन अनुभव ने उन्हें खुद को संभालना सिखाया है। वैभव सूर्यवंशी को टीम में जगह मिलने और अपने बाहर होने को लेकर भी उन्होंने प्रबंधन के फैसले को समझने की बात कही।
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संजू सैमसन - फोटो : BCCI
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रदर्शन के साथ खिलाड़ियों को बाहरी चर्चाओं और आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ता है। संजू सैमसन भी इससे अछूते नहीं हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ जीत के बाद भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ने माना कि सोशल मीडिया और लोगों की बातों का उन पर असर पड़ता है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि समय के साथ उन्होंने इस तरह के दबाव से निपटना सीख लिया है।
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'मैं कोई मशीन या रोबोट नहीं हूं'
मैच के बाद मीडिया से बातचीत में सैमसन ने कहा कि वह बाहरी शोर से खुद को दूर रखने की कोशिश करते हैं, लेकिन कई बार सोशल मीडिया की बातें सामने आ ही जाती हैं। उन्होंने माना कि ऐसी चीजें उन्हें परेशान करती हैं। सैमसन ने कहा, 'मैं वाई-फाई बंद करने की कोशिश करता हूं। लेकिन कभी-कभी वाई-फाई चालू हो जाता है और मैं कुछ सोशल मीडिया कमेंट्स देख लेता हूं। कुछ सीनियर खिलाड़ी कुछ कहते हैं और कुछ नहीं। यह बहुत सामान्य बात है। मुझे लगता है कि यह उनकी पसंद है। कभी-कभी यह उनकी सोच पर निर्भर करता है कि वे किन शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। कई बार मुझे थोड़ा बुरा लगता है। मैं कोई मशीन या रोबोट नहीं हूं। थोड़ा असर तो पड़ता ही है। लेकिन फिर आप खुद से बात करने की कोशिश करते हैं और खुद को याद दिलाते हैं कि आप क्या हैं और आपको क्या करना है।'

'बाहरी शोर से प्रभावित होते हैं क्रिकेटर'
सैमसन ने माना कि भारतीय क्रिकेटरों के लिए बाहरी चर्चाओं से पूरी तरह बच पाना आसान नहीं है। उनके मुताबिक, ऐसे समय में खिलाड़ी को अपनी सोच और तैयारी को लेकर स्पष्ट रहना जरूरी है। उन्होंने कहा, 'हां, भारत में क्रिकेटरों पर बाहरी शोर का असर पड़ता है। लेकिन आपको अपनी सोच को लेकर बहुत स्पष्ट होना चाहिए। आप कैसे तैयारी करना चाहते हैं? आप कैसे खेलना चाहते हैं? अगर मैंने उन चीजों पर ध्यान दिया होता, तो मैं इस तरह बल्लेबाजी नहीं कर पाता।'

वैभव को टीम में जगह मिलने पर क्या बोले?
सैमसन पर टीम में अपनी जगह को लेकर भी दबाव रहा है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन कर ओपनिंग स्लॉट के लिए चुनौती पेश की है। सैमसन ने वैभव के प्रदर्शन और टीम प्रबंधन के फैसले को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा, 'भारतीय टीम में बने रहना आसान काम नहीं है। देखिए, एक 15 साल के लड़के ने 700-800 रन बनाए हैं। उसने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था। उसे किसी न किसी तरह टीम में आना ही था। मैं दो या तीन मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया था। वह अच्छी फॉर्म में था और उस सीरीज में मैच जीतना चाहता था। लीडरशिप के नजरिए से यह बात पूरी तरह समझ में आती है।'

सैमसन ने आगे कहा, 'जैसा कि मैंने पहले कहा, मैं भी ऐसी स्थिति से गुजर चुका हूं। एक कप्तान के तौर पर मैंने भी कई मुश्किल फैसले लिए हैं, इसलिए मैं यह बात समझता हूं। यहीं पर बातचीत अहम हो जाती है। इस सीरीज से पहले भी उन्होंने (हेड कोच गौतम गंभीर) मुझसे काफी बात की थी।'
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कप्तानी में हार को लेकर श्रेयस ने क्या कहा?
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी हार और उससे उबरने की प्रक्रिया पर बात की। उन्होंने कहा, 'शुरुआत में इसे पचाना मुश्किल था, लेकिन सफर हमेशा उतार-चढ़ाव भरा होता है। आपको जितना हो सके संतुलन बनाए रखना होगा। यह सुनिश्चित करना होगा कि आप हर पल का आनंद लें और अतीत में जो हुआ है, उसके बारे में ज्यादा न सोचें।'

इब्राहिम जादरान ने मानी पावरप्ले की गलती
अफगानिस्तान के कप्तान इब्राहिम जादरान ने भारतीय टीम के खिलाफ मुकाबले में पावरप्ले के दौरान अपनी टीम के प्रदर्शन को लेकर निराशा जताई। उन्होंने कहा, 'हमें फिर से काफी संघर्ष करना पड़ा। हमें वह नहीं मिला जो हम चाहते थे। हम पावरप्ले में अच्छा नहीं खेले और उन्होंने हम पर दबाव बनाया। उनके गेंदबाजों को इसका श्रेय जाता है। हम इसमें सुधार करने की कोशिश करेंगे।'
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