चेन्नई सुपर किंग्स को अगर इस सीजन प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखनी थीं, तो दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ जीत बेहद जरूरी थी। एमएस धोनी की गैरमौजूदगी में यह जिम्मेदारी संजू सैमसन ने अपने कंधों पर उठाई और टीम को यादगार जीत दिला दी। कोटला की धीमी पिच पर 155 रन का लक्ष्य आसान नहीं था। चेन्नई की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और टीम ने 45 रन पर दो विकेट गंवा दिए। ऐसे समय में संजू सैमसन ने धैर्य दिखाया और पारी को संभाला। एक समय वह 22 गेंदों पर सिर्फ 22 रन बनाकर खेल रहे थे, लेकिन सेट होने के बाद उन्होंने शानदार अंदाज में गियर बदला।
धैर्य के बाद विस्फोटक अंदाज
संजू ने 52 गेंदों पर नाबाद 87 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में क्लास और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। खासकर दिल्ली के स्पिनरों के खिलाफ उन्होंने समझदारी से रन बटोरे और खराब गेंदों को बाउंड्री तक पहुंचाया। कार्तिक शर्मा ने भी उनका अच्छा साथ निभाया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 66 गेंदों पर नाबाद 114 रन जोड़कर मैच पूरी तरह चेन्नई की झोली में डाल दिया।
शतक नहीं, टीम पहले
मैच के बाद जब संजू से उनके शतक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बेहद सादगी से जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'शतक हमेशा खास होता है, लेकिन उसके लिए मुझे थोड़ा स्वार्थी बनना पड़ता। मैं यह नहीं कह सकता था कि सिंगल मत लो, मुझे शतक पूरा करने दो। मुझे लगा कि टीम को जिताना ज्यादा जरूरी है।' संजू की यही सोच फैंस और दिग्गजों का दिल जीत गई।
गावस्कर और सहवाग ने की तारीफ
सुनील गावस्कर ने संजू की पारी को परिपक्व बल्लेबाजी बताया। उन्होंने कहा, 'धैर्य हमेशा बड़ा इनाम देता है। वह सेट हुए और फिर तेजी से रन बनाए। अगर कार्तिक आखिर में वे शॉट्स नहीं खेलते तो शायद संजू का शतक भी हो जाता, लेकिन उन्होंने टीम के लिए खेला।' वीरेंद्र सहवाग ने भी उनकी समझदारी की तारीफ करते हुए कहा, "वह प्रतिशत क्रिकेट खेल रहे थे और सिर्फ अपनी रेंज की गेंदों पर हमला कर रहे थे। पिछले कुछ वर्षों में उनके खेल की समझ काफी बेहतर हुई है।'
ऑरेंज कैप की दौड़ में भी मजबूत दावेदारी
संजू इस सीजन दो शतक लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज हैं। इसके अलावा उनके नाम एक अर्धशतक भी है। अब वह 402 रन के साथ ऑरेंज कैप की सूची में पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। चेन्नई अगर नॉकआउट में जगह बनाना चाहती है, तो आगे भी टीम को संजू से ऐसी ही बड़ी पारियों की उम्मीद रहेगी। मंगलवार की रात कोटला में धोनी नहीं थे, लेकिन चेन्नई के फैंस को संजू सैमसन के रूप में नया हीरो जरूर मिल गया।