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पीसीबी को करारा जवाब: टेस्ट टीम से बाहर किए जाने के दो हफ्ते बाद सलमान चमके; घरेलू मुकाबले में जड़ा तिहरा शतक

Mon, 14 Sep 2026 01:08 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कराची

सार

इंग्लैंड दौरे के बीच टेस्ट टीम से बाहर किए गए पाकिस्तान के सलमान अली आगा ने घरेलू क्रिकेट में शानदार वापसी की है। उन्होंने प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी के मुकाबले में किंग्समेन अकादमी के लिए नाबाद 300 रन बनाए। अपनी इस पारी को सलमान ने मुश्किल दौर के बीच आत्मविश्वास लौटाने वाली पारी बताया और कहा कि बल्लेबाजी में किए गए छोटे बदलाव उनके लिए फायदेमंद रहे।
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सलमान अली आगा - फोटो : Twitter
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विस्तार
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पाकिस्तान की टेस्ट टीम से बाहर किए जाने के करीब दो सप्ताह बाद सलमान अली आगा ने घरेलू क्रिकेट में ऐसा जवाब दिया है, जिसने उनकी वापसी की उम्मीदों को फिर जिंदा कर दिया है। प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी के पहले दौर में किंग्समेन एकेडमी की ओर से खेलते हुए सलमान ने मार्कहोर आईटी सॉल्यूशंस के खिलाफ नाबाद 300 रन ठोक दिए। उन्होंने 336 गेंदों का सामना किया और अपनी टीम को सात विकेट पर 565 रन के स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह सलमान अली आगा का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अब तक का सर्वोच्च स्कोर भी है। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 169 रन था। खास बात यह है कि यह बड़ी पारी उस समय आई है, जब हाल ही में उन्हें पाकिस्तान की टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया था।
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खराब फॉर्म के बाद किया बल्लेबाजी में बदलाव
सलमान ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से जारी वीडियो में अपनी पारी और फॉर्म को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने माना कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका प्रदर्शन हाल के कुछ मुकाबलों में अच्छा नहीं रहा था और इसी दौरान उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में कुछ बदलाव किए। उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पिछले कुछ सीरीज में मेरी फॉर्म उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। आप कुछ बदलाव करते हैं, जो फॉर्म हासिल करने में काफी मददगार हो सकते हैं। मैंने भी अपनी बल्लेबाजी में कुछ छोटे बदलाव किए, जिससे मुझे काफी फायदा हुआ। मैं बहुत खुश हूं, क्योंकि इस तरह की उपलब्धियां जिंदगी में कभी-कभार ही मिलती हैं।'

सलमान के लिए यह पारी इसलिए भी अहम है क्योंकि इंग्लैंड के खिलाफ एक टेस्ट में वह सिर्फ 25 रन बना सके थे। हेडिंग्ले टेस्ट में बाबर आजम की अंगुली की चोट के कारण उन्हें कप्तानी करने का मौका मिला था, लेकिन लॉर्ड्स टेस्ट में बाबर की वापसी के बाद सलमान को प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया गया। इसके बाद तीसरे टेस्ट से पहले उन्हें वापस घर भेज दिया गया था। पाकिस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 0-3 से गंवाई थी।

सलमान आगा - फोटो : IANS
पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन के बीच आया बड़ा फैसला
इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में हार पाकिस्तान की पिछले 21 टेस्ट में 16वीं हार थी। टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की नौ टीमों वाली तालिका में सबसे नीचे यानी नौवें स्थान पर है। पिछले चक्र में भी पाकिस्तान का यही स्थान था। लगातार खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में खिलाड़ियों के घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने की मांग तेज हुई है। नए केंद्रीय अनुबंधों के तहत पीसीबी ने ए श्रेणी के टेस्ट स्पेशलिस्ट के लिए हर साल कम से कम छह और एबी श्रेणी के टेस्ट-वनडे स्पेशलिस्ट के लिए कम से कम चार घरेलू प्रथम श्रेणी मैच खेलना जरूरी किया है। सलमान ने पिछले तीन वर्षों में सिर्फ तीन प्रथम श्रेणी मैच खेले थे। ऐसे में उनकी यह वापसी पीसीबी की नई नीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

'अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना बहुत जरूरी'
सलमान ने घरेलू क्रिकेट में लौटने के महत्व को भी बताया। उन्होंने कहा, 'एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना बहुत महत्वपूर्ण है और मुझे लगता है कि हर क्रिकेटर को जब भी मौका मिले, घरेलू क्रिकेट खेलना चाहिए। मैं भी यही करता हूं और घरेलू क्रिकेट में वापस आकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।' उन्होंने बताया कि वह करीब 10 साल तक घरेलू क्रिकेट खेल चुके हैं और शीर्ष स्तर तक पहुंचने से पहले इसी क्रिकेट ने उन्हें तैयार किया।

रिजवान और सलमान आगा - फोटो : IANS
72 रन पर तीन विकेट गिरे, फिर बदली तस्वीर
सलमान की पारी सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रही। किंग्समेन अकादमी की टीम 72 रन पर तीन विकेट गंवा चुकी थी। इसके बाद सलमान ने मोहम्मद सुलेमान के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 274 रन की साझेदारी की। सुलेमान ने भी प्रथम श्रेणी क्रिकेट में छठा शतक लगाया। सलमान ने कहा कि उस समय उनका ध्यान किसी व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर नहीं था, बल्कि साझेदारी बनाने और हर गेंद पर ध्यान देने पर था।

उन्होंने कहा, 'हम 72 रन पर तीन विकेट गंवा चुके थे और स्थिति थोड़ी मुश्किल थी। मैंने सुलेमान से बात की कि हमें साझेदारी बनानी चाहिए, क्योंकि अगर हम लंबे समय तक टिके रहे तो इन परिस्थितियों में बड़ा स्कोर बना सकते हैं। मैं बाद में आने वाले बल्लेबाजों के साथ भी साझेदारियां बनाने की कोशिश कर रहा था। मैं किसी मील के पत्थर या शतक के बारे में नहीं सोच रहा था, बल्कि जो सामने था उसी पर ध्यान दे रहा था और हर गेंद पर एकाग्र था।'
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सलमान आगा - फोटो : ANI
मुश्किल दौर में परिवार को समर्पित की पारी
तिहरे शतक के बाद सलमान ने इस पारी को अपने परिवार को समर्पित किया। उन्होंने माना कि पिछले कुछ समय में उनका फॉर्म अच्छा नहीं रहा और यह दौर उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। सलमान ने कहा, 'मैं यह पारी अपने परिवार को समर्पित करता हूं। मेरी फॉर्म अच्छी नहीं रही और यह मेरे लिए चुनौतीपूर्ण समय था, इसलिए मैं यह पारी अपने परिवार को समर्पित करता हूं।' अब सलमान के सामने चुनौती घरेलू क्रिकेट में इस फॉर्म को बरकरार रखने और फिर पाकिस्तान की टेस्ट टीम में जगह बनाने की होगी। वहीं, पाकिस्तान के लिए भी यह देखना अहम होगा कि घरेलू क्रिकेट में खिलाड़ियों को नियमित मौके देने की नई नीति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीम के प्रदर्शन को कितना बदल पाती है।
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