कोचिंग स्टाफ ने क्यों चुना रिंकू सिंह?
भारतीय टीम के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच ए.आई. हर्षा ने रिंकू सिंह की तारीफ करते हुए कहा, 'एक अच्छे और महान खिलाड़ी के बीच सबसे बड़ा अंतर दबाव को संभालने की क्षमता होती है। और दबाव को संभालने की यह क्षमता उसके नजरिए से तय होती है। महान खिलाड़ी दबाव को बोझ नहीं, बल्कि अवसर के रूप में देखते हैं। आज के हमारे विजेता ने भी पूरे इरादे के साथ ऐसा ही किया। मैदान पर हों या मैदान के बाहर, उन्होंने हमेशा एक जैसा अनुशासन और निरंतरता दिखाई। उन्होंने हर परिस्थिति में अपनी दिनचर्या का पालन किया। यह पुरस्कार सिर्फ प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि लगातार जुनून, इरादे और शानदार रवैया दिखाने के लिए दिया जा रहा है। यह सम्मान रिंकू सिंह को जाता है।'
रिंकू ने टीम को दिया श्रेय
अवॉर्ड मिलने के बाद रिंकू सिंह ने कोचिंग स्टाफ का धन्यवाद किया और पूरी टीम को जीत का श्रेय दिया। उन्होंने कहा, 'इस खूबसूरत मेडल के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद और हर्षा सर का भी शुक्रिया। यह हमारे लिए शानदार सीरीज रही। पूरी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और सभी खिलाड़ियों ने अपना पूरा योगदान दिया। बहुत-बहुत धन्यवाद।'
तीसरे मैच में खेली उपयोगी पारी
रिंकू सिंह ने तीसरे टी20 मुकाबले में 14 गेंदों पर 25 रन की तेज पारी खेली। उनकी पारी में दो चौके और एक छक्का शामिल रहा। उनकी उपयोगी बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट पर 192 रन बनाए। इस मैच में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 49 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेली, जबकि ईशान किशन ने 29 रन का योगदान दिया।
भारत ने किया क्लीन स्वीप
193 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में सात विकेट पर 157 रन ही बना सकी। भारत की ओर से तेज गेंदबाज मयंक यादव ने 29 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि यश ठाकुर ने दो विकेट हासिल किए। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की टी20 सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली।
'बेस्ट एटीट्यूड ऑफ द मैच' अवॉर्ड विजेता
| मैच |
खिलाड़ी |
| पहला टी20 |
तिलक वर्मा |
| दूसरा टी20 |
ईशान किशन |
| तीसरा टी20 |
रिंकू सिंह |