राजस्थान रॉयल्स की मालिकाना हिस्सेदारी से जुड़ा 15,600 करोड़ रुपये का बड़ा सौदा अब कानूनी विवादों में घिर सकता है। क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, मशहूर उद्योगपति लक्ष्मी एन. मित्तल, उनके बेटे आदित्य मित्तल और अदार पूनावाला ने आईपीएल फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स में बहुमत हिस्सेदारी खरीद ली है, लेकिन इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
कानूनी लड़ाई की तैयारी
क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले रेस में शामिल काल सोमानी समूह इस सौदे से नाराज है और कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। समूह के करीबी सूत्र ने कहा, 'हमने अमेरिका में लीगल और पीआर टीम से बात की है। हम अपनी रणनीति तय कर रहे हैं। एक कानूनी नोटिस भेजा जाएगा।' सूत्र ने यह भी बताया कि इस मामले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को भी पत्र भेजा जाएगा।
डील पर उठे सवाल
सोमानी समूह का दावा है कि सौदे के दौरान कई अहम सवालों के जवाब नहीं दिए गए। सूत्र के मुताबिक, 'हमने पूछा था कि क्या बीसीसीआई के बकाया भुगतान हो चुके हैं। कानूनी मामलों की स्थिति क्या है। ऐसे सैकड़ों सवाल थे। हम पिछले 10 दिनों से डील पूरी करने को तैयार थे, लेकिन जानबूझकर देरी की गई और दूसरी तरफ सौदेबाजी चलती रही।'
नई हिस्सेदारी का ढांचा
मित्तल परिवार की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि सौदा तय हो चुका है। इसके तहत करीब 75 प्रतिशत हिस्सेदारी मित्तल परिवार के पास होगी, जबकि अदार पूनावाला लगभग 18 प्रतिशत हिस्सेदारी रखेंगे। बाकी 7 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूदा स्वीकृत निवेशकों के पास रहेगी, जिसमें मनोज बादाले भी शामिल हैं।
बोर्ड में कौन-कौन?
नई संरचना के तहत बोर्ड में लक्ष्मी मित्तल, आदित्य मित्तल, वनीशा मित्तल-भाटिया, अदार पूनावाला और मनोज बादाले शामिल होंगे। बादाले भविष्य में भी टीम के साथ जुड़े रहेंगे।
मित्तल परिवार का बयान
- लक्ष्मी मित्तल ने कहा, 'मुझे क्रिकेट से प्यार है और मेरा परिवार राजस्थान से है, इसलिए राजस्थान रॉयल्स से बेहतर कोई आईपीएल टीम नहीं हो सकती जिसका मैं हिस्सा बनूं।'
- आदित्य मित्तल ने कहा, 'रॉयल्स नई प्रतिभाओं को निखारने के लिए जानी जाती है और हम इस विरासत को आगे बढ़ाएंगे।'
- अदार पूनावाला ने कहा, 'राजस्थान रॉयल्स एक शानदार विरासत वाली फ्रेंचाइजी है और मैं इसके भविष्य का हिस्सा बनकर खुश हूं।'