क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना मैच के 11वें ओवर के दौरान हुई, जब कैमरे में रोमी भिंडर फोन इस्तेमाल करते हुए कैद हो गए। खास बात यह रही कि वायरल फोटो-वीडियो में वह टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के ठीक बगल में बैठे दिखे। इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने इसे एंटी-करप्शन नियमों का उल्लंघन बताया। हालांकि, इस मामले पर अभी तक राजस्थान रॉयल्स की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कथित तौर पर वीडियो तबका है जब राजस्थान को जीत के लिए 55 गेंद में 62 रन की जरूरत थी। ध्रुव जुरेल और रवींद्र जडेजा बैटिंग कर रहे थे।
पीएमओए प्रोटोकॉल क्या कहता है?
आईपीएल के पीएमओए (प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया) प्रोटोकॉल 2026 के मुताबिक, डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है।
नियमों के मुताबिक:
- टीम मैनेजर फोन अपने पास रख सकता है, लेकिन डगआउट में उसका इस्तेमाल नहीं कर सकता।
- फोन का उपयोग केवल ड्रेसिंग रूम एरिया में ही किया जा सकता है।
- कुछ चुनिंदा अधिकृत सदस्यों को ही विशेष परिस्थितियों में अनुमति होती है।
इस लिहाज से देखा जाए तो अगर वीडियो सही पाया जाता है, तो यह नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना जाएगा।
ललित मोदी ने उठाए बड़े सवाल
आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'डगआउट में मोबाइल फोन होना पूरी तरह से मना है। अगर ऐसा हुआ है, तो आईपीएल गवर्निंग काउंसिल को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।' एक अन्य पोस्ट में उन्होंने सवाल उठाया, 'यह पूरी तरह गलत है। एंटी करप्शन यूनिट कहां थी?'