वकील ने मोबाइल फोन जब्त करने का उठाया मुद्दा
रिजवान के वकील ने अदालत में दावा किया कि लॉर्ड्स टेस्ट के बाद उनके मुवक्किल को होटल की लॉबी में बुलाया गया और बिना नोटिस के पूछताछ की गई। इस दौरान उनका मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया गया। वकील के मुताबिक, रिजवान ने इस भरोसे पर अपना फोन सौंपा था कि उसे तीन घंटे बाद वापस कर दिया जाएगा, लेकिन अब तक फोन वापस नहीं किया गया। उन्होंने इसे मामले में दुर्भावना का संकेत बताया। रिजवान के वकील ने यह भी तर्क दिया कि क्रिकेटरों को भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों से बचाने और उनकी जांच के लिए आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट उचित मंच है। उनका कहना था कि रिजवान से जुड़े मामले को आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट के पास नहीं भेजा गया।
NCCIA की जांच पर टिकी पीसीबी की नजर
रिजवान ने अपनी याचिका में एनसीसीआईए के समन को चुनौती देते हुए एजेंसी के अधिकार क्षेत्र और जांच की प्रकृति पर भी सवाल उठाए थे। हालांकि, हाईकोर्ट ने अब उनकी याचिका खारिज कर दी है। मामले से जुड़े एक विश्वसनीय सूत्र के मुताबिक, एनसीसीआईए फिलहाल रिजवान और इमाम-उल-हक से लिए गए मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कर रही है। एजेंसी अगले सप्ताह तक अपनी रिपोर्ट पीसीबी को सौंप सकती है।
रिपोर्ट आने के बाद पीसीबी लेगा फैसला
सूत्र ने बताया कि दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ पीसीबी की कार्रवाई काफी हद तक एनसीसीआईए की फोरेंसिक जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी। अगर जांच में कुछ असामान्य नहीं मिलता है तो दोनों खिलाड़ियों को राहत मिल सकती है। इस तरह फिलहाल पीसीबी की अगली कार्रवाई एनसीसीआईए की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही रिजवान और इमाम के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाने को लेकर तस्वीर साफ होगी।
पहली बार साइबर एजेंसी तक पहुंचा मामला
यह मामला इसलिए भी असामान्य माना जा रहा है क्योंकि यह पहली बार है जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों के खिलाफ किसी साइबर अपराध जांच एजेंसी में शिकायत दर्ज कराई है। पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं और एनसीसीआईए उनके मंत्रालय के अधीन काम करती है। ऐसे में रिजवान और इमाम से हुई पूछताछ ने पाकिस्तान क्रिकेट में चल रहे विवाद को और गंभीर बना दिया है। फिलहाल दोनों खिलाड़ी जांच के दायरे में हैं और एनसीसीआईए की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ड्रेसिंग रूम की कथित जानकारी लीक होने के मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।