इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में पाकिस्तान का 0-3 से सफाया सिर्फ एक और सीरीज हार नहीं है। इस हार ने टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान की लगातार बिगड़ती स्थिति की कई परतें खोल दी हैं। घर से बाहर टीम की हालत इतनी खराब है कि पिछले 12 टेस्ट में उसे सिर्फ एक जीत मिली है।
इंग्लैंड में मिली इस हार के साथ पाकिस्तान ने पिछले चार साल में तीन या उससे ज्यादा मैचों वाली 12 टेस्ट सीरीज में छठी बार क्लीन स्वीप झेला है, लेकिन कहानी सिर्फ इन आंकड़ों तक सीमित नहीं है। इस सीरीज में बल्लेबाजी से लेकर गेंदबाजी और साझेदारियों तक ऐसे कई रिकॉर्ड बने, जिन्होंने पाकिस्तान के संकट की तस्वीर और साफ कर दी। आइए जानते हैं इस 0-3 की हार से जुड़े वे सभी बड़े रिकॉर्ड, जो पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी हैं...
बाबर आजम
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1. चार साल में छठी बार पाकिस्तान का सफाया
इंग्लैंड ने पाकिस्तान को टेस्ट क्रिकेट में दूसरी बार 3-0 से क्लीन स्वीप किया। इससे पहले 2022 में पाकिस्तान में खेली गई तीन मैचों की सीरीज में भी इंग्लैंड ने उसका सफाया किया था। पाकिस्तान पिछले चार वर्षों में दो या उससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में छह बार क्लीन स्वीप हो चुका है। यानी पिछली 12 ऐसी टेस्ट सीरीज में आधी बार पाकिस्तान का पूरी तरह सफाया हुआ है।
2. विदेश में 12 टेस्ट में सिर्फ एक जीत
पाकिस्तान का विदेशी जमीन पर खराब प्रदर्शन भी चिंता बढ़ाने वाला है। पिछले 12 विदेशी टेस्ट मैचों में टीम को सिर्फ एक जीत मिली है, जबकि उसे 11 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। यह रिकॉर्ड बताता है कि पाकिस्तान के लिए घर से बाहर टेस्ट क्रिकेट में चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।
बाबर आजम
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3. आठ टेस्ट सीरीज में नहीं लगा एक भी शतक
इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में भी कोई बल्लेबाज शतक नहीं लगा सका। यह पाकिस्तान की उस खराब बल्लेबाजी की तस्वीर है, जो लंबे समय से टीम की परेशानी बनी हुई है। कुल मिलाकर आठ ऐसी टेस्ट सीरीज हो चुकी हैं जिनमें कोई व्यक्तिगत शतक नहीं लगा। इंग्लैंड में ऐसा सिर्फ एक और बार हुआ था- 1888 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज में।
4. बिना शतक वाली सीरीज में 20 अर्धशतक
दिलचस्प बात यह है कि शतक नहीं लगने के बावजूद इस सीरीज में कुल 20 अर्धशतक बने। बिना किसी शतक वाली टेस्ट सीरीज में यह सबसे ज्यादा अर्धशतकों का रिकॉर्ड है। बर्मिंघम टेस्ट में ही 11 अर्धशतक लगे, जो किसी टेस्ट में संयुक्त रूप से दूसरे सबसे ज्यादा हैं।
ओली रॉबिन्सन
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5. ओली रॉबिन्सन का गेंदबाजी औसत 8.76
इंग्लैंड के ओली रॉबिन्सन ने इस सीरीज में 20 या उससे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में 8.76 के औसत से छठा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी औसत दर्ज किया। उनसे बेहतर औसत रखने वाले सभी पांच गेंदबाज इंग्लैंड के ही रहे हैं। इनमें सबसे हालिया नाम टोनी लॉक का है, जिन्होंने 1958 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 7.47 के औसत से 34 विकेट लिए थे।
6. पाकिस्तान के शुरुआती दो विकेटों की साझेदारी सिर्फ 4.66
पाकिस्तान के लिए बल्लेबाजी में सबसे बड़ी चिंता उसकी शुरुआत रही। सीरीज की छह पारियों में टीम के पहले दो विकेटों के लिए कुल 56 रन ही बने। इस तरह पहले दो विकेटों की साझेदारी का औसत सिर्फ 4.66 रहा, जो कम से कम पांच पारियों वाली किसी टेस्ट सीरीज में किसी भी टीम का सबसे खराब औसत है।
जो रूट का रिकॉर्ड
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7. जो रूट के लिए घरेलू सीजन में फिर शतक का सूखा
इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट 2026 में घरेलू टेस्ट सीजन में अब तक शतक नहीं लगा सके हैं। यह तीसरा घरेलू टेस्ट सीजन है जब रूट के नाम एक भी शतक नहीं है। इससे पहले 2019 और 2020 में भी वह घरेलू टेस्ट सीजन में शतक नहीं लगा पाए थे। 2026 में रूट ने छह टेस्ट में 33.50 के औसत से रन बनाए हैं। यह किसी कैलेंडर वर्ष में उनका दूसरा सबसे कम औसत है। उनका सबसे खराब औसत 2019 में 29.83 रहा था।
8. रूट को आठ बार एल्बीडब्ल्यू किया गया
2026 के टेस्ट सीजन में रूट 11 पारियों में आठ बार एलबीडब्ल्यू आउट हुए हैं। किसी टेस्ट सीजन में किसी बल्लेबाज के लिए एलबीडब्ल्यू आउट होने का यह सबसे ज्यादा आंकड़ा है।
रजाउल्लाह
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9. डेब्यू पर रजाउल्लाह के नौ छक्के
पाकिस्तान के रजाउल्लाह ने अपने टेस्ट डेब्यू की दूसरी पारी में नौ छक्के लगाए। किसी बल्लेबाज द्वारा टेस्ट डेब्यू की पारी में लगाए गए सर्वाधिक छक्कों के मामले में यह संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा है। उन्होंने न्यूजीलैंड के टिम साउदी की बराबरी की, जिन्होंने 2008 में नेपियर में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू टेस्ट में नौ छक्के लगाए थे।
10. इंग्लैंड में एक टेस्ट पारी में नौ छक्के
रजाउल्लाह के नौ छक्के इंग्लैंड में किसी टेस्ट पारी में लगाए गए संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा छक्के भी हैं। उन्होंने बेन स्टोक्स की बराबरी की, जिन्होंने 2023 में लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नौ छक्के लगाए थे।
रजाउल्लाह
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11. पाकिस्तान के लिए दूसरी सबसे बड़ी छक्कों की संख्या
पाकिस्तान की ओर से किसी टेस्ट पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में रजाउल्लाह संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनके नौ छक्कों से आगे सिर्फ वसीम अकरम हैं, जिन्होंने 1997 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे।
12. तेज गेंदबाजों के खिलाफ आठ छक्के
रजाउल्लाह के नौ छक्कों में से आठ तेज गेंदबाजों के खिलाफ आए। टेस्ट की एक पारी में तेज गेंदबाजों के खिलाफ सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड नाथन एस्टल के नाम है, जिन्होंने 10 छक्के लगाए थे। बेन स्टोक्स भी 2023 में लॉर्ड्स टेस्ट में तेज गेंदबाजों के खिलाफ आठ छक्के लगा चुके हैं।
पाकिस्तान टीम
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13. डेब्यू पर अर्धशतक और चार विकेट लेने वाले पहले पाकिस्तानी
रजाउल्लाह ने टेस्ट डेब्यू पर अर्धशतक लगाने के साथ चार विकेट भी लिए। वह पाकिस्तान के पहले खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने डेब्यू टेस्ट में यह दोहरा कारनामा किया। विश्व क्रिकेट में वह डेब्यू पर अर्धशतक और चार विकेट लेने वाले 17वें पुरुष खिलाड़ी हैं। इस सूची में उनसे कम उम्र में यह कारनामा सिर्फ टिम साउदी ने किया था।
14. पहली दो विकेट पर दोनों टीमों के सिर्फ दो रन
बर्मिंघम टेस्ट की दूसरी पारियों में पाकिस्तान और इंग्लैंड ने अपनी पहली दो विकेटों के लिए मिलकर सिर्फ दो रन जोड़े। टेस्ट क्रिकेट में पहली दो विकेटों पर दोनों टीमों द्वारा मिलकर बनाए गए यह सबसे कम रन हैं। हालांकि, दोनों टीमों ने इसके बाद तीसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की। ये साझेदारियां दो या उससे कम रन पर दो विकेट गिरने के बाद तीसरे विकेट की शीर्ष पांच साझेदारियों में शामिल रहीं।
मोहम्मद अब्बास
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15. पहली ओवर में दोनों टीमों ने झटके दो-दो विकेट
इंग्लैंड के ओली रॉबिन्सन और पाकिस्तान के मोहम्मद अब्बास ने अपनी-अपनी टीम की दूसरी पारी के पहले ओवर में दो-दो विकेट लिए। टेस्ट क्रिकेट में यह पहली बार हुआ जब किसी टेस्ट में दोनों टीमों की पहली ओवर की गेंदबाजी में एक से ज्यादा विकेट गिरे।
16. 449 रन के बावजूद पाकिस्तान की खास उपलब्धि
पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 449 रन बनाए। पहली दो विकेट बिना कोई रन बनाए गंवाने के बाद किसी टीम का यह दूसरा सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर है। इस मामले में भारत सबसे आगे है, जिसने 1983 में चेन्नई में वेस्टइंडीज के खिलाफ 0 रन पर दो विकेट गंवाने के बाद 451/8 का स्कोर बनाया था।