इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-2 से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव हुआ है। PCB ने सात खिलाड़ियों और दो कोचिंग सदस्यों को दौरे से वापस बुला लिया। पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे प्रदर्शन से ज्यादा पाकिस्तान क्रिकेट में लंबे समय से चले आ रहे अंदरूनी मतभेद और अस्थिरता का हिस्सा बताया है।
इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 0-2 से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है। टीम को पहले हेडिंग्ले में पारी और 103 रन से हार मिली थी, जबकि लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 194 रन से शिकस्त दी। सीरीज हाथ से निकलने के बाद PCB ने सात खिलाड़ियों और दो कोचिंग सदस्यों को दौरे से वापस भेज दिया। पीसीबी के इस फैसले ने पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर अस्थिरता और टीम प्रबंधन को लेकर बहस छेड़ दी है। पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ ने भी बदलाव के तरीके पर सवाल उठाते हुए इसे महज प्रदर्शन से जुड़ा फैसला मानने से इनकार किया है।
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यूसुफ बोले- यह सिर्फ प्रदर्शन का मामला नहीं
यूसुफ ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'हाल ही में अधिकारियों द्वारा चल रहे दौरे से खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को वापस बुलाने का फैसला केवल प्रदर्शन से जुड़ा हुआ नहीं लगता।' उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट में बार-बार सामने आने वाली अंदरूनी खींचतान पर भी निशाना साधा।
यूसुफ ने कहा, 'आखिर हम जहीर अब्बास, जावेद मियांदाद, इंजमाम-उल-हक या सईद अनवर जैसे दिग्गजों को उनकी जगह लेने के लिए नहीं भेज रहे हैं। इसके बजाय यह कदम पाकिस्तान क्रिकेट में लंबे समय से चली आ रही अंदरूनी अव्यवस्था, मतभेदों और विवादों के उसी परिचित चक्र को दिखाता है।'
90 टेस्ट में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने वाले और 7500 से ज्यादा रन बनाने वाले यूसुफ ने कहा कि 1992 विश्व कप की ऐतिहासिक जीत के बाद से ऐसी स्थिति बार-बार सामने आती रही है। उन्होंने कहा, '1992 विश्व कप की गौरवपूर्ण जीत के बाद से ऐसी उथल-पुथल बार-बार सामने आती रही है, जिसने टीम की स्थिरता को कमजोर किया है और क्रिकेट से ध्यान भटकाया है।'
यूसुफ
- फोटो : IANS
सात खिलाड़ी और दो कोच वापस बुलाए गए
पीसीबी ने दूसरे टेस्ट के बाद मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान अली आगा, अली उस्मान, आमिर जमाल, मुहम्मद अवैस जफर और खुर्रम शहजाद को टेस्ट टीम से रिलीज कर दिया। इसके अलावा रेड-बॉल हेड कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी वापस बुलाया गया है। दौरे के बाकी हिस्से के लिए व्हाइट-बॉल हेड कोच माइक हेसन और एशले नॉफ्के को कोचिंग की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
तीसरे टेस्ट में नई टीम के साथ उतरेगा पाकिस्तान
सीरीज का तीसरा टेस्ट पाकिस्तान के लिए सम्मान बचाने की चुनौती होगा। तीसरे टेस्ट के लिए पाकिस्तान की टीम में बाबर आजम, अब्दुल्ला फजल, अब्दुल्ला शफीक, अराफात मिन्हास, अजान अवैस, मोहम्मद अब्बास, मोहम्मद अली, मुहम्मद इमरान, मोहम्मद इमरान जूनियर, मुहम्मद गाजी घोरी, रजाउल्लाह, साद बैग, साइम अयूब, साजिद खान, सऊद शकील, शान मसूद और उबैद शाह को शामिल किया गया है। ऐसे में टीम में कई नए चेहरों और अलग संयोजन के साथ पाकिस्तान तीसरे टेस्ट में उतरता नजर आएगा।
यूसुफ की चेतावनी- बोर्डरूम नहीं, मैदान पर ध्यान दे पाकिस्तान
यूसुफ ने पाकिस्तान क्रिकेट में लगातार होने वाली उथल-पुथल के असर को लेकर भी चेताया। उन्होंने कहा, 'हमने पहले भी कई अलग-अलग रूपों में ऐसी उथल-पुथल झेली है और हर घटना ने टीम की प्रगति और प्रशंसकों के भरोसे पर गहरे निशान छोड़े हैं।' पूर्व कप्तान ने आगे कहा, 'सबक बिल्कुल स्पष्ट है। केवल मजबूत प्रदर्शन और लगातार सकारात्मक नतीजे ही इस शोर को शांत कर सकते हैं। पाकिस्तान क्रिकेट को विश्वसनीयता बहाल करने और प्रशंसकों का भरोसा जीतने के लिए बोर्डरूम के बजाय मैदान पर ध्यान देना होगा। सफलता ही इस शोर का सबसे प्रभावी इलाज है।' अब तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान की नई टीम के प्रदर्शन पर सभी की नजरें होंगी। दो बड़ी हार के बाद टीम के सामने सिर्फ इंग्लैंड को रोकने की चुनौती नहीं है, बल्कि लगातार बदलते फैसलों के बीच अपने क्रिकेट को पटरी पर लाने की भी परीक्षा है।