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Robin Uthappa: रॉबिन उथप्पा ने क्यों कहा- आईसीसी टूर्नामेंट अब कम खास रह गए? बोले- फैंस का उत्साह कम हो रहा

Fri, 09 Jan 2026 03:29 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, डरबन

सार

रॉबिन उथप्पा ने कहा कि ICC द्वारा हर साल बड़े टूर्नामेंट कराए जाने से उनकी पहचान समाप्त हो रही है। पिछले डेढ़ वर्ष में चार बड़े ICC इवेंट हुए, जिससे दर्शकों और खिलाड़ियों दोनों के लिए उनका महत्व कम हो गया। उथप्पा के अनुसार, क्रिकेट प्रशासन को यह मानना होगा कि टूर्नामेंट्स में अंतराल रखना जरूरी है ताकि वे प्रीमियम बने रहें।
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उथप्पा - फोटो : ANI
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विस्तार
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पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के शेड्यूल पर सवाल उठाते हुए कहा है कि हाल के वर्षों में लगातार आयोजित हो रहे बड़े आईसीसी टूर्नामेंट खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए अपनी पहचान खो रहे हैं। वह इस समय दक्षिण अफ्रीका में दक्षिण अफ्रीकी टी20 लीग एसए20 लीग के दौरान कमेंट्री कर रहे हैं।
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आईसीसी शेड्यूल पर उथप्पा की चिंता
डरबन में मीडिया से बातचीत के दौरान उथप्पा ने कहा कि क्रिकेट प्रशासन को यह समझने की जरूरत है कि आईसीसी चैंपियनशिप्स का हर साल आयोजित होना उनके महत्व को कम कर रहा है। उनके मुताबिक, अब एक आईसीसी टूर्नामेंट हर साल होता है, जिससे दर्शकों और प्रशंसकों के लिए उसका मूल्य कम हो रहा है। इसकी नवीनता खत्म हो रही है। खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए टूर्नामेंट का मायने होना चाहिए, और इसके बीच अंतराल जरूरी है।'

छोटे अंतराल में चार बड़े आईसीसी इवेंट
पिछले डेढ़ साल में आईसीसी कैलेंडर में चार बड़े इवेंट शामिल हुए। इनमें सितंबर-नवंबर 2025 में महिला वनडे विश्व कप, फरवरी-मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी, जून 2025 में डब्ल्यूटीसी फाइनल, फरवरी-मार्च 2026 में पुरुष टी20 विश्व कप शामिल हैं। उथप्पा के मुताबिक, इतने कम समय में इतने बड़े इवेंट होने से उनका प्रीमियम प्रभाव कम हो रहा है।
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'हर साल ICC चैंपियनशिप नहीं होनी चाहिए'
उथप्पा ने प्रशासनिक स्तर पर बदलाव की मांग करते हुए कहा कि खेल किस दिशा में जा रहा है, यह समझना जरूरी है। उन्होंने कहा, 'हमें हर साल ICC चैंपियनशिप नहीं करनी चाहिए। यह कठिन सच है जिसे प्रशासकों को समझना होगा। खेल जिस ओर जा रहा है, उसी दिशा में बहना होगा।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि बढ़ती फ्रेंचाइजी लीग्स और व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के बीच आईसीसी इवेंट्स को प्रीमियम बनाए रखना चुनौती बन चुका है।
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