रणजी ट्रॉफी में मुंबई के युवा ऑलराउंडर मुशीर खान ने गेंद और बल्ले से शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया। हरियाणा के खिलाफ एलीट ग्रुप डी मुकाबले में मुशीर ने शतक लगाने के साथ पांच विकेट लेने का कारनामा किया। वह 21वीं सदी में एक ही रणजी ट्रॉफी मैच में शतक और पांच विकेट लेने वाले मुंबई के पहले खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले 1990-91 सत्र में रवि शास्त्री ने यह उपलब्धि हासिल की थी।
मुशीर के शानदार प्रदर्शन से मुंबई ने पहली पारी में हरियाणा पर 160 रन की बढ़त हासिल की। मुंबई ने पहली पारी में 430 रन बनाए, जिसके जवाब में हरियाणा की टीम 270 रन पर सिमट गई। मुशीर ने 85 रन देकर छह विकेट झटके और हरियाणा के शुरुआती पांच विकेट भी अपने नाम किए।
हरियाणा पर फॉलोऑन का दबाव
मुंबई ने हरियाणा को फॉलोऑन खेलने पर मजबूर किया। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक हरियाणा ने दूसरी पारी में दो विकेट पर 73 रन बना लिए थे। टीम अभी भी 87 रन पीछे थी और उसके आठ विकेट बाकी थे। मुशीर ने पिच के मिजाज पर कहा, 'पिच की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। हमारे स्पिनर उन जगहों पर गेंद डालने की कोशिश कर रहे हैं, जहां गेंद ज्यादा उछल रही है और टर्न मिल रहा है।'
हरियाणा की ओर से निशांत सिंधु ने संघर्ष करते हुए पहली पारी में नाबाद 105 रन बनाए। उन्होंने 251 गेंदों का सामना किया और आठ चौके तथा एक छक्का लगाया। दूसरी पारी में भी वह 22 रन बनाकर नाबाद थे। सिंधु ने घरेलू मैदान पर टर्न लेती पिचों पर खेलने के अनुभव को उपयोगी बताया। उन्होंने कहा, 'वहां लंबे समय से सीम की तुलना में गेंद ज्यादा स्पिन हो रही है। वहां खेलने के बाद यहां बल्लेबाजी करना आसान लगा।'
आईपीएल से भी सीखा टीम के लिए खेलना
चेन्नई सुपर किंग्स और गुजरात टाइटंस के आईपीएल शिविरों का हिस्सा रह चुके सिंधु ने बताया कि अनुभवी खिलाड़ियों से बातचीत ने उनकी सोच बदली है। उन्होंने कहा, 'जब आप युवा होते हैं, तो सोचते हैं कि यह मेरा खेल है और मैं इसे अपने तरीके से खेलूंगा। लेकिन एमएस धोनी और दूसरे खिलाड़ियों से बात करके मैंने हालात के हिसाब से टीम के लिए खेलना सीखा है।' मुंबई की नजर अब लगातार तीसरी जीत बोनस अंक के साथ हासिल करने पर थी। वहीं, मुशीर का ऑलराउंड प्रदर्शन टीम के लिए निर्णायक साबित हुआ।