तेज गेंदबाजों बूम-बूम बुमराह (4/14) और ट्रेंट बोल्ट (2/9) की जोड़ी अगर लय में हो विपक्षी टीम की खैर नहीं होती। उस पर लक्ष्य अगर 200 के पार हो तो जीत दूर की कौड़ी हो जाती है।
दिल्ली कैपिटल्स को बृहस्पतिवार को इन्हीं हालात से गुजरकर 57 रन से हार का सामना करना पड़ा। गत चैंपियन मुंबई ने इस जीत के साथ छठी बार आईपीएल के फाइनल में प्रवेश कर लिया। मुंबई ने चार बार (2013, 2015, 2017, 2019) खिताब जीता है जबकि 2010 में उसे फाइनल में चेन्नई से हार मिली थी। यह पहली बार है जब मुंबई लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची है।
लगातार तीसरी जीत :
यह इस चरण में मुंबई की दिल्ली पर तीसरी जीत है। लीग चरण में भी दिल्ली कैपिटल्स को मुंबई इंडियंस से दो बार हार का सामना करना पड़ा था। मुंबई ने इशान किशन के नाबाद 55 और सूर्य कुमार यादव (51) के अर्द्धशतकों की मदद से पांच विकेट पर 200 रन बनाए थे लेकिन दिल्ली कैपिटल्स 8 विकेट पर 143 रन ही बना सकी।
दिल्ली ने खोए शून्य पर तीन विकेट:
कैपिटल्स ने बिना रन बनाए तीन विकेट गंवा दिए थे। बोल्ट ने पहले ही ओवर में पृथ्वी शॉ और अजिंक्य रहाणे को बिना खाता खोले आउट कर दिया। उसके बाद बुमराह ने शिखर धवन को शून्य पर पवेलियन भेज दिया था। आठ गेंदों में तीन बल्लेबाज वापस पवेलियन में बैठे थे।
उसके बाद टीम उबर ही नहीं सकी। मार्कस स्टोइनिस 65 और अक्षर पटेल (42) की पारियों ने बस हार का अंतराल ही कम किया। बिना रन बनाए तीन विकेट खोना किसी टीम की आईपीएल में सबसे खराब शुरुआत है। इससे पहले डेक्कन चार्जर्स ने 2008 में और कोच्चि टस्कर्स ने 2011 में एक रन पर तीन विकेट खोए थे।
मुंबई का पावरप्ले में श्रेष्ठ :
इससे पहले निमंत्रण पाकर बल्लेबाजी पर उतरी मुंबई टीम के कप्तान रोहित शर्मा शून्य पर आउट हो गए। क्विंटन डी कॉक (40) ने सूर्यकुमार के साथ दूसरे विकेट पर 62 रन जोड़े। पावरप्ले में मुंबई ने एक विकेट पर 63 रन बनाए जो इस सत्र में टीम का श्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। इससे पहले कोलकाता के खिलाफ एक विकेट पर 59 रन बनाए थे।
इशान-हार्दिक ने जोड़े 23 गेंदों में 60 रन :
अश्विन ने क्विंटन और कीरोन पोलार्ड (00) को आउट कर मुंबई को दोहरा झटका दिया था। क्रुणाल ने 13 रन बनाए। टीम 140 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी थी। उसके बाद इशान और हार्दिक (37*) ने छठे विकेट के लिए 23 गेंदों पर 60 रन जोड़े।
अंतिम तीन ओवरों में इशान-हार्दिक ने 55 रन बटोरे। सैम्स के 18वें ओवर में 17 रन, रबादा के 19वें ओवर में 18 और नोर्त्जे के अंतिम ओवर में 20 रन आए। हार्दिक पंड्या 14 गेंदों पर 37 रन बनाकर अविजित रहे।