कनाडा पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच मोंटी देसाई ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्हें एक मई 2026 को दूसरी बार टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया था। हालांकि, उनका दूसरा कार्यकाल ज्यादा लंबा नहीं चला और उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पद छोड़ने की घोषणा कर दी। मोंटी ने यह फैसला तब लिया है, जब कनाडा टीम पर मैच फिक्सिंग के गंभीर आरोप लगे हैं।
देसाई ने अपने पोस्ट में इस कार्यकाल को छोटा लेकिन महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने लिखा, 'एक छोटा अध्याय, लेकिन एक अर्थपूर्ण अध्याय। हर माहौल आपको कुछ न कुछ सिखाता है। इस अनुभव ने मेरे इस विश्वास को और मजबूत किया कि टिकाऊ प्रदर्शन समय, भरोसे, तैयारी, मजबूत रिश्तों और मिलकर काम करने से बनता है।' उन्होंने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ का भी आभार जताया। देसाई ने लिखा, 'खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और इस सफर में साथ देने वाले सभी लोगों का शुक्रिया। मैं बने रिश्तों, सीखे गए सबक और योगदान देने के मौके के लिए शुक्रगुजार हूं।'
क्या है कनाडा पर मैच फिक्सिंग का पूरा मामला?
कनाडाई क्रिकेट में मैच फिक्सिंग को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामला उस समय चर्चा में आया जब सीबीसी की डॉक्यूमेंट्री में कनाडाई क्रिकेट में संगठित अपराध के कथित दखल और मैचों और टीम चयन को प्रभावित करने के आरोप लगाए गए। मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि खिलाड़ियों और टीम से जुड़े लोगों पर कथित तौर पर धमकियों के जरिए दबाव बनाया गया।
2026 टी20 विश्व कप मैच भी जांच के घेरे में
आईसीसी की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने 2026 पुरुष टी20 विश्व कप में कनाडा और न्यूजीलैंड के बीच हुए ग्रुप स्टेज मुकाबले को लेकर जांच शुरू की। खास तौर पर कनाडा के 22 वर्षीय कप्तान दिलप्रीत बजवा के एक ओवर को लेकर सवाल उठे। न्यूजीलैंड की पारी के दौरान बजवा ने पांचवां ओवर डाला। उन्होंने ओवर की शुरुआत नो-बॉल से की और इस दौरान न्यूजीलैंड ने बड़ी संख्या में रन बनाए। इस असामान्य घटनाक्रम ने दर्शकों और जांचकर्ताओं का ध्यान खींचा। हालांकि, इन घटनाओं को मैच फिक्सिंग का साबित मामला मानना सही नहीं होगा। जांच में आरोपों की पुष्टि होना अभी अलग विषय है। पूरे विवाद में कनाडाई क्रिकेट के प्रशासन और भ्रष्टाचार-रोधी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठे हैं।
विश्व कप लीग-2 के बीच छोड़ा पद
मोंटी देसाई के दूसरे कार्यकाल में कनाडा ने आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप लीग-2 की दो ट्राई-सीरीज में हिस्सा लिया। इनमें से एक सीरीज कनाडा में जबकि दूसरी स्कॉटलैंड में खेली गई। कनाडा के विश्व कप अभियान में अभी चार मुकाबले बाकी हैं। टीम फिलहाल शीर्ष चार स्थानों से छह अंक पीछे है और आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2027 के क्वालीफायर प्ले-ऑफ में पहुंचने की स्थिति में है। प्ले-ऑफ के जरिए विश्व कप क्वालीफायर के लिए चार स्थान तय होंगे। ऐसे समय में मुख्य कोच का इस्तीफा कनाडाई टीम के लिए अहम बदलाव माना जा रहा है। टीम को अब अपने अभियान के बचे हुए मुकाबलों के लिए नए कोचिंग नेतृत्व के साथ आगे बढ़ना होगा।
2019 में भी कर चुके हैं टीम की कोचिंग
- मोंटी देसाई का कनाडा क्रिकेट से पुराना रिश्ता रहा है। इससे पहले उन्होंने 2019 में नामीबिया में आयोजित विश्व क्रिकेट लीग-2 अभियान के दौरान भी कनाडाई टीम को कोचिंग दी थी। इस तरह उनका हालिया कार्यकाल टीम के साथ दूसरी पारी थी।
- देसाई के पास कोचिंग का 20 साल से अधिक का अनुभव है। वह संयुक्त अरब अमीरात, अफगानिस्तान और नेपाल जैसी टीमों के साथ भी काम कर चुके हैं। विभिन्न क्रिकेट परिस्थितियों में काम करने के अनुभव के कारण उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुभवी कोच माना जाता है।
अब नए कोच की तलाश में कनाडा क्रिकेट
देसाई के इस्तीफे के बाद कनाडा क्रिकेट के सामने सबसे बड़ी चुनौती नए मुख्य कोच की नियुक्ति होगी। टीम पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही है और 2027 विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि कनाडा क्रिकेट बोर्ड नए कोचिंग सेटअप पर कितना निवेश करता है और किस अनुभवी चेहरे को टीम की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।