पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ ने टीम से जुड़े कोचों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। यूसुफ ने दावा किया कि उन्होंने कई साल पहले ही बाबर आजम समेत पाकिस्तान के बल्लेबाजों की तकनीकी खामियों को पहचान लिया था, लेकिन कुछ कोचों ने उन्हें उन कमियों पर काम करने से रोक दिया। यूसुफ ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक कड़ा पोस्ट करते हुए टीम के कोचिंग सिस्टम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों की जिन तकनीकी कमजोरियों को उस समय आसानी से सुधारा जा सकता था, वे अब बड़ी समस्या बन चुकी हैं।
'बाबर की तकनीक पर पहले ही चेताया था'
यूसुफ ने लिखा, 'ये कोच खेल के लिए जहर हैं। उनमें दूरदृष्टि नहीं है, वे प्रगति को रोकते हैं और सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी गुमराह करते हैं। अगर हमारे क्रिकेटर यह नहीं सीखते कि किसकी बात सुननी है, तो उनके करियर जितने लंबे होने चाहिए, उससे काफी पहले खत्म हो जाएंगे।' पूर्व पाकिस्तानी कप्तान का दावा है कि उन्होंने कई साल पहले ही पाकिस्तान के बल्लेबाजों की तकनीकी खामियों को लेकर चेतावनी दी थी। उनका कहना है कि बाबर आजम और टीम के दूसरे खिलाड़ियों की कमजोरियों पर उस समय काम किया जा सकता था। लेकिन यूसुफ के मुताबिक, बाबर और टीम के आसपास मौजूद कुछ कोचों ने उन्हें इन तकनीकी मुद्दों पर काम करने का अवसर नहीं दिया।
'पाकिस्तान को भुगतना पड़ रहा खामियाजा'
उन्होंने कहा कि उस समय सुधार नहीं किए जाने का खामियाजा अब पाकिस्तान क्रिकेट को भुगतना पड़ रहा है। यूसुफ ने लिखा, 'जो समस्याएं उस समय ठीक की जा सकती थीं, वे अब बड़ी कमजोरियों में बदल गई हैं और पाकिस्तान क्रिकेट को उस गिरावट की ओर ले गई हैं, जिसे हम आज देख रहे हैं।' यूसुफ ने पाकिस्तान के बल्लेबाजों की तकनीकी कमजोरी को लेकर कहा कि अब इसकी पोल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुल चुकी है। उनके मुताबिक, बांग्लादेश से लेकर इंग्लैंड तक पाकिस्तान की बल्लेबाजी में वही समस्याएं नजर आई हैं। इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान की बल्लेबाजी का संकट खास तौर पर चर्चा में रहा है। लीड्स में खेले गए पहले टेस्ट में टीम को हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद बल्लेबाजी को लेकर सवाल और गंभीर हो गए।
मोहम्मद वसीम
- फोटो : PCB
खुद PCB के बल्लेबाजी कोच रह चुके हैं यूसुफ
मोहम्मद यूसुफ की आलोचना इसलिए भी अहम है क्योंकि वह खुद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ बल्लेबाजी कोच की भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने पिछले साल जुलाई में पीसीबी के बल्लेबाजी कोच पद से इस्तीफा दिया था। अपने अनुभव का हवाला देते हुए यूसुफ ने मौजूदा कोचिंग व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और संकेत दिया है कि खिलाड़ियों की तकनीकी कमियों को सुधारने के बजाय उन्हें गलत दिशा में ले जाया गया।
इसी बीच पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज और 2020 से 2022 तक मुख्य चयनकर्ता रहे मोहम्मद वसीम ने भी टीम से जुड़े एक मामले पर सवाल उठाया है। उन्होंने लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट के दौरान इमाम-उल-हक की पिंडली की चोट को लेकर सवाल खड़े किए। इस तरह पाकिस्तान क्रिकेट में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ-साथ टीम मैनेजमेंट, कोचिंग और फिटनेस को लेकर भी बहस तेज हो गई है।