हरमनप्रीत को लेकर क्या बोले?
मिताली ने कहा कि केवल टी20 विश्व कप में सेमीफाइनल में नहीं पहुंचना कप्तान बदलने का एकमात्र आधार नहीं होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा कि कप्तान के चयन में फिटनेस, फॉर्म और भविष्य के विश्व कप चक्र में उसकी भूमिका जैसे पहलुओं पर भी विचार किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, पिछले दो-तीन वर्षों में हरमनप्रीत कौर फिटनेस से जूझती रही हैं और कई मुकाबलों में उपलब्ध भी नहीं रहीं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों में हरमनप्रीत बल्लेबाजी में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई हैं।
कोच की जवाबदेही पर क्या कहा?
मिताली ने कहा कि यदि सिर्फ टी20 विश्व कप के प्रदर्शन के आधार पर बदलाव की बात हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी केवल कप्तान की नहीं, बल्कि मुख्य कोच अमोल मजूमदार की भी बनती है, क्योंकि अंतिम एकादश का फैसला कप्तान और कोच मिलकर करते हैं।
फिटनेस और फील्डिंग पर क्या कहा?
मिताली ने तेज गेंदबाजों की बार-बार चोट और हालिया टी20 विश्व कप में कमजोर फील्डिंग को फिटनेस से जोड़ते हुए कहा कि इन दोनों क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तेज गेंदबाजों के लिए कौशल के साथ फिटनेस भी बेहद जरूरी है। वहीं, खिलाड़ियों को बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ-साथ फील्डिंग पर भी व्यक्तिगत स्तर पर बराबर मेहनत करनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने बल्लेबाजी विभाग में ऋचा घोष जैसे और फिनिशर तैयार करने की आवश्यकता भी बताई।