पूर्व आईपीएल चेयरमैन और क्रिकेट प्रशासक ललित मोदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की और उन्हें क्रिकेट का बड़ा प्रशंसक बताया। उन्होंने कहा कि गुजरात में क्रिकेट के विकास को लेकर प्रधानमंत्री हमेशा गंभीर रहे हैं। इसके अलावा ललित मोदी ने आईसीसी चेयरमैन जय शाह के कामकाज की खुलकर सराहना की है। लंदन में एएनआई को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जय शाह ने वैश्विक क्रिकेट प्रशासन में भारत की स्थिति को पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाया है। जय शाह दिसंबर 2024 में आईसीसी के चेयरमैन बने थे। ललित मोदी का मानना है कि उनकी सबसे बड़ी ताकत नतीजे देने की क्षमता है।
'पहले इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया का दबदबा था, अब भारत की ताकत बढ़ी'
उन्होंने कहा, जहां तक मैं बाहर से देख पा रहा हूं, उनका योगदान शानदार रहा है। किसी व्यक्ति को उसके नतीजों से पहचाना जाता है और जय शाह ने बेहतरीन नतीजे दिए हैं। उन्होंने भारत को आईसीसी के केंद्र में पहुंचा दिया है।' ललित मोदी ने अपने क्रिकेट प्रशासन के दिनों को याद करते हुए कहा कि एक समय आईसीसी में भारत को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के मजबूत गुट का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा, 'जब हम आईसीसी में काम करते थे तब हमारे सामने कई चुनौतियां थीं। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया अक्सर एकजुट हो जाते थे। उस समय शरद पवार और मेरे साथ भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका थे। आज स्थिति बदल चुकी है और जय शाह ने इसे आगे बढ़ाने का काम किया है।' उनका मानना है कि भारत ने क्रिकेट की वैश्विक राजनीति में अपनी स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत कर ली है।
'आज दुनिया में सिर्फ भारतीय क्रिकेट का बिजनेस चल रहा है'
ललित मोदी ने भारतीय क्रिकेट की आर्थिक ताकत पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि आज क्रिकेट की दुनिया में सबसे मजबूत व्यावसायिक मॉडल भारत के पास है। उन्होंने कहा, 'आज अगर कोई क्रिकेट का कारोबार सफलतापूर्वक चल रहा है तो वह भारतीय क्रिकेट है। कोई दूसरा बोर्ड उस स्तर पर काम नहीं कर रहा। जब लोग कहते हैं कि क्रिकेट सबसे बड़ा है, तो मैं कहता हूं कि भारतीय क्रिकेट सबसे बड़ा है।' उन्होंने यहां तक सुझाव दिया कि आईसीसी से मिलने वाले राजस्व की चिंता करने के बजाय भारत को बाकी देशों की मदद करनी चाहिए। मोदी ने कहा, 'आईसीसी से मिलने वाला पैसा दूसरों को दे दीजिए। एक आईपीएल मैच उससे ज्यादा कमाई कर देता है। आईपीएल आज भारतीय क्रिकेट की आय का सबसे बड़ा स्रोत बन चुका है।'
पीएम मोदी को बताया क्रिकेट का बड़ा प्रशंसक
ललित मोदी ने पीएम मोदी को लेकर कहा, 'नरेंद्र मोदी क्रिकेट के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। मेरे साथ उनकी ज्यादातर बातचीत अहमदाबाद में क्रिकेट के विकास को लेकर होती थी। वह चाहते थे कि वहां क्रिकेट आगे बढ़े।' हाल ही में ललित मोदी के एक बयान ने काफी चर्चा बटोरी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर मौका मिले तो वह अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम को तोड़कर दोबारा बनाएंगे। इस बयान को लेकर काफी बहस हुई थी। अब उन्होंने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य स्टेडियम की आलोचना करना नहीं था, बल्कि भारतीय खेल ढांचे को और बेहतर बनाने की जरूरत पर जोर देना था।
'भारत के पास पैसा है, सुविधाएं भी विश्वस्तरीय होनी चाहिए'
उन्होंने कहा, 'यह आज भारत का सबसे अच्छा स्टेडियम है। लेकिन मेरा कहना सिर्फ इतना था कि यह अभी भी पर्याप्त नहीं है। अगर मुझे विश्वस्तरीय फैन अनुभव देना हो तो मैं इसे भी नए सिरे से बनाऊंगा।' ललित मोदी का मानना है कि भारतीय क्रिकेट की आर्थिक ताकत को देखते हुए देश में ऐसे स्टेडियम बनने चाहिए जो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खेल परिसरों की बराबरी कर सकें। उन्होंने कहा, 'वेम्बली स्टेडियम, लॉर्ड्स, कैंप नोउ, ओल्ड ट्रैफर्ड और एतिहाद जैसे स्टेडियम दुनिया में अलग पहचान रखते हैं। हमारे पास आज BCCI के रूप में पर्याप्त संसाधन हैं, इसलिए हमें भी उसी स्तर की सुविधाएं विकसित करनी चाहिए।'
स्टेडियम सिर्फ मैच के दिन नहीं, सालभर चलने चाहिए
ललित मोदी ने आधुनिक खेल परिसरों की अवधारणा पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि स्टेडियमों को सिर्फ मैचों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर आप वास्तव में विश्वस्तरीय परिसर बनाना चाहते हैं तो वहां फूड कोर्ट, रेस्टोरेंट, शॉपिंग एरिया और आधुनिक सुविधाएं होनी चाहिए। स्टेडियम साल के 365 दिन सक्रिय रहने चाहिए, ताकि प्रशंसकों को हर समय बेहतर अनुभव मिल सके।'
भारतीय क्रिकेट की बढ़ती ताकत पर फिर लगी मुहर
ललित मोदी के बयान ऐसे समय आए हैं जब बीसीसीआई दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड है और आईसीसी के राजस्व में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखता है। आईपीएल की लोकप्रियता, भारतीय टीम की लगातार सफलता और जय शाह के नेतृत्व में आईसीसी में बढ़ते प्रभाव ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। ऐसे में ललित मोदी का यह कहना कि भारतीय क्रिकेट दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट ब्रांड बन चुका है, मौजूदा हालात की झलक भी देता है और भविष्य की संभावनाओं की ओर भी इशारा करता है।