फ्रेंचाइजी क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव का किया समर्थन
बातचीत के दौरान ललित मोदी ने उस बहस पर भी अपनी राय रखी, जिसमें कहा जाता है कि युवा खिलाड़ी अब टेस्ट और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की तुलना में फ्रेंचाइजी लीगों को अधिक महत्व देने लगे हैं। उन्होंने कहा, 'बिल्कुल, यह अच्छी बात है। आप मुझसे असहमत हो सकते हैं, लेकिन मुझे इसकी परवाह नहीं है। यही भविष्य है। कोई भी अमेरिका की बास्केटबॉल टीम के लिए खेलने की बात नहीं करता, सभी एनबीए में खेलना चाहते हैं। कोई यह नहीं कहता कि पहले इंग्लैंड के लिए खेलना है और फिर मैनचेस्टर सिटी के लिए। आने वाले समय में यही व्यवस्था होगी। इस सच्चाई को स्वीकार कीजिए।'