भारतीय क्रिकेट को पहला विश्व कप दिलाने वाले महान ऑलराउंडर कपिल देव का नाम सिर्फ रिकॉर्ड्स के लिए नहीं, बल्कि उनकी निडरता और बेबाक स्वभाव के लिए भी जाना जाता है। 6 जनवरी 1959 को चंडीगढ़ में जन्मे कपिल देव आज अपना 67वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर हम आपको उनसे जुड़ा एक ऐसा किस्सा बता रहे हैं, जिसने साबित किया कि कपिल मैदान के अंदर ही नहीं, बाहर भी उतने ही साहसी थे।
कपिल देव
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'शारजाह ड्रेसिंग रूम कांड'
यह वाकया 1987 के शारजाह टूर्नामेंट का है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला अगले दिन खेला जाना था। प्रैक्टिस के बाद भारतीय टीम ड्रेसिंग रूम में मौजूद थी, तभी मशहूर कॉमेडियन महमूद वहां एक शख्स को लेकर पहुंचे। उस व्यक्ति को दिलीप वेंगसरकर के अलावा कोई नहीं पहचान पाया। वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम था।
महमूद ने खिलाड़ियों से परिचय कराते हुए कहा, 'ये हमारे दोस्त हैं और यहीं बिजनेस करते हैं।' इसके बाद दाऊद ने खिलाड़ियों को ऑफर दिया, 'अगर भारत पाकिस्तान को हरा देता है तो मैं सभी खिलाड़ियों को एक-एक कार गिफ्ट करूंगा।' ड्रेसिंग रूम में सन्नाटा छा गया। खिलाड़ी एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। तभी प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म कर कपिल देव ड्रेसिंग रूम में दाखिल हुए।
कपिल देव और दाऊद
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'ये कौन है, बाहर चल' कपिल का दो टूक जवाब
कपिल देव ने हालात समझते ही पहले महमूद से कहा, 'महमूद साहब, आप जरा बाहर जाइए।' इसके बाद उन्होंने दाऊद की तरफ देखते हुए कहा, 'ये कौन है? चल बाहर चल।' कपिल का यह रुख देखकर दाऊद बिना कोई बहस किए ड्रेसिंग रूम से बाहर चला गया। यह किस्सा वर्षों तक दबा रहा, जिसे 2013 में दिलीप वेंगसरकर ने पहली बार सार्वजनिक किया। कई विवादों के बावजूद कपिल की छवि एक ईमानदार और निडर क्रिकेटर की बनी रही।
कपिल देव
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वह एक टेस्ट जिसने इतिहास बदल दिया
कपिल देव का करियर 1978 से 1994 तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने 131 टेस्ट खेले। लेकिन एक ऐसा टेस्ट भी रहा, जब उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। यह घटना 1984-85 की इंग्लैंड सीरीज की है। दिल्ली टेस्ट में भारत की हार के बाद कपिल की आक्रामक बल्लेबाजी को जिम्मेदार ठहराया गया। दूसरी पारी में उन्होंने छह गेंदों में सात रन बनाए और छक्का मारने के प्रयास में आउट हो गए। इसके बाद उन्हें कोलकाता टेस्ट के लिए टीम से बाहर कर दिया गया।
गावस्कर और कपिल
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ईडन गार्डन्स में गूंजे नारे, गावस्कर की सफाई
कपिल के बिना टीम देखकर ईडन गार्डन्स में मौजूद दर्शक भड़क उठे। स्टेडियम में नारे लगे, 'वी वांट कपिल, गावस्कर गो बैक।' दीवारों पर तक लिख दिया गया, 'नो कपिल, नो टेस्ट।' करीब तीन दशक बाद सुनील गावस्कर ने इस पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा, 'कोई भी कप्तान अपने स्टार खिलाड़ी को बाहर करने की सलाह नहीं देगा। यह फैसला चयनकर्ताओं का था, मेरा नहीं।'
कपिल देव
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शानदार करियर और अमर विरासत
कपिल देव ने 131 टेस्ट में 5248 रन और 434 विकेट लिए। वनडे में उन्होंने 3783 रन और 253 विकेट झटके। 1983 विश्व कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ उनकी 175 रन की पारी आज भी इतिहास की सबसे महान पारियों में गिनी जाती है। उनकी जिंदगी और 1983 विश्व कप की कहानी पर बनी फिल्म ‘83’ में रणवीर सिंह ने कपिल की भूमिका निभाई थी।
कपिल देव वनडे विश्व कप जीतने वाले सबसे युवा कप्तान हैं। आज भी उनके इस रिकॉर्ड को कोई नहीं तोड़ सका है। उन्होंने जब वेस्टइंडीज को फाइनल में हराकर विश्व कप जीता, तब वह 24 साल 170 दिन के थे। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग हैं। उन्होंने 28 साल से अधिक की उम्र में पहला विश्व कप जीता था। कपिल का यह रिकॉर्ड आज भी कायम है।
सचिन, कपिल और गावस्कर
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1994 में क्रिकेट को अलविदा कहा
कपिल देव ने 1994 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। उस समय कपिल के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट थे। उन्होंने 131 अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच में कुल 434 विकेट झटके थे। कपिल के इस रिकॉर्ड को तोड़ने में छह साल और लगे। साल 2000 में वेस्टइंडीज के कर्टनी वॉल्श ने कपिल का रिकॉर्ड तोड़ा था। वॉल्श ने 132 टेस्ट में 519 विकेट लिए। अभी भी कपिल टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में शीर्ष-11 में बने हुए हैं।