ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच मैके में खेला गया दूसरा टेस्ट सिर्फ छह सत्र में खत्म हो गया। ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को पारी और 51 रन से हराकर दो मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली, लेकिन मुकाबले के इतनी जल्दी खत्म होने ने टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को लेकर बहस छेड़ दी है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज जस्टिन लैंगर ने भी दो दिन में खत्म होने वाले टेस्ट मैचों पर नाराजगी जाहिर की है।
ऑस्ट्रेलिया टीम
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'दो दिन के टेस्ट अस्वीकार्य हैं'
जस्टिन लैंगर ने एसईएन रेडियो पर कहा कि दो दिन में खत्म होने वाले टेस्ट क्रिकेट के लिए अच्छे नहीं हैं। उन्होंने इसे सीधे तौर पर 'अस्वीकार्य' बताया। लैंगर ने कहा कि पिछले साल भी टेस्ट मैचों के जल्दी खत्म होने से दर्शकों और उन बच्चों को निराशा हुई, जो अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को मैदान या टीवी पर देखना चाहते हैं। उनके मुताबिक, मैचों के जल्दी खत्म होने का असर सिर्फ क्रिकेट देखने वालों पर नहीं, बल्कि पूरे खेल के इकोसिस्टम पर पड़ता है।
'क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के लिए आर्थिक आपदा'
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने टेस्ट के जल्दी खत्म होने के आर्थिक प्रभाव पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया जमीनी स्तर के क्रिकेट में पैसा लगाता है और ऐसे मुकाबलों का जल्दी खत्म होना उसके लिए आर्थिक रूप से नुकसानदायक है। लैंगर ने पिचों को लेकर दिए जाने वाले तर्कों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि हर बार यह कहना कि पिच, क्यूरेटर या गेंद के ज्यादा मूव होने की वजह से मैच जल्दी खत्म हो रहे हैं, सही नहीं है।
ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश
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बल्लेबाजों की तकनीक को ठहराया जिम्मेदार
लैंगर ने ऑस्ट्रेलिया-बांग्लादेश मुकाबले का उदाहरण देते हुए कहा कि कई विकेटों में बल्लेबाजों की बेसिक तकनीक की कमी नजर आई। उन्होंने खास तौर पर फुटवर्क का जिक्र किया। उनके मुताबिक, कई बल्लेबाज फ्रंट फुट को आगे नहीं ले जा रहे थे और यही उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी कमजोरी बनी। लैंगर ने कहा कि वह अब युवा खिलाड़ियों को कोचिंग देते हैं और उन्हें कई बार बल्लेबाजी की बेहद बुनियादी बातें समझानी पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि कुछ युवा बल्लेबाजों को जब ऐसी बेसिक तकनीक बताई जाती है तो उनकी प्रतिक्रिया ऐसी होती है, जैसे उन्हें पहली बार कोई जादू की बात बताई जा रही हो।
ऑस्ट्रेलिया ने 10 विकेट वाले स्टार्क के दम पर बराबर की सीरीज
मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की जीत के हीरो तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क रहे। उन्होंने मैच में कुल 10 विकेट लिए। ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को पहली पारी में सिर्फ 64 रन पर समेट दिया था और दूसरी पारी में भी बांग्लादेश की टीम 95 रन पर ढेर हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने इस तरह पारी और 51 रन से जीत दर्ज की और डार्विन में मिली नौ विकेट की हार का बदला भी ले लिया। यह ऑस्ट्रेलिया का पिछले सात टेस्ट में तीसरा मुकाबला था, जो दो दिन के भीतर खत्म हुआ। ऑस्ट्रेलिया अब अक्तूबर में दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेगा, जहां दोनों टीमें तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेंगी। यह 2018 के बाद ऑस्ट्रेलिया का दक्षिण अफ्रीका में पहला रेड-बॉल दौरा होगा।