कानूनी पेंच और भारत पर आरोप
एहसान मनी ने माना कि पाकिस्तान का मामला कानूनी रूप से कमजोर हो सकता है, क्योंकि भारत में होने वाले मैच पहले ही हाइब्रिड मॉडल के तहत श्रीलंका शिफ्ट कर दिए गए थे। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान के केस में कुछ कमजोरियां हैं, लेकिन एक सक्षम कानूनी टीम इसे प्रभावी तरीके से रख सकती है। भारत-पाक मैच का बहिष्कार मेंबर्स पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट का उल्लंघन हो सकता है, लेकिन इसके लिए बीसीसीआई का नकारात्मक रवैया जिम्मेदार है, जिसने पाकिस्तान को इतना बड़ा फैसला लेने पर मजबूर किया।'