भारत और जापान के बीच मंगलवार को सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर एकमात्र टी20 मुकाबला खेला जाएगा। इस मुकाबले से पहले जापान के बिहार में जन्मे क्रिकेटर अभिषेक आनंद ने अपने 'बिहारी भाइयों' वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन से मुलाकात की इच्छा जताई है। अभिषेक भारतीय टीम में शामिल नहीं हैं, लेकिन वह जापान की टीम के साथ मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में हर किसी के पसंदीदा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी हैं और वह इस युवा बल्लेबाज से मिलने के लिए काफी उत्साहित हैं।
अभिषेक ने आईएएनएस से कहा, 'फिलहाल हर किसी का पसंदीदा वैभव सूर्यवंशी है। लेकिन हां, भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी बराबर अच्छे हैं।' जब उनसे पूछा गया कि वह भारतीय टीम में किस खिलाड़ी से मिलना चाहेंगे, तो उन्होंने कहा, 'बिल्कुल, मैं अपने बिहारी भाइयों ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी से मिलना चाहता हूं।'
जापान में भारतीय टीम की मेजबानी का इंतजार
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को लेकर अभिषेक काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि वह सानो में भारतीय टीम और वैभव को देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद दोनों टीमें एशियन गेम्स के लिए निस्शिन में भी आमने-सामने होंगी।अभिषेक ने कहा, 'हम भारतीय टीम की मेजबानी करने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हम इस मैच के लिए बहुत उत्साहित हैं। उम्मीद है कि भारत-जापान का रिश्ता मजबूत बना रहेगा, ताकि हम भविष्य में अच्छा प्रदर्शन कर सकें।'
क्रिकेट के लिए भारत से जापान पहुंच गए
अभिषेक का जापान पहुंचने का सफर भी काफी दिलचस्प है। कॉलेज की पढ़ाई के दौरान उन्हें जापान में एक्सेंचर की नौकरी का ऑफर मिला था। उस समय उन्होंने विदेश जाने के बारे में नहीं सोचा था और भारत में रहकर नौकरी के साथ क्रिकेट जारी रखना चाहते थे। उन्होंने बताया कि कॉलेज में जापानी कंपनियां प्लेसमेंट के लिए आई थीं। उन्होंने एक्सेंचर जापान के इंटरव्यू के लिए आवेदन किया और उनका चयन हो गया। इसके बाद उन्हें ऑफर स्वीकार करने के लिए सिर्फ दो घंटे का समय मिला।
अभिषेक ने कहा, 'मुझे दो घंटे दिए गए थे कि मैं यह ऑफर स्वीकार करता हूं या नहीं। उस समय मेरे विदेश जाने की कोई योजना नहीं थी। मैं भारत में रहना चाहता था और नौकरी के साथ क्रिकेट का अपना जुनून भी जारी रखना चाहता था। इसलिए उन दो घंटों में मैंने काफी सोचा कि मुझे जापान जाना चाहिए या नहीं।'
जापान में क्रिकेट की उम्मीद दिखी तो बदला फैसला
ऑफर पर फैसला लेने से पहले अभिषेक ने जापान में क्रिकेट के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। इसी दौरान उन्हें पता चला कि जापानी टीम ईस्ट एशिया-पैसिफिक विश्व कप क्वालीफायर के लिए क्वालिफाई कर चुकी है। इससे उन्हें जापान में क्रिकेट के भविष्य की उम्मीद दिखाई दी।
उन्होंने कहा, 'मैंने जापान में क्रिकेट के बारे में कुछ जानकारी तलाशने के बारे में सोचा। सौभाग्य से उसी साल जापानी टीम ईस्ट एशिया-पैसिफिक विश्व कप क्वालीफायर के लिए क्वालिफाई हुई थी। मुझे लगा कि जापान में क्रिकेट के लिए उम्मीद है। यह सब खबरें देखने के बाद मैंने जापान जाकर वहां के अवसर को तलाशने का फैसला किया। दो घंटे की रिसर्च के बाद मैंने ऑफर स्वीकार कर लिया और जापान आ गया।'
क्लब क्रिकेट से जापान की राष्ट्रीय टीम तक
जापान पहुंचने के बाद अभिषेक ने टोक्यो फाल्कन क्रिकेट क्लब के लिए खेलना शुरू किया। शुरुआती तीन वर्षों में उनके प्रदर्शन ने प्रभावित किया और इसके बाद उन्हें जापान की राष्ट्रीय टीम में बुलावा मिला। क्रिकेट के प्रति जुनून ने अभिषेक को भारत से जापान पहुंचाया और अब वही खेल उन्हें भारतीय टीम के खिलाफ होने वाले मुकाबले के करीब ले आया है। मंगलवार को होने वाले इस मुकाबले में उनकी नजर अपने 'बिहारी भाइयों' वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन से मुलाकात पर भी रहेगी।