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ईशान किशन: कमबैक के बाद से अलग ही स्तर पर बल्लेबाजी कर रहा यह बिहारी; पिछले तीन साल में क्या कमाल किए? जानें

Mon, 07 Sep 2026 01:48 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

टीम इंडिया से निकाले जाने के बाद ईशान ने कुछ भी अलग या असामान्य नहीं किया। उनके अंदर हमेशा एक एलीट स्तर के खिलाड़ी वाली सोच रही है। बस कुछ बहुत छोटे-छोटे बदलावों की जरूरत थी। कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया और अब कमबैक के बाद वह अलग ही स्तर की बल्लेबाजी कर रहे हैं।
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ईशान किशन का दोहरा शतक - फोटो : IANS
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विस्तार
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दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन की कप्तानी कर रहे ईशान किशन ने दूसरे दिन बेहतरीन दोहरा शतक जड़ा। यह दलीप ट्रॉफी में उनका पहला दोहरा शतक और प्रथम श्रेणी में उनका दूसरा दोहरा शतक है। पहले दिन शतक लगाकर नाबाद रहे ईशान ने दूसरे दिन भी कमाल की बल्लेबाजी की और अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। ईशान 334 गेंद में 30 चौके और सात छक्के की मदद से 270 रन बनाकर आउट हुए। 250 पर जब वह थे तो थकान की वजह से रिटायर्ड हर्ट हो गए थे, लेकिन ईस्ट जोन का सातवां विकेट गिरने के बाद वह फिर से बल्लेबाजी के लिए आए। उन्होंने मैदान पर करीब 106 ओवर बल्लेबाजी की। 31वें ओवर में वह बल्लेबाजी के लिए उतरे थे और 131वें ओवर में रिटायर्ड हर्ट हुए थे। फिर मैदान पर आने के बाद 34 गेंदें और खेलीं।
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ईशान किशन की कहानी इस समय सिर्फ एक शानदार पारी की कहानी नहीं है, बल्कि गिरने के बाद पहले से ज्यादा मजबूती से लौटने की कहानी है। जिस खिलाड़ी का नाम कभी टीम इंडिया की रेस से दूर होता दिखा, वही अब घरेलू क्रिकेट में कप्तानी कर रहा है, रन बरसा रहा है और हर मौके को अपने बल्ले से जवाब में बदल रहा है। दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन की कमान संभालते हुए किशन ने एक और बेहतरीन शतक जड़कर बता दिया कि कमबैक सिर्फ हुआ नहीं है, बल्कि अपने अलग ही स्तर पर पहुंच चुका है। ईशान का जन्म बिहार के पटना में जुलाई 18, 1998 को हुआ था। हालांकि, वह घरेलू क्रिकेट झारखंड के लिए खेलते हैं।
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ईशान किशन - फोटो : ANI
दिसंबर 2023 में ईशान के साथ क्या हुआ था?
 
  • दिसंबर 2023 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए चुने गए ईशान किशन ने अचानक अपना नाम वापस ले लिया था और खेलने से मना कर दिया था। तब उनकी काफी किरकिरी हुई थी।  ईशान किशन ने निजी कारणों का हवाला देते हुए चयनकर्ताओं से ब्रेक मांगा। इसके बाद उन्हें केंद्रीय अनुबंध से बाहर कर दिया गया।
  • यह फैसला इसलिए चौंकाने वाला था क्योंकि एक साल पहले ही उन्होंने वनडे क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक जड़ा था और ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी में वह भारत के प्रमुख विकेटकीपर-बल्लेबाज थे। इसके बाद दो साल तक ईशान राष्ट्रीय टीम की योजनाओं से बाहर नजर आए। हालांकि, इस समय का इस्तेमाल ईशान ने बखूबी किया। टीम से बाहर रहने के दौरान ईशान ने घरेलू क्रिकेट में खुद को दोबारा खड़ा किया। कड़ी मेहनत और खुद की फिटनेस पर ध्यान देते हुए लगातार प्रैक्टिस जारी रखी।

ईशान किशन - फोटो : IANS
2025 सैयद मुश्ताक अली से कैसे हुआ कमबैक?
ईशान किशन ने जल्द ही अपनी लय पकड़ ली और घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाने लगे। 2025 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में वापसी करते हुए उन्होंने घरेलू टूर्नामेंट्स में खूब रन बनाए। दिसंबर 2025 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के दम पर ईशान किशन ने जोरदार वापसी की। उन्होंने झारखंड को उसका पहला एसएमएटी खिताब दिलाया। ईशान ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाए और करीब 197 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। यही प्रदर्शन उन्हें 2026 टी20 वर्ल्ड कप की भारतीय टीम तक ले गया। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीतने के बाद से ईशान ने पीछे मुड़कर नहीं देखा है और उनकी क्रिकेट लाइफ फिलहाल चौथी गीयर में चल रही है।

ईशान किशन - फोटो : PTI
टीम इंडिया में वापसी के बाद ईशान ने क्या किया?
 
  • असफलताओं से डरने के बजाय ईशान ने उन्हें चुनौती की तरह लिया। टीम इंडिया में वापसी करते ही उन्होंने शतक जड़ दिया। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्होंने तिरुवनंतपूरम में 43 गेंद में 103 रन की पारी खेली। फिर टी20 विश्वकप में पाकिस्तान के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और 40 गेंद में 77 रन बनाए।
  • फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ ईशान ने 25 गेंद में 54 रन की तूफानी पारी खेली। वह टी20 विश्वकप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे और जीत में अहम भूमिका भी निभाई। इसके बाद आईपीएल 2026 में ईशान ने 182.4 के स्ट्राइक रेट से 602 रन बनाए। आईसीसी की रैंकिंग में टी20 अंतरराष्ट्रीय के नंबर एक बल्लेबाज बने।
  • और अब अपनी कप्तानी में ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी के फाइनल तक पहुंचाया। ईशान ने न सिर्फ बेहतरीन बल्लेबाजी की है, बल्कि कप्तान के तौर पर भी शानदार दिखे हैं। सही फैसले लिए, सही मौकों पर सही गेंदबाज को लगाया, अच्छी फील्डिंग सेट की। यह खूबी बताती है कि बतौर लीडर भी वह उतने ही अच्छे हैं, जितनी उनकी बल्लेबाजी है। 

ईशान किशन का शानदार कमबैक - फोटो : Twitter
दलीप ट्रॉफी फाइनल में क्या कमाल किया?
 
  • दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईशान किशन 270 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने ईस्ट जोन के मध्यक्रम को बखूबी संभाला। फाइनल में उन्होंने शिखर मोहन के साथ चौथे विकेट के लिए 94 रन, फिर कुमार कुशाग्र के साथ 230 रन की साझेदारी की और अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। फिर अनुकूल रॉय के साथ छठे विकेट के लिए 140 रन की साझेदारी निभाई।
  • इस दौरान उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 4000 रन भी पूरे किए। ईशान बड़े मैचों के प्लेयर कहलाने लगे हैं। उन्होंने सैयद मुश्ताक 2025 के फाइनल में 49 गेंद में 101 रन बनाए थे और झारखंड को खिताब दिलाया था। फिर भारत के लिए टी20 विश्वकप 2026 के फाइनल में अर्धशतक जमाया और अब दलीप ट्रॉफी में भी अपना प्रभाव छोड़ा है।
  • इतना ही नहीं उन्हें चेपॉक भी खूब रास आ रहा है। यह वही चेपॉक है जहां आईपीएल 2026 में उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 47 गेंद में 70 रन की पारी खेली थी और जीत दिलाई थी। जीत के बाद उन्होंने चेन्नई के फैंस को घर जाने का इशारा किया था। हालांकि, आज वही चेपॉक और वहां मौजूद फैंस ईशान के लिए बैनर-पोस्टर लेकर पहुंचे और उनका समर्थन करते दिखे। 
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ईशान किशन - फोटो : ANI
ईशान ने पहले कब की कप्तानी?
ईशान के लिए कप्तानी कोई नई बात नहीं है। उन्होंने 2016 में अंडर-19 विश्व कप में भारत की कप्तानी की थी। तब भारत फाइनल में हार गया था। वह इस साल पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में कई मैचों में कप्तानी की थी। फिर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में ईशान की कप्तानी भी चर्चा में रही। आक्रामक फैसले, खिलाड़ियों पर भरोसा और निडर क्रिकेट, उनकी सोच का असर पूरी झारखंड टीम पर दिखा। साथी खिलाड़ियों के मुताबिक, ईशान मैदान पर खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी दी और मुश्किल हालात में भी उनका साथ नहीं छोड़ा। ईशान किशन ने भारतीय टीम में और भारतीय फैंस के दिल में जो अपनी जगह खोई थी, वह उन्होंने अब फिर से हासिल की है। दो साल के संघर्ष, उतार-चढ़ाव, आलोचना और चुपचाप मेहनत के बाद, यह वापसी ईशान के धैर्य और आत्मविश्वास की जीत है। 
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