किशन बोले- रिव्यू का सारा क्रेडिट वैभव ले गया
किशन ने मजाकिया अंदाज में कहा कि रिव्यू के मामले में वैभव ने हर जगह क्रेडिट ले लिया। उन्होंने बताया कि कई बार वह खुद रिव्यू लेने वाले होते थे, लेकिन वैभव पहले ही पूरे आत्मविश्वास के साथ उनके पास आ जाते थे। किशन ने कहा "सारा क्रेडिट तो इसने हर जगह रिव्यू में ले लिया है। भले मैं रिव्यू लेने वाला था, लेकिन यह आकर बोल देता था कि मैं आपके पास आ जाता हूं। फिर इंटरनेट पर यही दिखेगा- वैभव! माय गुडनेस! वैभव ही सबकुछ है!"
सूर्यवंशी ने भी दिया मजेदार जवाब
किशन की बात सुनकर वैभव सूर्यवंशी भी पीछे नहीं हटे। उन्होंने तुरंत मजेदार जवाब देते हुए पूछा कि जब दोनों मैदान से बाहर जा रहे थे, तब रिव्यू कौन ले रहा था। सूर्यवंशी ने कहा "और जब फील्ड के बाहर जा रहे थे, तब कौन रिव्यू ले रहा था? यह भी तो बता दीजिए!" उनका यह जवाब सुनकर बातचीत और दिलचस्प हो गई।
ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी
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किशन ने बताया- भविष्य के कप्तान हो सकते हैं वैभव
ईशान किशन ने मजाक के बीच वैभव सूर्यवंशी की नेतृत्व क्षमता की भी तारीफ की। उन्होंने युवा खिलाड़ी को भविष्य का कप्तान तक बताया। किशन ने कहा, "हां, वह वैभव ही था। फ्यूचर कप्तान, शायद? देखते हैं आगे कैसे होता है। उसे टीम में रखना बहुत अच्छा है। वह सिर्फ अच्छा खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि बहुत अच्छा लड़का भी है। वह टीम के हर सदस्य का ध्यान रखता है, चाहे वह जूनियर हो या सीनियर।" इसके बाद किशन ने मजाक में खुद ही अपनी बात सुधारी और कहा कि अब वैभव को जूनियर कहना भी ठीक नहीं होगा।
'उम्मीद है आज से भी ज्यादा खतरनाक बनेगा'
किशन ने कहा कि वैभव में आगे और बेहतर करने की क्षमता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवा बल्लेबाज आने वाले समय में इससे भी ज्यादा खतरनाक खिलाड़ी बनेगा। उन्होंने कहा कि यह वैभव का पहला या आखिरी ऐसा प्रदर्शन नहीं है। उनके मुताबिक, वह आगे भी इसी तरह प्रदर्शन करता रहेगा।
वैभव ने किशन की बल्लेबाजी को बताया 'अविश्वसनीय'
वहीं, वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल में ईशान किशन की बल्लेबाजी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैदान के बाहर टीम का माहौल काफी मजेदार था और सभी ने एक-दूसरे के साथ काफी आनंद लिया। वैभव ने किशन की 270 रन की पारी को अविश्वसनीय बताया। उन्होंने कहा कि किशन की बल्लेबाजी से मैच का रुख बदल गया और कप्तान के तौर पर उनके साथ खेलना काफी मजेदार रहा।
किशन बोले- टीम के साथ आनंद लेना सबसे जरूरी
ईशान किशन ने अंत में कहा कि टीम के लिए सबसे जरूरी एक साथ रहकर खेल का आनंद लेना है। उन्होंने कहा कि नतीजा हमेशा खिलाड़ियों के हाथ में नहीं होता, लेकिन टीम के तौर पर साथ मिलकर आनंद लेना जरूरी है। हालांकि, इस बार नतीजा ईस्ट जोन के पक्ष में रहा और टीम ने दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। किशन और सूर्यवंशी की यह मजेदार बातचीत अब फाइनल के बाद के यादगार पलों में शामिल हो गई है।