दिल्ली में फिर दिखेगा पंत का पुराना रंग
ऋषभ पंत का दिल्ली कैपिटल्स के साथ रिश्ता बेहद खास रहा है। युवा खिलाड़ी के रूप में उन्होंने दिल्ली के लिए अपना आईपीएल सफर शुरू किया और बाद में टीम की कप्तानी भी संभाली। वह 2016 से 2024 तक लगातार नौ सीजन इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे और इस दौरान 111 मैच खेले, जो किसी भी खिलाड़ी द्वारा दिल्ली के लिए सबसे ज्यादा मैच हैं। पंत ने 2021 से 2024 के बीच चार सीजन में 43 मैचों में टीम की कप्तानी भी की। आक्रामक बल्लेबाजी और नेतृत्व क्षमता के कारण वह लंबे समय तक दिल्ली की पहचान बने रहे।
कार एक्सीडेंट और चोट से वापसी के बाद वह लखनऊ सुपर जाएंट्स से जुड़े थे, लेकिन अब एक बार फिर दिल्ली के साथ उनका रिश्ता जुड़ रहा है। दिल्ली के फैंस के लिए यह किसी भावनात्मक वापसी से कम नहीं होगी। पंत ने अपने आईपीएल करियर के कई यादगार पल इसी फ्रेंचाइजी के साथ बिताए हैं।
दिल्ली कैपिटल्स को क्या फायदा?
- अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज की वापसी
- कप्तानी का मजबूत विकल्प
- मध्यक्रम को मिलेगी मजबूती
- फैंस से भावनात्मक जुड़ाव
लखनऊ को मिला कुलदीप जैसा मैच विनर
दूसरी तरफ कुलदीप यादव का दिल्ली कैपिटल्स के साथ सफर भी शानदार रहा। 2022 में फ्रेंचाइजी से जुड़ने के बाद उन्होंने पांच सीजन में 65 मैच खेले और 72 विकेट हासिल किए। इस दौरान कुलदीप आईपीएल के सबसे प्रभावी विकेट लेने वाले स्पिनरों में शामिल रहे। उनकी कलाई की स्पिन और बीच के ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता ने दिल्ली को कई मैच जिताए। अब यह विश्वस्तरीय स्पिनर 13.50 करोड़ रुपये की मौजूदा फीस पर लखनऊ सुपर जाएंट्स के साथ जुड़ेगा।
पिछले कुछ वर्षों में कुलदीप ने आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट दोनों में शानदार प्रदर्शन किया है। मध्य ओवरों में विकेट निकालने की उनकी क्षमता लखनऊ के गेंदबाजी आक्रमण को नई धार दे सकती है। खासकर इकाना जैसे स्पिन-अनुकूल मैदान पर कुलदीप विरोधी बल्लेबाजों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं।
लखनऊ सुपर जाएंट्स को क्या फायदा?
- अनुभवी भारतीय स्पिनर की एंट्री
- मध्य ओवरों में विकेट लेने वाला गेंदबाज
- घरेलू परिस्थितियों का फायदा
- गेंदबाजी यूनिट को मजबूती