'विकेट नहीं, कंट्रोल ज्यादा जरूरी'
अश्विन ने बुमराह के समर्थन में खुलकर बात की और कहा कि सिर्फ विकेट न मिलने को मुद्दा बनाना टीम के लिए नुकसानदेह हो सकता है। उन्होंने कहा, 'बुमराह के विकेट न लेने की बात को ज्यादा बढ़ाना टीम के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उनका यॉर्कर डालना और हर रन को रोकना, खासकर वानखेड़े जैसे मैदान पर, विकेट लेने से भी ज्यादा अहम है।'
अश्विन ने यह भी बताया कि टी20 क्रिकेट में गेंदबाजी साझेदारी में होती है और हर गेंदबाज को लगातार ओवर नहीं मिलते, जिससे विकेट लेने की संभावना प्रभावित होती है। उन्होंने कहा, 'जब आप लगातार ओवर नहीं डालते, तो आपकी विकेट लेने की क्षमता आपके दूसरे गेंदबाजों पर भी निर्भर करती है। टी20 में बॉलिंग यूनिट को एक डिफेंसिव ग्रुप की तरह काम करना होता है।'
हार्दिक की कप्तानी पर अश्विन का तीखा हमला
जहां एक तरफ अश्विन ने बुमराह का बचाव किया, वहीं दूसरी ओर हार्दिक पांड्या की कप्तानी पर उन्होंने खुलकर सवाल उठाए। अश्विन ने खासतौर पर उस फैसले को गलत बताया, जब रजत पाटीदार के सामने स्पिनर मयंक मार्कंडे को गेंद थमा दी गई। अश्विन ने 2024 के एक मैच का उदाहरण देते हुए बताया कि पाटीदार पहले भी स्पिनर्स के खिलाफ खतरनाक साबित हो चुके हैं। इसके बावजूद एमआई ने वही रणनीति अपनाई।
उन्होंने कहा, 'रजत पाटीदार स्पिन के खिलाफ खतरनाक बल्लेबाज हैं। जब वह बल्लेबाजी के लिए आए, तो आपने तुरंत मार्कंडे को गेंद दे दी? यह बिल्कुल समझदारी भरा फैसला नहीं था, बहुत ही औसत निर्णय था।' पाटीदार ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और मार्कंडे के ओवर में लगातार तीन छक्के जड़ दिए।