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IPL: 75 लाख के सरफराज 28 करोड़ के प्रशांत-कार्तिक पर भारी; बताया- ज्यादा कीमत से अच्छे प्रदर्शन की गारंटी नहीं

Tue, 07 Apr 2026 08:28 AM IST
Swapnil Shashank स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आईपीएल के शुरुआती मैचों में सीएसके के लिए सरफराज खान सबसे बड़े स्टार बनकर उभरे हैं, जबकि करोड़ों में खरीदे गए कार्तिक शर्मा और प्रशांत वीर संघर्ष कर रहे हैं। यह स्थिति साफ तौर पर दिखाती है कि क्रिकेट में कीमत नहीं, बल्कि प्रदर्शन ही असली पहचान तय करता है।
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कार्तिक शर्मा, सरफराज और प्रशांत वीर - फोटो : IANS/ANI
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विस्तार
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आईपीएल 2026 के शुरुआती मुकाबलों में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक दिलचस्प और चौंकाने वाली कहानी सामने आई है। टीम ने नीलामी में करोड़ों रुपये खर्च कर बड़े नामों को खरीदा, लेकिन मैदान पर प्रदर्शन ने इस सोच को झटका दे दिया कि ज्यादा कीमत हमेशा बेहतर प्रदर्शन की गारंटी होती है। इस सीजन के पहले तीन मैचों ने यह साफ कर दिया है कि क्रिकेट में कीमत नहीं, बल्कि फॉर्म और आत्मविश्वास मायने रखता है।
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75 लाख के सरफराज बने टीम की रीढ़
सरफराज, जिन्हें सिर्फ 75 लाख रुपये में खरीदा गया था, इस समय सीएसके के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बनकर उभरे हैं। तीन मैचों में 99 रन, 33 का औसत और 200 से ज्यादा का स्ट्राइक रेट, ये आंकड़े किसी भी टी20 बल्लेबाज के लिए शानदार माने जाते हैं। दिलचस्प बात यह है कि सरफराज को आमतौर पर टेस्ट क्रिकेट का खिलाड़ी माना जाता रहा है, लेकिन उन्होंने अपने खेल में आक्रामकता और नवाचार जोड़कर टी20 में भी अपनी उपयोगिता साबित कर दी है। मिडिल ऑर्डर में उनकी स्थिरता और स्पिन के खिलाफ उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी ने टीम को कई मुश्किल हालात से निकाला है।

सरफराज खान - फोटो : IANS
28.4 करोड़ का सवाल: उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे सितारे
दूसरी ओर, नीलामी में भारी-भरकम रकम पाने वाले खिलाड़ी अब सवालों के घेरे में हैं। कार्तिक शर्मा, जिन्हें 14.20 करोड़ रुपये में खरीदा गया, तीन मैचों में केवल 25 रन ही बना सके हैं। उनका खराब फॉर्म टीम के टॉप ऑर्डर पर दबाव बढ़ा रहा है। वहीं, प्रशांत वीर की स्थिति और भी उलझी हुई है। 14.20 करोड़ में खरीदे गए इस ऑलराउंडर ने अभी तक गेंदबाजी ही नहीं की है। बल्लेबाजी में उन्होंने 49 रन जरूर बनाए हैं, लेकिन यह प्रदर्शन उस कीमत के हिसाब से काफी नहीं माना जा रहा।

टीम संतुलन पर उठे सवाल
सीएसके ने रवींद्र जडेजा के जाने के बाद टीम संतुलन बनाने के लिए प्रशांत वीर पर भरोसा जताया था, लेकिन अब तक उनकी भूमिका स्पष्ट नहीं हो पाई है। गेंदबाजी में उनका उपयोग न होना टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल खड़े करता है। क्या टीम उन्हें सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पा रही, या फिर उनकी भूमिका ही स्पष्ट नहीं है, यह बड़ा सवाल बन गया है।

प्रशांत वीर - फोटो : IANS
नीलामी रणनीति पर चर्चा तेज
इस पूरे घटनाक्रम ने सीएसके की नीलामी रणनीति पर भी बहस छेड़ दी है। दो खिलाड़ियों पर 28 करोड़ से ज्यादा खर्च करने के बाद भी अपेक्षित प्रदर्शन न मिलना टीम के लिए चिंता का विषय है। इससे टीम की लचीलापन भी प्रभावित हुई है, क्योंकि सैलरी कैप का बड़ा हिस्सा इन खिलाड़ियों पर खर्च हो चुका है।

दबाव में कोचिंग स्टाफ
जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, टीम मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ पर दबाव बढ़ता जाएगा। उन्हें यह तय करना होगा कि क्या प्रशांत वीर को गेंदबाजी में शामिल किया जाए या टीम संयोजन में बदलाव किया जाए? अगर जल्द ही सुधार नहीं हुआ, तो सीएसके को प्लेऑफ की दौड़ में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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सरफराज और कार्तिक - फोटो : IANS
सीख: कीमत नहीं, प्रदर्शन मायने रखता है
आईपीएल का इतिहास बार-बार यह साबित करता रहा है कि महंगे खिलाड़ी हमेशा मैच जिताने वाले नहीं होते। इस सीजन में सरफराज खान इसका ताजा उदाहरण बनकर सामने आए हैं। उनका प्रदर्शन उन सभी फ्रेंचाइजियों के लिए एक सबक है, जिन्होंने नीलामी में उन्हें नजरअंदाज किया था।
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