भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच 10 जुलाई से इकलौते टेस्ट मैच की शुरुआत होगी। दोनों टीमों के बीच साल 1986 से अब तक कुल 15 टेस्ट मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिनमें भारतीय महिला टीम का पलड़ा भारी रहा है।
भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच 10 जुलाई से इकलौते टेस्ट मैच का आगाज होने जा रहा है। साल 1986 से लेकर अब तक दोनों टीमों के बीच कुल 15 टेस्ट मुकाबले खेले जा चुके हैं। अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो भारतीय टीम का पलड़ा इंग्लैंड पर भारी दिखाई देता है।
भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ अब तक खेले गए 15 टेस्ट मैचों में से 3 मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जबकि इंग्लैंड की टीम सिर्फ 1 मैच ही जीत पाई है। इसके अलावा दोनों टीमों के बीच खेले गए शेष 11 मुकाबले ड्रॉ पर समाप्त हुए हैं।
दोनों देशों की महिला टीमों के बीच पहली बार साल 1986 में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज आयोजित की गई थी, जो 0-0 से ड्रॉ रही थी। इसके बाद साल 1995 में इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम की। इसके बाद जुलाई 1999 और जनवरी 2002 में खेले गए 1-1 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे। साल 2002 में हुई दो मैचों की सीरीज भी 0-0 से ड्रॉ छूटी और नवंबर 2005 में खेला गया इकलौता टेस्ट भी बेनतीजा रहा।
वर्षों से जीत के इंतजार के बाद भारत ने साल 2006 में इंग्लैंड के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 से जीती। इसके बाद साल 2014 में हुआ इकलौता टेस्ट भी भारत के नाम रहा। साल 2021 का टेस्ट मुकाबला ड्रॉ रहा, वहीं दिसंबर 2023 में खेले गए मैच में भारत ने एक बार फिर शानदार जीत हासिल की।
भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए टेस्ट मैचों के इतिहास में शीर्ष 3 सबसे बड़े स्कोर बनाने का रिकॉर्ड भारतीय महिला टीम के ही नाम दर्ज है:
भारत-इंग्लैंड महिला टेस्ट मुकाबलों में पूर्व कप्तान मिताली राज सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज हैं। उन्होंने 7 मैचों की 12 पारियों में 51.10 की बेहतरीन औसत से 511 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 1 शतक और 3 अर्धशतक निकले हैं। मिताली राज इन दोनों टीमों के बीच टेस्ट क्रिकेट में 500 का आंकड़ा पार करने वाली इकलौती खिलाड़ी हैं।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ इकलौते टेस्ट मैच से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम की स्टार सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल चोट के कारण इस मुकाबले से बाहर हो गई हैं। 25 वर्षीय दाएं हाथ की बल्लेबाज को पिछले सप्ताह टॉनटन में इंग्लैंड ए के खिलाफ इंडिया ए की ओर से खेलते समय घुटने में गंभीर चोट लगी थी। इसी वजह से उन्हें टेस्ट मैच के लिए उपलब्ध नहीं माना गया है।
भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने बुधवार को मैच से पहले इसकी पुष्टि की कि प्रतिका रावल इस मुकाबले का हिस्सा नहीं होंगी। उनके बाहर होने के बाद चयनकर्ताओं ने बाएं हाथ की बल्लेबाज प्रिया पूनिया को टीम में शामिल किया है।
प्रिया पूनिया ने इंग्लैंड दौरे पर इंडिया ए के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। वह वनडे सीरीज में भारत ए की सबसे सफल बल्लेबाज रहीं और 57 की औसत से 171 रन बनाए। इस दौरान उनका सर्वोच्च स्कोर 87 रन रहा। प्रिया ने अपना पिछला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला दिसंबर 2024 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेला था। करीब डेढ़ साल बाद उनकी राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है। 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाली प्रिया अब तक भारत के लिए 12 वनडे और तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी हैं, लेकिन उन्हें अभी भी अपने टेस्ट डेब्यू का इंतजार है।
वहीं, प्रतिका रावल का बाहर होना भारतीय टीम के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। पिछले एक साल के दौरान वह शीर्ष क्रम में भारत की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में उभरी हैं। उन्होंने इसी साल पर्थ के वाका मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था और दूसरी पारी में शानदार अर्धशतक लगाया था। इसके अलावा वह पिछले वर्ष वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं, जहां उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ शतक जड़ा था। हालांकि उस टूर्नामेंट में भी चोट के कारण उनका अभियान बीच में ही रुक गया था।
लॉर्ड्स के मैदान पर भारतीय महिला टीम अपना पहला टेस्ट मैच खेलने जा रही है। हाल ही में टीम को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद भारतीय टीम महिला टी20 विश्व कप के ग्रुप चरण से भी बाहर हो गई थी। अब हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इस ऐतिहासिक टेस्ट मुकाबले में दमदार प्रदर्शन कर इंग्लैंड दौरे का सकारात्मक अंत करना चाहेगी। हालांकि, प्रतिका रावल की गैरमौजूदगी में शीर्ष क्रम की जिम्मेदारी और बढ़ गई है, जबकि प्रिया पूनिया पर इस कमी को पूरा करने की अहम चुनौती होगी।