भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का आगाज 13 सितंबर से होने जा रहा है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम मैदान पर उतरेगी और इस सीरीज में उसके सामने न केवल अफगानिस्तान के खिलाफ अपना शानदार रिकॉर्ड बरकरार रखने की चुनौती होगी, बल्कि कुछ खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी खास नजर रहेगी।
टी20 इंटरनेशनल में भारत का अफगानिस्तान के खिलाफ पलड़ा अब तक पूरी तरह भारी रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक कुल नौ टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारतीय टीम ने आठ मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा। यानी अफगानिस्तान को अब तक भारत के खिलाफ इस फॉर्मेट में जीत नहीं मिली है।
अफगानिस्तान टीम
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हालांकि, अफगानिस्तान की टीम पिछले कुछ समय में टी20 क्रिकेट में लगातार मजबूत हुई है। उसके पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो किसी भी दिन मुकाबले का रुख बदल सकते हैं। ऐसे में भारत के लिए यह सीरीज सिर्फ रिकॉर्ड कायम रखने का मौका नहीं होगी, बल्कि टीम के कुछ अहम खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का मंच भी होगी।
2024 में दो सुपर ओवर तक पहुंचा था मुकाबला
भारत और अफगानिस्तान के बीच टी20 क्रिकेट में सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक 2024 में बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला गया था। मुकाबला टाई रहा था और विजेता का फैसला करने के लिए दो सुपर ओवर खेलने पड़े थे। आखिरकार भारतीय टीम ने बाजी मारी थी। यह मुकाबला बताता है कि अफगानिस्तान भारत के खिलाफ कितना कड़ा मुकाबला पेश कर सकता है। इसके बाद दोनों टीमों की आखिरी टी20 भिड़ंत 2024 टी20 विश्व कप में हुई थी, जहां भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 47 रन से जीत दर्ज की थी। अब दोनों टीमों के बीच एक बार फिर टी20 सीरीज होने जा रही है और इस बार भारतीय टीम की नजरें अपने रिकॉर्ड को और मजबूत करने पर होंगी। आइए आपको उन पांच भारतीय खिलाड़ियों के नाम बताते हैं, जिनके प्रदर्शन पर इस सीरीज में खासतौर पर निगाहें होंगी।
वैभव सूर्यवंशी
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1. वैभव सूर्यवंशी: 15 साल के बल्लेबाज की अग्निपरीक्षा
इस सीरीज में सबसे ज्यादा चर्चा वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन को लेकर हो सकती है। महज 15 साल की उम्र में भारतीय टी20 टीम में अपनी जगह बनाने वाले वैभव पहले ही अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित कर चुके हैं। इंग्लैंड और जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा रहे वैभव को अफगानिस्तान के खिलाफ भी मौका मिला है। जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज के आखिरी टी20 मुकाबले में उन्होंने 81 रन की दमदार पारी खेली थी। दलीप ट्रॉफी में भी वह अच्छी फॉर्म में नजर आए हैं, लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ उनके सामने अलग तरह की चुनौती होगी। टीम के पास ऐसे स्पिन गेंदबाज हैं जो बल्लेबाजों को लगातार मुश्किल में डाल सकते हैं। इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि वैभव अफगानिस्तान के स्पिन आक्रमण के खिलाफ किस तरह की रणनीति अपनाते हैं।
जसप्रीत बुमराह
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2. जसप्रीत बुमराह: ब्रेक के बाद वापसी पर नजर
जसप्रीत बुमराह की वापसी इस सीरीज को और खास बनाती है। बुमराह ब्रेक के बाद भारतीय टी20 टीम में लौट रहे हैं और लंबे समय से भारतीय क्रिकेट में उनके प्रदर्शन पर सबसे ज्यादा भरोसा किया जाता रहा है। बुमराह ने अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल मुकाबला मार्च में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। अब उनकी नजरें मैदान पर वापसी के साथ अपनी लय हासिल करने पर होंगी। हालांकि, सीरीज में उनकी उपलब्धता फिटनेस टेस्ट पास करने पर निर्भर करेगी। अगर वह पूरी तरह फिट होकर मैदान पर उतरते हैं और अपनी पुरानी लय में नजर आते हैं, तो अफगानिस्तान के बल्लेबाजों के लिए उनके खिलाफ रन बनाना आसान नहीं होगा।
संजू सैमसन
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3. संजू सैमसन: वापसी के बाद खुद को साबित करने का दबाव
संजू सैमसन के लिए भी यह सीरीज बेहद अहम होगी। इंग्लैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। उन्होंने दो मुकाबलों में सिर्फ 28 रन बनाए थे। इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज में भी वह केवल 5 रन बना सके थे। इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्हें टीम में जगह नहीं मिली थी। अब अफगानिस्तान के खिलाफ टीम में वापसी के बाद उनके सामने खुद को साबित करने का मौका है। भारतीय टीम में संजू के साथ ईशान किशन को भी विकेटकीपर के तौर पर शामिल किया गया है। ऐसे में प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए संजू को अपने प्रदर्शन से मजबूत दावा पेश करना होगा।
रवि बिश्नोई
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4. रवि बिश्नोई: स्पिन विभाग में बड़ी जिम्मेदारी
अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में रवि बिश्नोई पर भी खास नजरें होंगी। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल सीरीज में बिश्नोई ने गेंद से प्रभावी प्रदर्शन किया था। वह विकेट लेने के साथ-साथ किफायती गेंदबाजी करने में भी सफल रहे थे। अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों में एक बार फिर उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद होगी। टीम में अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और वरुण चक्रवर्ती जैसे विकल्प भी मौजूद हैं। ऐसे में बिश्नोई के लिए यह सीरीज भारतीय टी20 टीम में अपनी जगह और मजबूत करने का अवसर होगी।
नीतीश कुमार रेड्डी
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5. नीतीश कुमार रेड्डी: ऑलराउंडर के तौर पर मौका
नीतीश कुमार रेड्डी के लिए भी अफगानिस्तान सीरीज काफी महत्वपूर्ण होगी। हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी में उनके पास खुद को बतौर ऑलराउंडर साबित करने का बड़ा मौका होगा। नीतीश चोट से वापसी कर रहे हैं और सीरीज में उनका प्रदर्शन यह तय करने में अहम हो सकता है कि वह भारतीय टी20 टीम में अपनी भूमिका को कितनी मजबूती से स्थापित कर पाते हैं। हालांकि, नीतीश को भी फिटनेस टेस्ट पास करना होगा। अगर वह फिट रहते हैं और प्लेइंग इलेवन में जगह बनाते हैं तो उनसे बल्ले और गेंद दोनों से योगदान की उम्मीद होगी।
बुमराह, नीतीश, हर्षित और सुंदर
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फिटनेस टेस्ट पर भी टिकी नजर
अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिनकी फिटनेस भी अहम होगी। बुमराह के अलावा नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा और वॉशिंगटन सुंदर को भी फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद ही प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकेगा। भारतीय टीम में कप्तान श्रेयस अय्यर के अलावा उप-कप्तान तिलक वर्मा, अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। ऐसे में टीम इंडिया के पास बल्लेबाजी, गेंदबाजी और ऑलराउंड विकल्पों की अच्छी गहराई है।
रिकॉर्ड भारत के पक्ष में, लेकिन अफगानिस्तान को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है
आंकड़े भारतीय टीम के पक्ष में हैं, लेकिन अफगानिस्तान को हल्के में लेना टीम इंडिया के लिए नुकसानदायक हो सकता है। टी20 क्रिकेट में एक-दो ओवर ही पूरे मुकाबले की तस्वीर बदलने के लिए काफी होते हैं। भारत के लिए जहां यह सीरीज अफगानिस्तान के खिलाफ अपने अजेय रिकॉर्ड को बरकरार रखने का मौका होगी, वहीं वैभव सूर्यवंशी और नीतीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ियों के लिए अपनी उपयोगिता साबित करने का मंच होगा। बुमराह की वापसी और संजू सैमसन के प्रदर्शन पर भी निगाहें रहेंगी। 13 सितंबर से शुरू होने वाली यह सीरीज ऐसे में भारत के लिए सिर्फ तीन मुकाबलों की सीरीज नहीं, बल्कि टी20 टीम के कई अहम खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने की परीक्षा भी होगी।