यास्तिका भाटिया और पूरी टीम की तारीफ
हरमनप्रीत ने विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया के शतक की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें इसी वजह से अंतिम एकादश में शामिल किया गया था। उन्होंने कहा "हमने उन्हें इसी वजह से प्लेइंग इलेवन में रखा था। जिस तरह उन्होंने बल्लेबाजी की, उससे मैं बेहद खुश हूं। हमारे सलामी बल्लेबाज हमारी ताकत रहे हैं और पहले हाफ में उनकी बल्लेबाजी देखना शानदार रहा।" कप्तान ने टीम की फील्डिंग की भी तारीफ करते हुए कहा कि सभी खिलाड़ियों ने मिलकर टीम के लिए अपना योगदान दिया।
सपोर्ट स्टाफ को भी दिया श्रेय
हरमनप्रीत ने मुख्य कोच अमोल मजूमदार और सपोर्ट स्टाफ की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सपोर्ट स्टाफ ने खिलाड़ियों का मनोबल बनाए रखा और रेड बॉल क्रिकेट के अनुभव का फायदा टीम को लगातार मिलता रहा। उन्होंने कहा कि सपोर्ट स्टाफ ने काफी रेड बॉल क्रिकेट खेली है। उन्हें पता है कि गेंद कैसे मूव करती है और वे हर समय हमें जरूरी फीडबैक देते रहे। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ सीरीज टीम के पक्ष में नहीं रहीं, लेकिन इसके बावजूद पूरी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।
क्रांति गौड़ ने क्या कहा?
प्लेयर ऑफ द मैच क्रांति गौड़, जिन्होंने मैच में कुल सात विकेट लिए और पहली पारी में पांच विकेट झटके, ने कहा कि लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम देखना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कहा कि बचपन में मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। लेकिन टेस्ट मैच शुरू होने के पहले दिन से ही मैंने तय कर लिया था कि मुझे ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराना है। क्रांति ने कहा कि उन्हें खुद पर और अपने परिवार पर गर्व है। उन्होंने अपने कोच, सीनियर खिलाड़ियों और सभी समर्थकों का आभार जताया। उन्होंने बताया कि मैंने घर पर एक छोटा-सा म्यूजियम बनाया है और इस मैच का स्टंप हमेशा वहीं रखूंगी।
इंग्लैंड कप्तान ने मानी टीम की कमी
इंग्लैंड की कप्तान नैट साइवर-ब्रंट ने स्वीकार किया कि उनकी टीम पहले दिन परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में नाकाम रही और बल्लेबाजी के दौरान बड़ी साझेदारियां भी नहीं बना सकी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन टेस्ट से पहले कुछ और दिन अभ्यास का समय मिलता तो बेहतर रहता। साइवर-ब्रंट ने कहा कि मैं टॉस के फैसले से खुश हूं, लेकिन हम अभ्यास के लिए कुछ और दिन चाहते थे। हालांकि, एक क्रिकेटर के तौर पर आपको ऐसे बदलावों के लिए हमेशा तैयार रहना पड़ता है।