टी20 विश्व कप के बाद लाल गेंद के प्रारूप में ढलना चुनौतीपूर्ण था?
भारतीय महिला क्रिकेटर बहुत कम टेस्ट मैच खेलती हैं। महिला टी20 विश्व कप 2026 के बाद टेस्ट प्रारूप के लिए खुद को मानसिक और तकनीकी रूप से तेजी से ढालना एक बड़ी चुनौती होती है। हालांकि, हरमनप्रीत का मानना है कि ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद उनके कड़े नेट सेशंस ने उन्हें सही मानसिक स्थिति में ला दिया है। उन्होंने कहा "सच कहूं तो यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण है क्योंकि हमें रेड-बॉल क्रिकेट खेलने की वैसी आदत नहीं है, लेकिन हम सभी इस मैच को लेकर बेहद रोमांचित हैं। हमने चार-पांच ट्रेनिंग सेशंस किए हैं, जिनमें हम सभी ने नेट्स में काफी अच्छा प्रदर्शन किया। यह कुछ ऐसा है जिसके हम रोजाना आदी नहीं हैं, लेकिन उत्साह बहुत ज्यादा है। जब आप किसी चीज को लेकर उत्साहित होते हैं, तो हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं। हम शुक्रवार के मैच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"
प्रतिका रावल का बाहर होना बड़ा झटका है और क्या स्पिनर संभालेंगे कमान?
कप्तान ने इस बात को स्वीकार किया कि दाएं घुटने की चोट के कारण प्रतिका रावल का टीम से बाहर होना एक बड़ा झटका था, लेकिन उन्हें अपनी बेंच स्ट्रेंथ और भारत की पारंपरिक स्पिन ताकत पर पूरा भरोसा है कि वे लॉर्ड्स में यादगार प्रदर्शन करेंगी। कौर ने कहा कि जब हमें उनकी चोट के बारे में पता चला तो वह बेहद दुखद पल था। हमने उन्हें सहज महसूस कराने और मैच के लिए तैयार करने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से वह पूरी तरह फिट नहीं हो सकीं। हालांकि, हमारे पास अन्य खिलाड़ी मौजूद हैं जो नेट्स में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं, उम्मीद है कि वे उस कमी को पूरा कर देंगी। एक टीम के तौर पर, हम अपनी मुख्य ताकत के साथ आगे बढ़ने में विश्वास रखते हैं और स्पिन गेंदबाजी हमारी सबसे बड़ी ताकत रही है। फिर भी, हम देखना चाहते हैं कि अंतिम पिच कैसी बनकर तैयार होती है। वहां के हालात देखकर ही हम आगे का फैसला लेंगे।
महिला टेस्ट मैचों की संख्या और भविष्य के रोडमैप पर हरमनप्रीत का क्या रुख है?
जब भारतीय कप्तान से महिला टेस्ट क्रिकेट की कुल संख्या और आगे के रोडमैप के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने क्रिकेट बोर्ड्स और प्रशंसकों पर भरोसा जताया, साथ ही एक खिलाड़ी के तौर पर अपनी व्यक्तिगत इच्छा भी सामने रखी। उन्होंने कहा कि एक क्रिकेटर के तौर पर हम निश्चित रूप से अधिक से अधिक टेस्ट मैचों का हिस्सा बनना चाहते हैं, लेकिन यह पूरी तरह से उच्च अधिकारियों का निर्णय है। अब तक मैंने क्रिकेट में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और इतने वर्षों में महिला क्रिकेट को आगे बढ़ते देखा है। हम सही हाथों में हैं और वही लोग इस पर सही फैसला ले सकते हैं। लेकिन अगर आप मुझसे पूछें, तो एक खिलाड़ी के रूप में मैं लगातार खेलना चाहती हूं और घर पर खाली नहीं बैठना चाहती। हम काफी व्यस्त शेड्यूल में हैं और बीच-बीच में मैच मिल रहे हैं। पिछले मार्च में हमने एक टेस्ट खेला था और अब शुक्रवार को एक और खेलने जा रहे हैं। चीजें सही दिशा में बढ़ रही हैं और उम्मीद है कि भविष्य में हमें और कई टेस्ट मैच देखने को मिलेंगे।