इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 में भारत की 125 रन से हार के बाद संजू सैमसन की वापसी पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, भारत के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर का मानना है कि सिर्फ संजू सैमसन को टीम में वापस लाने के लिए प्लेइंग इलेवन का संतुलन नहीं बिगाड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि सैमसन को तभी मौका मिलना चाहिए, जब उन्हें शीर्ष तीन बल्लेबाजों में खेलने का अवसर मिले। मध्यक्रम में उतारने से उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिलेगी।
अभिषेक नायर ने संजू सैमसन को लेकर क्या सलाह दी?
जब प्रसारणकर्ता ने नायर से पूछा कि क्या तिलक वर्मा को बाहर कर संजू सैमसन को मध्यक्रम में मौका दिया जाना चाहिए, तो उन्होंने इस सुझाव से असहमति जताई। नायर ने कहा "अगर संजू सैमसन को वापस लाना है तो उन्हें ऐसी जगह बल्लेबाजी करानी चाहिए, जहां वह सफल हो सकें। सिर्फ उन्हें टीम में शामिल करने के लिए नंबर-4, 5 या 6 पर भेजना सही नहीं होगा। उन्होंने इन स्थानों पर ज्यादा बल्लेबाजी नहीं की है और वहां उनका रिकॉर्ड भी अच्छा नहीं है।" उन्होंने आगे कहा कि सैमसन की सबसे बड़ी ताकत ओपनिंग या शीर्ष तीन में बल्लेबाजी करना है। अगर टीम उन्हें यह भूमिका नहीं दे सकती तो मौजूदा बल्लेबाजी क्रम के साथ ही आगे बढ़ना बेहतर होगा।
संजू सैमसन का बल्लेबाजी रिकॉर्ड क्या कहता है?
टी20 क्रिकेट में संजू सैमसन ने ज्यादातर बल्लेबाजी शीर्ष तीन स्थानों पर की है। इस क्रम में उनका औसत 30 से अधिक है। वहीं, नंबर-4 पर 65 पारियों में उनका औसत 22.63 रहा है, जबकि नंबर-5 पर 14 पारियों में यह औसत घटकर 15.33 रह जाता है।
क्या तिलक वर्मा पर बढ़ गया है दबाव?
टी20 विश्व कप के बाद उपकप्तान बनाए गए तिलक वर्मा का इंग्लैंड दौरा अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। 45 गेंदों में 56 रन की एक पारी को छोड़ दें तो वह बाकी पांच पारियों में 20 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। तीसरे टी20 में भी वह 11 गेंदों पर सिर्फ तीन रन बनाकर विल जैक्स की गेंद पर स्टंप आउट हो गए। हालांकि, तिलक स्वाभाविक रूप से नंबर-3 के बल्लेबाज हैं, लेकिन ईशान किशन को शीर्ष क्रम में जगह देने के कारण उन्हें नीचे बल्लेबाजी करनी पड़ रही है।
टीम इंडिया को लेकर अभिषेक नायर ने और क्या कहा?
नायर का मानना है कि टीम मैनेजमेंट को घबराकर बदलाव नहीं करने चाहिए। उनके मुताबिक, भारत की सबसे बड़ी समस्या आयरलैंड और इंग्लैंड की परिस्थितियों को सही ढंग से नहीं समझ पाना रही है। उन्होंने कहा कि टीम को इस पर विचार करना होगा। जैसा गौतम गंभीर ने कहा, भारत ने दो बार पहले बल्लेबाजी करते हुए 190 रन बनाए, लेकिन लक्ष्य का पीछा करते समय परिस्थितियों को सही तरह नहीं पढ़ पाया। रन बनाने की सही गति भी टीम तय नहीं कर सकी। उन्होंने दोहराया कि बिना वजह बदलाव करने से बचना चाहिए। अगर संजू सैमसन को टीम में लाना है तो उन्हें ऐसी बल्लेबाजी पोजिशन दी जानी चाहिए, जहां वह सफल हो सकें।
गौतम गंभीर ने हार के बाद क्या स्वीकार किया?
तीसरे टी20 में मिली करारी हार के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी माना कि टीम आयरलैंड और इंग्लैंड की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में सफल नहीं रही। उन्होंने कहा कि अगर टीम ने हालात के मुताबिक बेहतर क्रिकेट खेली होती तो लगातार चार मुकाबले नहीं गंवाने पड़ते।