उन्होंने कहा कि जिस तरह हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स, रोहित शर्मा और विराट कोहली को अपनी टीम के साथ काम करने की स्वतंत्रता मिली थी, उसी तरह श्रेयस अय्यर को भी जिम्मेदारी और भरोसा मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि शुभमन गिल भी वनडे कप्तान बनने के बाद शुरुआती सीरीज नहीं जीत पाए थे। नायर के मुताबिक अभी घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन टीम की दिशा को लेकर स्पष्टता जरूर होनी चाहिए।
क्या स्पिन गेंदबाजों की फॉर्म भी चिंता का विषय बनी?
भारतीय स्पिनरों के प्रदर्शन पर नायर ने कहा कि अक्षर पटेल पहले गेंद को अंदर लाने में काफी सफल रहे हैं, लेकिन टी20 क्रिकेट में फॉर्म भी अहम होती है। उनके अनुसार अगर गेंद में पहले जैसा मूवमेंट नहीं दिख रहा है तो इसकी वजह एक्शन या लगातार क्रिकेट खेलना भी हो सकता है।
उन्होंने कहा कि अक्षर ने लंबे समय से कठिन ओवर डाले हैं, इसलिए इंग्लैंड के बल्लेबाज उन्हें निशाना बनाने में सफल रहे। नायर को भरोसा है कि अक्षर जल्द फॉर्म में लौटेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती जैसे स्पिनरों के साथ भी टीम लगातार स्थिरता नहीं रख सकी है।
नायर ने अंत में कहा कि गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले और सहयोगी स्टाफ को भविष्य को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों के साथ काम करना चाहिए। हार के बाद खिलाड़ियों को बाहर करने के बजाय उन्हें यह बताया जाना चाहिए कि टीम उनसे क्या उम्मीद करती है और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। उनके अनुसार हार के बाद दिशा तय करनी चाहिए, न कि माहौल में भ्रम पैदा करना।