पावरप्ले में नहीं बना पर रहे रन
भारतीय खिलाड़ी पावरप्ले (शुरुआती छह ओवरों) में रन बनाने के लिए जूझ रहे हैं। जिन दो मैचों में उसे हार मिली उनमें टीम ने पावरप्ले में क्रमश: 22 और 24 रन बनाए। इससे टीम के अंतिम स्कोर पर असर पड़ा। दोनों ही मैचों में एक बल्लेबाज (क्रमश: अय्यर और कोहली) ने शानदार प्रदर्शन किया।
इंग्लैंड पेसरों मार्क वुड और जोफरा आर्चर ने पहले छह ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों को काफी परेशान किया है। ये दोनों विकेट से अतिरिक्त उछाल हासिल करके भारतीय बल्लेबाजों को दुविधा में डालने में सफल रहे हैं।
राहुल की फॉर्म चिंता का सबब
तीन मैचों में भारत ने तीन बार ओपनिंग जोड़ियां बदली। इसका खामियाजा भी भारत को भुगतना पड़ा। रोहित को पहले दो मैचों में आराम देकर तीसरे में लोकेश के साथ उतरा। पहले में लोकेश को धवन तो दूसरे में युवा विकेटकीपर बल्लेबाज इशान किशन के साथ।
दूसरे मैच में इशान ने 56 रन की शानदार पहली खेली जिससे भारत ने जीत दर्ज की। राहुल तीन मैचों में सिर्फ एक रन बना पाए हैं जबकि दो बार खाता भी नहीं खोल पाए। उनकी नाकामी टीम के लिए चिंता का सबसे बड़ा सबब है। बावजूद इसके कप्तानी कोहली स्पष्ट कर चुके हैं कि कर्नाटक का यह बल्लेबाज और रोहित सलामी जोड़ी के रूप में उनकी प्राथमिकता हैं।
चल रहा है कोहली का बल्ला
पहले मुकाबले में खाता नहीं खोलने वाले कोहली अगले दो मैचों में अर्द्धशतकीय पारी खेलकर लय में लौट आए हैं। कोहली अब तक सीरीज में 150 की औसत और 150 की स्ट्राइक रेट से 150 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर बने हुए हैं। उनके अलावा भारत की ओर से अय्यर (84) दूसरे और पंत (72) तीसरे स्थान पर हैं।
हार्दिक नहीं चटका पा रहे विकेट
तीसरे मैच के बाद कोहली के बयान पर गौर करें तो हार्दिक और सुंदर के साथ टीम में एक अन्य ऑलराउंडर को जगह मिल सकती है। वह पदार्पण का इंतजार कर रहे राहुल तेवतिया और अक्षर पटेल में से कोई एक हो सकता है। ऑलराउंडर के रूप में हार्दिक सीरीज में अभी तक कुछ खास नहीं कर सके।
उन्होंने 18 की औसत से सिर्फ 36 रन बनाए हैं। वह अब तक कोई विकेट नहीं चटका पाए हैं। चोट के बाद वापसी करते हुए पहली सीरीज खेल रहे भुवनेश्वर कुमार ने किफायती गेंदबाजी की है लेकिन उनके खाते में सिर्फ एक विकेट आया है। टीम को उनसे उम्मीद है कि वह नई गेंद से नियमित विकेट चटकाए।
सुंदर छोड़ रहे छाप
ऑफ स्पिनर वाशिंगटन सुंदर ने सबसे अधिक प्रभावित किया है। उन्होंने 6.95 प्रति ओवर की प्रभावी इकोनॉमी रेट के साथ चार विकेट चटकाए हैं और मार्क वुड के साथ दूसरे नंबर पर हैं।
बटलर ने जगाई उम्मीद
इंग्लैंड भी हर तरह के हालात में जीत दर्ज करना चाहता है और टीम पिछले मैच में जीत से उत्साहित होगी। बटलर की फॉर्म में वापसी भारत के लिए चिंता का विषय होगी क्योंकि जिस दिन यह बल्लेबाज लय में होता है तो किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखता है।
भारत के खिलाफ दो टेस्ट में बुरी तरह नाकाम रहे जॉनी बेयरस्टो ने मनोबल बढ़ाने वाली नाबाद 40 रन की पारी खेली। इंग्लैंड को अब दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज डेविड मलान केफॉर्म में लौटने का इंतजार है।