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क्रिकेट: भारतीय टीम द्वारा घर में मिली हार से घायल ऑस्ट्रेलिया   

Thu, 21 Jan 2021 07:34 AM IST
Kuldeep Singh स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ब्रिस्बेन
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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग
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चोटों की समस्या से जूझ रही भारतीय टीम ने अपने कई प्रमुख खिलाड़ियों के बिना गाबा में चौथे और अंतिम टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से हराकर श्रृंखला क्या जीता, ऑस्ट्रेलिया पर मानो मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा है। उसने एडिलेड में अपने न्यूनतम स्कोर 36 रन पर आउट होने के बाद यह शानदार वापसी की।

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पेन पर बरसे कई पूर्व कप्तान, व्यापक फेरबदल के उठे सुर 
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ‘स्तब्ध’ हैं और समझ नहीं पा रहे कि कैसे भारत की ‘ए टीम’ ने ऑस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर हरा दिया। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि भारतीय टीम जीत की हकदार थी। वॉर्न ने कहा कि अब व्यापक फेरबदल होगा।

पूर्व कप्तान क्लॉर्क ने कहा कि हार के डर के कारण नकारात्मक रवैये के कारण यह दिन देखना पड़ा है। टिम की न केवल कप्तानी बल्कि विकेट कीपिंग की भी आलोचना हो रही है। 
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पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने कहा, भारतीय टीम पिछले पांच या छह सप्ताह में जिन हालात से गुजरी है। कप्तान स्वदेश लौट गया और खिलाड़ियों की चोटों के बीच वे पूरी मजबूत टीम नहीं उतार सके। ऑस्ट्रेलिया तो पूरी मजबूत टीम के साथ खेला था, बस शुरुआत में डेविड वॉर्नर नहीं खेल पाए थे।’

उन्होंने कहा, ‘यह भारत की दूसरी चुनी हुई टीम भी नहीं थी क्योंकि इसमें भुवनेश्वर कुमार या इशांत शर्मा भी नहीं थे । रोहित शर्मा भी आखिरी दो टेस्ट मैचों में ही खेले। उन्होंने शानदार क्रिकेट खेली। टेस्ट मैच के सभी निर्णायक मौकों को भुनाया जो ऑस्ट्रेलिया नहीं कर सका। दोनों टीमों में यही फर्क था। भारत इस जीत का हकदार था।

मैं स्तब्ध हूं कि ऑस्ट्रेलिया यह शृंखला नहीं जीत सकी। यह तो भारत की ए टीम थी और फिर भी इसने मैच जीत लिया।  - रिकी पोंटिंग

नकारात्मक सोच ले डूबी 
अन्य पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया को नकारात्मकता की जगह आक्रामक रुख अपनाना चाहिए था। हार के डर के कारण यह रवैया अपनाया। हमें जीत की ओर निहारना चाहिए था। हालांकि वह टिम पेन को इसके लिए दोषी नहीं मानते।

उनका कहना है नकारात्मक सोच ने नीचा दिखाया है। आप चाहे 20 ओवर शेष रहते हारो या अंतिम गेंद पर इससे फर्क नहीं पड़ता। अंतत: आपको हार मिली है। आपको मैच जीतकर ट्रॉफी जीतनी चाहिए थी। 

‘मुझे लगता है कि हमारा रवैया कुछ अवसरों पर नकारात्मक रहा क्योंकि हमारे अंदर पराजय का भय था। इसके बजाय हमें सख्त रवैया अपनाकर मैच जीतने की कोशिश करनी चाहिए थी। - माइकल क्लार्क 
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23 : मैच खेले हैं ऑस्ट्रेलिया ने टिम पेन की कप्तानी में जिसमें 11 में जीत मिली है।
02 : सीरीज घर में पेन की टीम भारत के हाथों गंवाई है, जिसने दिया है झटका।

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