भारत ने पहले बल्लेबाजी का लिया फैसला
पहले मुकाबले में भारत-ए के कप्तान तिलक वर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। हालांकि टीम को शुरुआती झटके लगे, लेकिन इसके बाद ऋतुराज गायकवाड़ ने पारी को संभाल लिया। चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज ने आक्रामक और संयमित बल्लेबाजी का शानदार मिश्रण दिखाते हुए 112 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। इस दौरान उन्होंने छह चौके और तीन छक्के लगाए। यह उनके लिस्ट-ए करियर का 21वां शतक रहा।
तिलक वर्मा के साथ की बड़ी साझेदारी
भारत-ए की पारी को मजबूती देने में कप्तान तिलक वर्मा ने भी अहम भूमिका निभाई। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 185 गेंदों में 150 रन की साझेदारी की। जब भारत का स्कोर 219/3 था, तब ऋतुराज ने अपना शतक पूरा किया। वहीं तिलक वर्मा ने भी अर्धशतक जमाकर टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला।
शतक के बाद जल्द लौटे पवेलियन
शतक पूरा करने के कुछ ही समय बाद ऋतुराज अपनी पारी को और बड़ा नहीं बना सके। वह 114 गेंदों में 101 रन बनाकर वानुजा साहन का शिकार बने। उनकी पारी में छह चौके और तीन छक्के शामिल रहे। इसके तुरंत बाद कप्तान तिलक वर्मा भी 97 गेंदों में 60 रन बनाकर मोहम्मद शिराज की गेंद पर आउट हो गए। दोनों बल्लेबाजों के आउट होने से भारत-ए को लगातार दो झटके लगे और स्कोर 45 ओवर में 225/5 हो गया।
आखिरी समय में मिला था मौका
ऋतुराज गायकवाड़ को इस सीरीज के लिए आखिरी समय में भारत-ए टीम में शामिल किया गया था। यशस्वी जायसवाल को विराट कोहली की चोट के बाद अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय वनडे टीम में जगह मिली, जिसके बाद ऋतुराज को भारत-ए स्क्वॉड में शामिल किया गया। ऐसे में यह शतक उनके लिए काफी अहम माना जा रहा है। लंबे समय से राष्ट्रीय टीम में नियमित मौके का इंतजार कर रहे ऋतुराज ने एक बार फिर बल्ले से अपनी क्षमता साबित की है। ऋतुराज ने भारतीय सीनियर टीम के लिए पिछली बार कोई वनडे सीरीज 2025 में खेली थी। तब दक्षिण अफ्रीका की टीम भारत के दौरे पर आई थी। उस सीरीज के दूसरे वनडे में ऋतुराज ने 83 गेंद में 12 चौके और दो छक्के के साथ 105 रन की पारी खेली थी। इसके बाद इस सीरीज के तीसरे वनडे में उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था। इस सीरीज के बाद वह भारतीय वनडे टीम में वापसी नहीं कर सके। यानी शतक के बाद उन्हें बाहर कर दिया गया था।
भारत-ए की प्लेइंग इलेवन में कई युवा सितारे
भारत-ए की टीम में वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह, आयुष बदोनी, अर्शद खान और सूर्यांश शेडगे जैसे युवा खिलाड़ी शामिल हैं। वहीं गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी अंशुल कंबोज, अनुकूल रॉय और विपराज निगम जैसे खिलाड़ियों के कंधों पर है। दूसरी ओर श्रीलंका-ए की टीम में निरोशन डिकवेला, अविष्का फर्नांडो और सदीरा समरविक्रमा जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं। ऋतुराज का यह शतक ऐसे समय आया है जब भारतीय टीम में जगह के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है। ऐसे में डंबुला में खेली गई यह पारी चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने वाली साबित हो सकती है।
इस मैच में भारत के अन्य बल्लेबाजों का प्रदर्शन
| बल्लेबाज |
रन |
गेंद |
चौके |
छक्के |
| प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर) |
2 |
11 |
0 |
0 |
| वैभव सूर्यवंशी |
14 |
12 |
3 |
0 |
| प्रियांश आर्य |
32 |
32 |
4 |
1 |
| ऋतुराज गायकवाड़ |
101 |
114 |
6 |
3 |
| तिलक वर्मा (कप्तान) |
60 |
97 |
2 |
1 |