क्यों नहीं दिया गया वाइड+6?
हालांकि, गेंद और बल्ले का कोई संपर्क नहीं हुआ था। ऐसे में पोलार्ड के खाते में छक्का दर्ज नहीं किया जा सकता था। अंपायरों ने गेंद को वाइड करार दिया और गेंद के बाउंड्री के पार जाने पर चार अतिरिक्त रन दिए। इस तरह एक ही गेंद पर टोरंटो सिक्सर्स को कुल पांच रन मिले। यानी गेंद बल्लेबाज के बल्ले से नहीं लगी, फिर भी टीम के स्कोर में पांच रन जुड़ गए।
क्या कहते हैं नियम?
इस घटना को समझने के लिए क्रिकेट के एमसीसी (मेरिलिबोन क्रिकेट क्लब) के नियम अहम हैं। नियमों के मुताबिक, गेंद के हवा में बाउंड्री के पार जाने भर से छक्का नहीं दिया जा सकता। छक्का तभी माना जाएगा, जब बल्लेबाज के बल्ले से गेंद का संपर्क हुआ हो।
- नियम 19.7.1- बाउंड्री सिक्स: छक्का तभी दिया जाता है, जब गेंद को बल्लेबाज के बल्ले से मारा गया हो और वह मैदान के अंदर जमीन को छुए बिना बाउंड्री के बाहर गिरे।
- नियम 19.7.2- बाउंड्री फोर: अगर गेंद को बल्ले से नहीं मारा गया और वह सीधे बाउंड्री तक पहुंच जाती है या उसे पार कर जाती है, तो उसे बाउंड्री चार माना जाता है। गेंद हवा में बाउंड्री पार करे या जमीन पर टप्पा खाने के बाद जाए, इससे फर्क नहीं पड़ता।
- नियम 22.6- वाइड: वाइड गेंद पर बल्लेबाजी टीम को एक रन का वाइड पेनल्टी रन मिलता है। इसके अलावा गेंद बाउंड्री तक पहुंचती है तो बाउंड्री के रन भी जुड़ते हैं।
इस मामले में पोलार्ड ने गेंद को बल्ले से छुआ ही नहीं था। इसलिए हवा में बाउंड्री पार करने के बावजूद इसे छक्का नहीं दिया जा सकता था। गेंद वाइड थी, इसलिए एक रन वाइड का मिला और बाउंड्री पार करने के कारण चार रन और जुड़े। इस तरह टोरंटो सिक्सर्स को एक गेंद पर कुल पांच रन मिले।