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BCCI Pension Scheme: संन्यास के बाद क्रिकेटरों की कमाई कैसे जारी रहती है? बीसीसीआई की पेंशन व्यवस्था को समझें

Thu, 06 Aug 2026 12:02 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अजिंक्य रहाणे के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद एक बार फिर बीसीसीआई की पेंशन योजना चर्चा में है। आखिर पूर्व भारतीय क्रिकेटरों को कितनी पेंशन मिलती है, कौन किस श्रेणी में आता है और किन परिस्थितियों में भुगतान रुक सकता है? जानिए सवाल-जवाब के जरिए पूरी जानकारी।
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बीसीसीआई की पेंशन योजना - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। इसके साथ ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की पेंशन योजना एक बार फिर चर्चा में आ गई है। रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट मैच खेले हैं, इसलिए वह बीसीसीआई की सबसे ऊंची पेंशन श्रेणी में आते हैं। आइए जानते हैं कि यह योजना कैसे काम करती है और किसे कितनी राशि मिलती है।
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पुजारा और रहाणे - फोटो : BCCI
वेलफेयर फ्रेमवर्क की प्रमुख विशेषताएं क्या-क्या हैं?
 
  • वैश्विक स्तर पर अनूठी पहल: बीसीसीआई दुनिया के उन चुनिंदा बड़े क्रिकेट बोर्डों में शामिल है, जो अपने पूर्व खिलाड़ियों के लिए स्वतंत्र रूप से मासिक पेंशन योजना संचालित करता है। इस मामले में यह क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड जैसे बोर्डों से अलग है।
  • सक्रिय खिलाड़ी नियम: यह योजना केवल रिटायर्ड क्रिकेटरों के लिए है। यदि कोई खिलाड़ी संन्यास से वापसी कर दोबारा पेशेवर क्रिकेट खेलने लगता है, तो उसकी पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी जाती है। पूरी तरह से दोबारा संन्यास लेने के बाद नियमों के अनुसार पेंशन फिर शुरू की जा सकती है।
  • चिकित्सा सहायता: मासिक पेंशन के अलावा, कम से कम 10 प्रथम श्रेणी (फर्स्ट क्लास) मैच खेलने वाले रिटायर्स घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर 10 लाख रुपये तक के मेडिकल री-इम्बर्समेंट के पात्र होते हैं।
  • परिवार को आर्थिक सहायता: इस योजना में खिलाड़ी के निधन की स्थिति में उनकी पत्नी के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है, ताकि परिवार को वित्तीय सुरक्षा मिल सके।

अजिंक्य रहाणे - फोटो : ANI
रहाणे को कितनी पेंशन मिलेगी?
रहाणे ने भारत के लिए 25 से ज्यादा टेस्ट मैच खेले हैं। बीसीसीआई की संशोधित पेंशन व्यवस्था (1 जून 2022 से लागू) के मुताबिक, ऐसे पूर्व टेस्ट क्रिकेटरों को 70,000 रुपये प्रति माह पेंशन मिलती है। इसलिए रहाणे भी इसी श्रेणी में शामिल होंगे।

बीसीसीआई में पेंशन की कितनी श्रेणियां हैं?
यह फिलहाल बीसीसीआई की पेंशन योजना में पांच प्रमुख मासिक श्रेणियां हैं- 
 
  • 70,000 रुपये: 25 या उससे अधिक टेस्ट खेलने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर।
  • 60,000 रुपये: 25 से कम टेस्ट खेलने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर।
  • 52,500 रुपये: पूर्व भारतीय महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर।
  • 45,000 रुपये: 2003 से पहले संन्यास लेने वाले पात्र प्रथम श्रेणी क्रिकेटर।
  • 30,000 रुपये: अन्य पात्र पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर।

जलज सक्सेना को भारतीय टीम से खेलने का मौका नहीं मिला - फोटो : BCCI
प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलकर संन्यास पर क्या होता है?
बीसीसीआई की पेंशन योजना केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट में योगदान देने वाले पात्र प्रथम श्रेणी (फर्स्ट क्लास) खिलाड़ियों को भी इसका लाभ मिलता है। इस योजना के तहत 2003 से पहले संन्यास लेने वाले पात्र प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों को 45,000 रुपये प्रति माह, जबकि अन्य पात्र पूर्व प्रथम श्रेणी खिलाड़ियों को 30,000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है। इसका उद्देश्य लंबे समय तक भारतीय घरेलू क्रिकेट की सेवा करने वाले खिलाड़ियों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

क्या सिर्फ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ही इस योजना का लाभ लेते हैं?
नहीं। बीसीसीआई की पेंशन योजना केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों तक सीमित नहीं है। इसमें घरेलू क्रिकेट खेलने वाले पात्र पूर्व प्रथम श्रेणी खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है, ताकि लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की सेवा करने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

रविचंद्रन अश्विन - फोटो : BCCI
क्या पेंशन हमेशा मिलती रहती है?
आमतौर पर पेंशन जारी रहती है। हालांकि, यदि कोई लाभार्थी बीसीसीआई या किसी राज्य क्रिकेट संघ में वेतनभोगी पद स्वीकार करता है, जैसे कोच, चयनकर्ता या प्रशासक, तो ऐसी स्थिति में पेंशन का भुगतान अस्थायी रूप से रोका जा सकता है। पद छोड़ने के बाद नियमों के अनुसार इसे फिर शुरू किया जा सकता है।

बीसीसीआई की पेंशन योजना कब शुरू हुई थी?
बीसीसीआई ने यह योजना 2004 में शुरू की थी। शुरुआत में करीब 174 पूर्व खिलाड़ियों और अधिकारियों को प्रति माह 5,000 रुपये पेंशन दी जाती थी। समय के साथ पात्रता का दायरा बढ़ाया गया और पेंशन राशि में भी कई बार बढ़ोतरी की गई। सबसे बड़ा संशोधन एक जून 2022 से लागू हुआ, जिसके बाद मौजूदा पांच श्रेणियां लागू हैं।
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सूर्यकुमार यादव - फोटो : BCCI
क्या सिर्फ वनडे और टी20 खेलकर रिटायर होने वाले खिलाड़ियों को भी BCCI की पेंशन मिलती है?
हां, लेकिन केवल वनडे और टी20 खेलने भर से पेंशन नहीं मिलती। यदि किसी पुरुष खिलाड़ी ने टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है, तो उसे बीसीसीआई की पेंशन योजना का लाभ पाने के लिए कम से कम 25 प्रथम श्रेणी (फर्स्ट क्लास) मैच खेलना जरूरी है। यानी उसकी पात्रता सफेद गेंद (व्हाइट-बॉल) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बजाय घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट के आधार पर तय होती है।

ऐसे खिलाड़ियों को कितनी पेंशन और क्या अन्य सुविधाएं मिलती हैं?
 
  • यदि कोई पात्र खिलाड़ी सभी प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से संन्यास ले चुका है और प्रथम श्रेणी मैचों की निर्धारित पात्रता पूरी करता है, तो उसे 30,000 रुपये से 45,000 रुपये प्रति माह तक पेंशन मिल सकती है। राशि उसके संन्यास के समय और मैचों की पात्रता के आधार पर तय होती है।
  • इसके अलावा, यदि उसने कम से कम 10 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं, तो वह 10 लाख रुपये तक की मेडिकल री-इम्बर्समेंट का भी हकदार होता है।
  • वहीं, महिला क्रिकेटरों के लिए अलग व्यवस्था है। पूर्व भारतीय महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को टेस्ट खेलने की अनिवार्यता नहीं है और उन्हें संन्यास के बाद 52,500 रुपये प्रति माह की निश्चित पेंशन मिलती है।
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