पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने एक बार फिर क्रिकेट और राजनीति को साथ जोड़कर विवाद खड़ा कर दिया है। बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से हटाए जाने के बाद नकवी ने संकेत दिए कि पाकिस्तान एकजुटता दिखाने के लिए टूर्नामेंट से हट सकता है। इस बयान पर भारत के 1983 विश्व कप विजेता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने कड़ा रिएक्शन दिया है।
बांग्लादेश मुद्दा और नकवी का बयान
बांग्लादेश ने अपने मैच न्यूट्रल वेन्यू (जैसे श्रीलंका) में कराने की मांग की थी, जो स्वीकार नहीं हुई। इसके बाद बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया। इसी मुद्दे पर मोहसिन नकवी ने कहा कि पाकिस्तान टी20 विश्व कप से हटने पर विचार कर रहा है। नकवी की यह टिप्पणी पाकिस्तान में राजनीतिक हलकों में खूब चल रही है, पर क्रिकेट विशेषज्ञ इसे राजनीति साधने का प्रयास भी कह रहे हैं।
श्रीकांत की चेतावनी- मत आना, वरना…!
मोहसिन नकवी के बयान पर टीम इंडिया के पूर्व ओपनर और वर्ल्ड कप चैंपियन कृष्णमाचारी श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'अरे पाकिस्तान, मत आना। तुम्हारे मोहन नकवी बोल रहे हैं न.... मत आना। वरना पिट जाओगे। कोलंबो में छक्का मारा तो चेन्नई में गिरेगा। सबसे अच्छा ऑप्शन है बहाना ढूंढो और मत आओ।'
श्रीकांत यहीं नहीं रुके, उन्होंने टीम इंडिया की जबरदस्त फॉर्म का उदाहरण देते हुए कहा, 'पिछले मैच में भारत ने 15 ओवर में 209 किए, इस बार 10 ओवर में 150। इसे देखकर कई टीमें बोलेंगी- हम नहीं आ रहे, कप तुम रख लो। ऐसी हिटिंग टी20 में कभी नहीं देखी।'
पाकिस्तान टीम घोषित, पर सरकारी क्लियरेंस नहीं
दिलचस्प बात यह है कि नकवी के बयान के कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 स्क्वॉड का एलान कर दिया, लेकिन भागीदारी पर अब भी अनिश्चितता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीसीबी मैनेजमेंट ने कहा कि सरकार से अब तक हरी झंडी नहीं मिली है। लाहौर में खिलाड़ियों और कोचों से नकवी ने कहा, 'हम सरकार की सलाह का इंतजार कर रहे हैं। सरकार जो कहेगी वही करेंगे। अगर वे कहेंगे कि नहीं जाना, तो हम नहीं जाएंगे।'
पाकिस्तान का वर्ल्ड कप में खेलना या न खेलना अब महज क्रिकेट का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक और राजनयिक फैसला बन गया है। वहीं श्रीकांत का बयान स्पष्ट करता है कि भारत में इस मुद्दे को राजनीति नहीं, मैदान से जोड़ा जा रहा है और टीम इंडिया की फॉर्म को देखते हुए चेतावनी भी व्यंग्य में दी जा रही है।