दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 21 गेंदों में 46 रन बनाकर शानदार शुरुआत की। हालांकि, दिल्ली के युवा ऑलराउंडर माधव तिवारी ने धीमी गेंद पर उन्हें आउट कर दिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई कि क्या गेंद की रफ्तार कम करना वैभव के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बन चुका है, लेकिन राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ इससे सहमत नजर नहीं आए।
राठौड़ ने किया वैभव का बचाव
पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में राठौड़ ने कहा, 'दुनिया में कोई भी खिलाड़ी परफेक्ट नहीं होता। हर किसी में कुछ न कुछ कमजोरी होती है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि स्लोअर गेंद वैभव की कमजोरी है। इस विकेट पर जहां गेंद रुककर आ रही थी, वहां किसी भी बल्लेबाज को परेशानी हो सकती थी।' उन्होंने आगे कहा, 'वह एक खास खिलाड़ी है। उसकी प्रतिभा और क्षमता के बारे में काफी कुछ कहा जा चुका है। उसने फिर हमें शानदार शुरुआत दिलाई। अब बस जरूरत है कि वह एक बड़ी पारी को अंत तक ले जाए।'
'वैभव और ध्रुव की तुलना सही नहीं'
राठौड़ से यह भी पूछा गया कि क्या वैभव को ध्रुव जुरेल की तरह धैर्य से बल्लेबाजी करनी चाहिए। इस पर उन्होंने साफ कहा कि दोनों खिलाड़ियों की शैली अलग है। उन्होंने कहा, 'ध्रुव को वैभव की तरह बल्लेबाजी करने की जरूरत नहीं है और वैभव को ध्रुव जैसा बनने की जरूरत नहीं। दोनों की अपनी ताकत है। अगर खिलाड़ी अपनी ताकत पर भरोसा रखे तो वह आसानी से सफल हो सकता है।'
जडेजा की चोट पर भी आया अपडेट
इस मुकाबले में रवींद्र जडेजा टीम का हिस्सा नहीं थे। कप्तान रियान पराग ने पहले इसे वर्कलोड मैनेजमेंट बताया था, लेकिन राठौड़ ने खुलासा किया कि जडेजा घुटने की हल्की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'उनके घुटने में हल्की परेशानी है। टीम मैनेजमेंट ने सोचा कि उन्हें एक मैच का और आराम देना बेहतर रहेगा।' अब राजस्थान रॉयल्स को प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए अपने बाकी दोनों मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे।