भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को द्वारका स्थित ओमेक्स स्टेडियम में उनके नाम पर स्टैंड समर्पित किया गया। इस खास मौके पर हरमनप्रीत भावुक नजर आईं और इसे अपने करियर की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, 'मैं बहुत भावुक हूं। एक क्रिकेटर के तौर पर मैंने सिर्फ देश के लिए खेलने और खिताब जीतने का सपना देखा था, लेकिन कभी नहीं सोचा था कि मेरे नाम पर स्टैंड होगा।'
मल्टी-फॉर्मेट सीरीज पर जोर
इस कार्यक्रम के दौरान हरमनप्रीत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल ही में हुई मल्टी-फॉर्मेट सीरीज पर भी बात की और इसे खिलाड़ियों के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा, 'ऐसी मल्टी-फॉर्मेट सीरीज और होनी चाहिए, क्योंकि हर हफ्ते अलग फॉर्मेट खेलना एक नया और चुनौतीपूर्ण अनुभव देता है।' उन्होंने माना कि तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, टी20) एक साथ खेलना खिलाड़ियों के लिए नया अनुभव रहा, लेकिन इससे टीम को काफी सीख मिली।
खिताब जीतना क्यों जरूरी?
हरमनप्रीत ने साफ कहा कि पहचान पाने के लिए सिर्फ मेहनत काफी नहीं, बल्कि ट्रॉफी जीतना भी जरूरी है। उन्होंने कहा, 'किसी भी फील्ड में आपको कुछ खास करना होता है, खिताब जीतना होता है, तभी पहचान मिलती है। वरना मेहनत बेकार लगती है।' उन्होंने यह भी कहा कि महिला क्रिकेटरों ने वर्षों से कड़ी मेहनत की है और कई बार अपने खर्च पर भी खेला है।
फैंस और मीडिया का सपोर्ट
कप्तान ने भारतीय फैंस और मीडिया के समर्थन को टीम के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, 'खिताब जीतने के बाद हमें जो प्रतिक्रिया मिली, वह हमारे लिए बहुत बड़ी बात है।'