भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की टेस्ट क्रिकेट में वापसी को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा का मानना है कि अगर हार्दिक पांड्या फिट हैं और टेस्ट क्रिकेट खेलने के इच्छुक हैं, तो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) उन्हें रोकने का कोई कारण नहीं देखेगा। उथप्पा ने कहा कि हार्दिक का टेस्ट टीम में नंबर-सात की भूमिका में लौटना शानदार होगा।
2018 के बाद नहीं खेला टेस्ट
हार्दिक पांड्या ने आखिरी बार 2018 में टेस्ट क्रिकेट खेला था। इसके बाद पीठ की गंभीर चोट के कारण वह रेड-बॉल क्रिकेट से दूर हो गए। उनकी गैरमौजूदगी में टीम इंडिया ने फास्ट-बॉलिंग ऑलराउंडर्स के विकल्प तलाशे, जिनमें नीतीश कुमार रेड्डी और शार्दुल ठाकुर प्रमुख नाम रहे हैं।
आंकड़े बताते हैं क्षमता
हार्दिक पांड्या ने अब तक भारत के लिए 11 टेस्ट मैच खेले हैं। इन मुकाबलों में उन्होंने 532 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं। गेंदबाजी में भी उन्होंने 17 विकेट झटके हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि फिट रहने पर हार्दिक टेस्ट क्रिकेट में भी टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।
'फैसला हार्दिक का होगा'
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए रॉबिन उथप्पा ने कहा, 'अगर हार्दिक पांड्या टेस्ट में नंबर-सात पर लौटते हैं तो यह शानदार होगा। क्रिकेट में कुछ भी हो सकता है। अगर हार्दिक खेलना चाहें और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीतने की इच्छा रखें, तो BCCI उन्हें मना क्यों करेगी?' उथप्पा ने यह भी कहा कि बोर्ड उनसे सिर्फ फिटनेस का सबूत मांग रहा है।
गेंदबाजी लोड पर सवाल
उथप्पा के मुताबिक, टेस्ट क्रिकेट में ऑलराउंडर से प्रति पारी 12 से 15 ओवर की गेंदबाजी अपेक्षित होती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में नीतीश कुमार रेड्डी भी 20 ओवर नहीं, बल्कि लगभग 12 ओवर ही गेंदबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'अगर हार्दिक आज जिस तरह फिट हैं, उसी तरह गेंदबाजी और बल्लेबाजी कर रहे हैं, तो वह यह जिम्मेदारी निभा सकते हैं।'
टेस्ट ग्रैंड स्लैम का सपना
उथप्पा ने यह भी जोड़ा कि हार्दिक पांड्या पहले ही कई ICC ट्रॉफी जीत चुके हैं, जिनमें एशिया कप और टी20 वर्ल्ड कप शामिल हैं। अब अगर वह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीतना चाहते हैं, तो यह उनके करियर का ग्रैंड स्लैम होगा।
तेज गेंदबाजी पर उथप्पा की राय
उथप्पा ने भारतीय टेस्ट टीम की तेज गेंदबाजी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह के अलावा कोई स्थायी विकल्प नजर नहीं आता। उन्होंने प्रसिद्ध कृष्णा की तारीफ की, लेकिन यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट में उनकी प्रभावशीलता में अभी सुधार की गुंजाइश है।