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जब ब्रेट ली ने आशा भोसले संग गाकर सबको चौंकाया: गाने के पीछे एक मजेदार कहानी; संगीत और क्रिकेट का यादगार संगम

Sun, 12 Apr 2026 02:28 PM IST
Swapnil Shashank स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आशा भोसले के निधन से संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके करियर के अनगिनत यादगार पलों में ब्रेट ली के साथ किया गया गाना 'यू आर द वन फॉर मी' खास स्थान रखता है। यह गाना संगीत और क्रिकेट के अनोखे संगम का प्रतीक बना और आज भी फैंस के दिलों में जिंदा है।
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ब्रेट ली और आशा भोसले - फोटो : Twitter
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विस्तार
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भारतीय संगीत जगत की महान गायिका आशा भोसले के निधन की खबर ने देश ही नहीं, दुनिया भर के संगीत प्रेमियों को गहरा झटका दिया है। 92 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली और अपने पीछे एक ऐसा विरासत छोड़ गईं, जिसे भुला पाना मुश्किल है। करीब सात दशकों तक अपने सुरों से जादू बिखेरने वाली आशा भोसले ने 'पिया तू अब तो आजा','कजरा मोहब्बत वाला', 'रंगीला रे' और 'दिल चीज क्या है' जैसे अनगिनत गीतों से संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका क्रिकेट से भी खास जुड़ाव रहा और इसी जुड़ाव ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली के साथ एक अनोखे म्यूजिक प्रोजेक्ट तक पहुंचाया।
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जब संगीत और क्रिकेट का हुआ संगम
साल 2007 में आशा भोसले ने अपने एल्बम आशा एंड फ्रैंड्स के तहत एक खास गाना रिलीज किया- यू आर द वन फॉर मी। इस गाने में उनके साथ ब्रेट ली नजर आए, जो उस समय इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी तेज रफ्तार गेंदबाजी के लिए मशहूर थे। इस गाने ने रिलीज होते ही तहलका मचा दिया। फैंस के लिए यह एक अनोखा अनुभव था, एक तरफ संगीत की दिग्गज आवाज, तो दूसरी तरफ क्रिकेट स्टार की नई पहचान। गाने में ब्रेट ली ने हिंदी में भी लाइन गाई, 'हां, मैं तुम्हारा हूं, तुम्हारा ही रहूंगा' जो आज भी इस गाने की सबसे यादगार लाइन मानी जाती है।



यह गाना, जो आंशिक रूप से हिंदी में है, एक पश्चिमी युवक की कहानी बताता है जो एक भारतीय लड़की को रिझाने की कोशिश करता है। गाने के वीडियो की शूटिंग तीन घंटे से भी कम समय में पूरी हुई थी, जिसमें ब्रेट ली को गिटार बजाते और एक ऑफिस में काम करने वाली भारतीय लड़की के लिए गाते हुए और उसे प्रपोज करते दिखाया गया। यह गाना म्यूजिक चार्ट में काफी ऊपर भी पहुंचा था। आशा भोसले के लिए यह सिर्फ एक मशहूर क्रिकेटर से मिलने का मौका नहीं था, बल्कि ऐसे शख्स के साथ काम करने का अनुभव भी था जिसे संगीत की अच्छी समझ थी।

आशा ने तब खुद रॉयटर्स से कहा था, 'मेरा परिवार हमेशा से क्रिकेट का बहुत बड़ा प्रशंसक रहा है, इसलिए ब्रेट ली के साथ रिकॉर्डिंग करना मेरे लिए रोमांचक था। वह बहुत आकर्षक व्यक्तित्व के मालिक हैं।' ब्रेट ली, अपने पूर्व न्यू साउथ वेल्स टीम के साथियों के साथ 'सिक्स एंड आउट' बैंड में परफॉर्म भी कर चुके हैं। उन्हें बॉलीवुड फिल्मों में काम करने के प्रस्ताव भी मिले थे। हालांकि, उन्होंने क्रिकेट की प्रतिबद्धताओं के कारण कई प्रस्तावों को ठुकरा दिया था।
 

ब्रेट ली ने खुद लिखे गाने के बोल
ब्रेट ली ने अपनी आत्मकथा 'माय लाइफ' में आशा के साथ गाने के खास अनुभव को साझा किया था। उन्होंने बताया था कि इस गाने की शूटिंग उस वक्त हुई जब वह 2006 में चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारत आए हुए थे। उन्होंने लिखा, 'मुझे बहुत मजा आया। मैंने अपने किसी भी टीममेट को नहीं बताया कि मैं क्या कर रहा हूं। जब शूटिंग के लिए गया तो बस इतना कहा कि मैं सड़कों पर घूमने जा रहा हूं। चार महीने बाद जब आशा जी सिडनी आईं और ओपेरा हाउस में परफॉर्म किया, तब मैं उनसे मिला। उन्होंने मुझे अपने साइन के साथ एक एल्बम गिफ्ट किया, जो आज भी मेरे लिए सबसे कीमती चीजों में से एक है।'

ब्रेट ली ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने इस गाने के बोल खुद लिखे थ और वह भी सिर्फ आधे घंटे में। उन्होंने कहा, 'मुझे यह साबित करना था कि मैं गा सकता हूं। मैंने टीम होटल के एक कमरे में कुछ गाने गाकर टेस्ट पास किया। फिर मुझे बताया गया कि एक गाना चुना जाएगा, लेकिन मैं उसे खुद लिखना चाहता था। मुझे इसकी अनुमति मिल गई और मैंने यह गाना लिखा।'

'आशा भोसले के साथ काम करना सपना'
ब्रेट ली ने 2011 में आशा भोसले के साथ काम करने के अनुभव को याद करते हुए उन्हें एक असाधारण कलाकार बताया था। उन्होंने कहा था, 'वह बेहद विनम्र और शानदार सेंस ऑफ ह्यूमर वाली महिला हैं। उनके साथ काम करना मेरे लिए एक अद्भुत अवसर था। आशा तब (गाने के वक्त) अपने 70वें दशक में थीं और हजारों गाने गा चुकी थीं।' ब्रेट ली आशा भोसले को भारतीय संगीत की अरेथा फ्रैंकलिन भी कहा था।

निधन से शोक में डूबा देश
आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए कहा, 'वह अब हमारे बीच नहीं रहीं। उनका अंतिम संस्कार सोमवार शाम चार बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में किया जाएगा।' आशा भोसले को 11 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पोती जनाई भोसले ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी थी कि वह अत्यधिक थकान और सीने के संक्रमण से जूझ रही थीं।
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एक युग का अंत, यादें अमर
आशा भोसले सिर्फ एक गायिका नहीं थीं, बल्कि एक ऐसा नाम थीं जिन्होंने संगीत को नई पहचान दी। उनकी आवाज में वह जादू था जो हर पीढ़ी को जोड़ता रहा। ब्रेट ली के साथ उनका गाना इस बात का सबूत है कि संगीत और खेल जैसे अलग-अलग क्षेत्र भी मिलकर इतिहास रच सकते हैं।

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