भारतीय क्रिकेट फिलहाल एक उलझन भरे मोड़ पर खड़ा है। पिछले एक दशक में टीम इंडिया ने कई ऊंचाइयों को छुआ। भारतीय टीम आईसीसी फाइनल्स में पहुंची...दो-दो आईसीसी ट्रॉफियां जीतीं, बल्लेबाजों ने विश्व स्तरीय रिकॉर्ड्स बनाए, मजबूत गेंदबाजी के दम पर घर में टेस्ट और वनडे में रिकॉर्ड्स भी बनाए, लेकिन गौतम गंभीर के कोचिंग दौर में ऐसा लग रहा है कि मंजिल धुंधली हो गई है।टेस्ट में लगातार ऐतिहासिक हार, घर में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों के सामने टेस्ट और वनडे में हार,, बड़े चेज चूकना, दो दशक पुराने रिकॉर्ड्स का टूटना, सब मिलाकर क्रिकेट प्रेमियों में बेचैनी बढ़ गई है। हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ घर में 1-2 से वनडे सीरीज हार, इस बहस को फिर जिंदा कर गई है।
गंभीर की देखरेख में वनडे सीरीज का रिकॉर्ड
भारत ने गंभीर की कोचिंग में अब तक पांच प्रमुख द्विपक्षीय वनडे सीरीज खेली हैं और नतीजे चौंकाने वाले हैं। भारत ने पांच में से तीन सीरीज गंवाई हैं वह भी घर में और बाहर दोनों जगह। 2023 वनडे विश्व कप के बाद इस प्रारूप में भारत का हाल खराब रहा है। यानी संतुलन टूटा हुआ है और किसी भी शीर्ष टीम के लिए यह रिकॉर्ड खतरे की घंटी है।
गंभीर के कार्यकाल में कौन-कौन सी सीरीज खेली गईं
इस दौरान भारत ने तीनों प्रारूपों में भारी उतार-चढ़ाव देखा। भारत की टेस्ट टीम, जिसे कभी घरेलू सरजमीं पर 'अजेय दीवार' कहा जाता था, अब लगातार हार का सामना कर रही है। न्यूजीलैंड के खिलाफ 0-3 की हार के बाद दक्षिण अफ्रीका के हाथों 0-2 की सीरीज हार ने भारतीय क्रिकेट में हलचल मचा दी। क्रिकेट विश्लेषकों, पूर्व दिग्गजों और फैंस इस हार के लिए भारतीय खिलाड़ियों के साथ-साथ कोच गंभीर को भी जिम्मेदार मान रहे हैं। कोच गंभीर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आकर खुद पर आलोचनाओं का जवाब दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें हटाने या नहीं हटाने का फैसला बीसीसीआई के हाथों में हैं, लेकिन बोर्ड को उनकी सफलताएं नहीं भूलनी चाहिए। अब एक बड़ा सवाल है क्या भारत की टेस्ट गिरावट के लिए गौतम गंभीर जिम्मेदार हैं? इस सूची में चैंपियंस ट्रॉफी जीतना सूर्य की एक किरण की तरह दिखाई देता है, लेकिन व्यापक तस्वीर अभी भी धुंधली है।
गंभीर के दौर के 17 अनचाहे रिकॉर्ड चिंता की वजह
भारतीय क्रिकेट में कुछ रिकॉर्ड बनते हैं, कुछ बनाना कोई नहीं चाहता, लेकिन गंभीर काल में बने कुछ रिकॉर्ड्स फैंस को अंदर तक झकझोर गए। ये ऐसे रिकॉर्ड्स थे, जो भारत को अपनी सरजमीं पर मजबूत बनाते थे, लेकिन विपक्षी टीमों ने इस दीवार को ढहा दिया। मिशन 2027 वनडे विश्व कप को देखते हुए भी ये अनचाहे रिकॉर्ड्स परेशानी खड़ी करते हैं। इतिहास के इन धब्बों को नजरअंदाज करना अब मुश्किल है।
इतिहास के इन धब्बों को नजरअंदाज करना अब मुश्किल है।
फैसले जिनकी सबसे ज्यादा आलोचना हो रही है
इन फैसलों ने टीम की दिशा में अस्थिरता पैदा की। क्रिकेट किसी मशीन की तरह है, संतुलन बिगड़ते ही परिणाम बिखरने लग जाते हैं।
तो क्या गंभीर असफल हैं?
इस सवाल का जवाब भावनाओं में नहीं, स्टैट में छिपा है। न्यूजीलैंड की ए या बी नहीं, सी टीम से भारत हारा है। कीवी टीम रचिन रवींद्र, विलियम्सन, सैंटनर, मिल्ने और मैट हेनरी के बिना आई थी, लेकिन तब भी भारत को उसके घर में हरा दिया। कई क्रिकेट पंडितों का मानना है कि चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत इस वजह से हुई थी, क्योंकि टीम बनी बनाई थी। रोहित और द्रविड़ ने वह टीम बनाई थी। टीम 2023 वनडे विश्व कप खेलने वाली टीम से मिलती जुलती थी, बस कुछ एक खिलाड़ी बदले थे। तभी जीत मुमकिन हुई, लेकिन इसके बाद बदलाव हार के कारण बने। सिर्फ चैंपियंस ट्रॉफी की जीत को छोड़ दिया जाए और टी20 के प्रदर्शन को छोड़ा जाए तो वनडे और टेस्ट में भारतीय टीम का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है।
गंभीर ने:
लेकिन…
यही विरोधाभास भारतीय क्रिकेट को उलझा रहा है। टीम बहुत अच्छी भी दिखती है और बहुत साधारण भी।
फैंस की नाराजगी – सोशल मीडिया का लावा
भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, आस्था है, इतिहास है, पहचान है। ऐसे में घरेलू मैदान पर ही हार के सिलसिले से भारतीय फैंस गुस्से में हैं और गंभीर के साथ साथ मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर को हटाने की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ चुकी है। दक्षिण अफ्रीका से टेस्ट सीरीज में हार के बाद भी गंभीर की खूब आलोचना हुई थी और तब उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि लोगों को बतौर कोच उनकी उपलब्धियों का भी ध्यान रखना चाहिए। हालांकि, अब फैंस ने उसी बयान जिक्र करते हुए गंभीर से सवाल पूछे हैं और कहा कि वह किन उपलब्धियों का जिक्र कर रहे थे, क्योंकि टीम इंडिया की रिकॉर्ड जीत से ज्यादा विदेशी टीमों द्वारा भारत आकर बनाए गए रिकॉर्ड्स और जीत ज्यादा हैं।
एक फैन ने भारतीय प्रदर्शन को गिनाते हुए लिखा, 'श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज हारे, न्यूजीलैंड के खिलाफ घर में टेस्ट सीरीज में व्हाइटवॉश हुए, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी गंवाई, विराट कोहली और रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट से रिटायर होने पर मजबूर किया, इंग्लैंड से टेस्ट सीरीज लगभग हार ही गए थे, रोहित शर्मा की कप्तानी छीन ली, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज हारी, दक्षिण अफ्रीका ने घर में व्हाइटवॉश कर दिया, SENA टीमों के खिलाफ घर में पांच में से पांच टेस्ट मैच हार गए और अब न्यूजीलैंड ने भारत में पहली वनडे सीरीज जीत ली।' यह पोस्ट वायरल हो गई और गंभीर के फैसलों पर सवाल उठने लगे।
अब आगे क्या?
गौतम गंभीर का दौर एक बड़े सवाल के घेरे में है कि क्या भारतीय क्रिकेट का पतन शुरू हो चुका है? फैंस और विशेषज्ञों की राय अलग-अलग हो सकती है, पर सच ये है कि:
भारत के पास अभी भी वनडे में विराट, रोहित, बुमराह, जडेजा, सिराज, अक्षर, राहुल जैसे सितारे हैं और मिशन 2027 को देखते हुए मौका है, राह बदलने का। विश्व कप में अभी समय है और 2027 संभवत: रोहित और कोहली का आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है। ऐसे में अभी नहीं तो कभी नहीं की रणनीति अपनानी होगी। गंभीर के सामने अब सिर्फ मैच जीतने का सवाल नहीं, बल्कि टीम इंडिया की पहचान बचाने का सवाल है।