आईसीसी ने दी सजा
अर्शदीप सिंह की इस हरकत के लिए खेल की वैश्विक संस्था ने उन पर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। उन्हें आईसीसी की आचार संहिता के लेवल-1 के उल्लंघन के लिए यह सजा मिली है। अर्शदीप को आईसीसी के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.9 को तोड़ने का दोषी पाया गया, जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी पर या उसके पास गलत और/या खतरनाक तरीके से बॉल (या क्रिकेट का कोई और सामान) फेंकने से जुड़ा है। जुर्माने के अलावा अर्शदीप के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक जोड़ा गया।
अर्शदीप को हुआ था गलती का अहसास
इस विवाद को लेकर अर्शदीप ने भी मैच के बाद चुप्पी तोड़ी थी। उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की थी। अर्शदीप ने कहा था, मैं तुरंत भागकर मिचेल से माफी मांगने गया था। जब मैंने गेंद फेंकी तो वह रिवर्स स्विंग हो गई और थ्रो में उन्हें लग गई।
गंभीर ने अर्शदीप-मिचेल मामले पर क्या कहा?
अब एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने अर्शदीप सिंह और डेरिल मिचेल के बीच हुई तीखी बहस पर कहा, 'आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और आपका अग्रेशन दिखाना लाजमी है। अगर आप वापस थ्रो मारते हो, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। किसी भी गेंदबाज को अच्छा नहीं लगता है दो छक्के खाना। मैं अपने प्लेयर्स से इसी तरह का रिस्पॉन्स देखना चाहता हूं। अगर अर्शदीप सिंह ने डेरिल मिचेल से माफी नहीं भी मांगी होती तो भी मुझे कोई दिक्कत नहीं थी। अर्शदीप को सॉरी बोलने की जरूरत नहीं थी।'
गंभीर ने कहा, 'ये अच्छी बात है कि उन्होंने माफी मांगी। लेकिन क्रिकेट के मैदान पर कोई दोस्त नहीं होता। न ही कोई दुश्मन होता है। आपका काम देश का प्रतिनिधित्व करना है और देश के लिए मैच जीतना है। आप गेंदबाज के तौर पर दो छक्के नहीं खाना चाहते। हमें इन चीजों को इतना तूल नहीं देना चाहिए क्योंकि ऐसी चीजें पहले भी होती थीं। आज क्योंकि सोशल मीडिया के जरिए आप इसे ज्यादा बढ़ाते-चढ़ाते हैं, लेकिन इसकी जरूरत नहीं है।'