रिजेक्शन के दौर से गुजरे अय्यर
श्रेयस अय्यर के लिए यह सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा। दिसंबर 2023 में भारत के लिए आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद वह लंबे समय तक इस प्रारूप की राष्ट्रीय टीम से बाहर रहे। इस दौरान उन्हें लगातार दो टी20 विश्व कप और एशिया कप की टीम में जगह नहीं मिली। आईपीएल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स को खिताब दिलाने के बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें टी20 विश्व कप 2024 टीम में शामिल नहीं किया। उस सीजन में उन्होंने 15 मैचों में 351 रन बनाए थे। टीम को चैंपियन बनाने के बावजूद चयनकर्ता उनके टी20 खेल को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं दिखे। हालांकि, अय्यर ने हार नहीं मानी और अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान दिया।
पंजाब किंग्स में नई शुरुआत
आईपीएल 2025 की नीलामी में पंजाब किंग्स ने श्रेयस अय्यर पर 26.75 करोड़ रुपये की बड़ी बोली लगाई। यह रकम बताती थी कि फ्रेंचाइजी उनकी क्षमता और नेतृत्व पर कितना भरोसा करती है। अय्यर ने भी इस भरोसे को सही साबित किया। उन्होंने पूरे सीजन में 604 रन बनाए और टीम को फाइनल तक पहुंचाया। हालांकि पंजाब किंग्स खिताब जीतने से चूक गई, लेकिन कप्तान के रूप में अय्यर की छवि और मजबूत हो गई।इसके बावजूद जब एशिया कप 2025 और टी20 विश्व कप 2026 के लिए टीम चुनी गई, तो एक बार फिर उनका नाम बाहर रह गया। उस समय मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने संकेत दिया था कि चयन का फैसला टीम संयोजन और विशेषज्ञ खिलाड़ियों की जरूरत को ध्यान में रखकर लिया गया है। अगरकर ने उस समय कहा था, 'यह श्रेयस की गलती नहीं है, लेकिन टीम संयोजन को देखते हुए हमें कुछ कठिन फैसले लेने पड़े।'
सूर्याकुमार की फॉर्म ने बदला समीकरण
टी20 विश्व कप 2026 में भारत को खिताब दिलाने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन बाद के महीनों में लगातार सवालों के घेरे में रहा। एशिया कप और उसके बाद कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में उनका बल्ला उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। आईपीएल 2026 में भी उनका प्रदर्शन फीका रहा। मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए उन्होंने 13 मैचों में सिर्फ 260 रन बनाए और टीम अंक तालिका में नौवें स्थान पर रही। इसके बाद नेतृत्व को लेकर बहस तेज हो गई। दूसरी ओर, श्रेयस अय्यर लगातार रन बना रहे थे और कप्तान के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहे थे।
आईपीएल 2026 ने मजबूत किया दावा
आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स की शुरुआत शानदार रही। टीम ने शुरुआती छह मुकाबले जीते और इसमें श्रेयस अय्यर की बल्लेबाजी की अहम भूमिका रही। हालांकि बाद में टीम की लय बिगड़ गई और वह प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी, लेकिन अय्यर ने पूरे सीजन में 498 रन बनाए। उन्होंने 55.33 की औसत से रन बनाकर साबित किया कि वह सिर्फ कप्तान ही नहीं, बल्कि भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज भी हैं। चयनकर्ताओं ने उनके प्रदर्शन, अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें टी20 टीम की कमान सौंपने का फैसला किया।
नए दौर की शुरुआत
बीसीसीआई अब 2028 टी20 विश्व कप और लॉस एंजिलिस ओलंपिक को ध्यान में रखकर अपनी योजनाएं तैयार कर रहा है। ऐसे में चयनकर्ता एक ऐसे कप्तान की तलाश में थे जो लंबी अवधि तक टीम का नेतृत्व कर सके। श्रेयस अय्यर ने अपने प्रदर्शन और कप्तानी के रिकॉर्ड के दम पर यह जिम्मेदारी हासिल की। संजू सैमसन और तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ियों के नाम भी चर्चा में थे, लेकिन नेतृत्व का अनुभव अय्यर के पक्ष में गया। तिलक को टीम का उपकप्तान बनाया गया है।
लगातार असफलताओं, टीम से बाहर होने और आलोचनाओं के बाद भारतीय टी20 टीम का कप्तान बनना श्रेयस अय्यर की मेहनत, धैर्य और जुझारूपन का सबसे बड़ा प्रमाण है। उनका यह सफर भारतीय क्रिकेट की सबसे प्रेरणादायक वापसी कहानियों में से एक माना जाएगा।