खिलाड़ियों की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
- श्रीलंकाई जांच एजेंसियों के मुताबिक, कालरा ने करीब 10 दिन पहले कुछ खिलाड़ियों से संपर्क कर उन्हें पैसे का लालच देने की कोशिश की थी। इसकी शिकायत श्रीलंका के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों भानुका राजपक्षे, अविष्का फर्नांडो और दुनिथ वेलालागे ने की, जो जाफना किंग्स का हिस्सा हैं।
- जांच के दौरान एक खिलाड़ी ने पुलिस को सूचना दी कि कालरा उसे पैसे देने वाले हैं। इसके बाद पुलिस ने कोलंबो के एक होटल में छापा मारा और कालरा को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह कथित तौर पर 95 लाख श्रीलंकाई रुपये (करीब 28,700 अमेरिकी डॉलर) सौंपने की तैयारी में थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।
मनजोत पर पहले भी लग चुके आरोप
मनजोत पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। 2020 में कथित उम्र में फर्जीवाड़े के मामले में दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ के तत्कालीन लोकपाल ने मनजोत को दो साल के लिए किसी भी आयु वर्ग के टूर्नामेंट में खेलने से निलंबित कर दिया था। इतना ही नहीं, इस फैसले के कारण वह उस सीजन में रणजी ट्रॉफी में खेलने का मौका भी गंवा बैठे थे।
एलपीएल पर फिर लगे भ्रष्टाचार के दाग
- यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब एलपीएल के छठे सीजन की शुरुआत हुई है। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला जाफना किंग्स और गॉल गैलेंट्स के बीच खेला गया। एलपीएल पहले भी भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर सुर्खियों में रहा है।
- इसी साल दांबुला थंडर्स के मालिक तमीम रहमान को खिलाड़ी को प्रभावित करने और सट्टेबाजी गतिविधियों के आयोजन की कोशिश स्वीकार करने पर चार साल की निलंबित जेल और 2.4 करोड़ श्रीलंकाई रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।