पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने श्रीलंका के खिलाफ महिला एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में टीम को जीत दिलाने के लिए पूरा जोर लगा दिया, लेकिन उनकी तमाम कोशिशें नाकाफी साबित हुईं। श्रीलंका ने पाकिस्तान को चार विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली। मैच खत्म होते ही फातिमा सना मैदान पर अपनी भावनाओं को नहीं रोक सकीं और फूट-फूटकर रो पड़ीं।
फातिमा ने इस मुकाबले में बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले नाबाद 47 रन की पारी खेली और फिर गेंदबाजी में चार विकेट चटकाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया, लेकिन टीम की हार का दर्द उनकी इस उपलब्धि पर भारी पड़ा।
प्लेयर ऑफ द मैच बनीं, फिर भी छलके आंसू
फातिमा सना ने 47 रन की नाबाद पारी खेलने के साथ चार विकेट भी लिए और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। लेकिन टीम को फाइनल तक नहीं पहुंचा पाने का गम उनके चेहरे पर साफ नजर आया। मैच के बाद फातिमा भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उनकी यह तस्वीर मुकाबले के सबसे भावुक पलों में से एक बन गई।
फील्डिंग की गलतियों को बताया हार की वजह
मैच के बाद फातिमा सना ने माना कि फील्डिंग में हुई गलतियों ने पाकिस्तान को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि 130 रन का स्कोर बचाया जा सकता था, लेकिन टीम को बल्लेबाजी में भी सुधार करने की जरूरत है। श्रीलंका की पाकिस्तान के खिलाफ महिला एशिया कप सेमीफाइनल में यह लगातार तीसरी जीत है। अब 13 सितंबर को फाइनल में श्रीलंका का सामना भारत से होगा।
मुश्किल वक्त में कप्तान ने संभाली पारी
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी नहीं रही। लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई थी। ऐसे समय में फातिमा सना ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 36 गेंदों पर नाबाद 47 रन बनाए। गर्मी के बीच फातिमा को क्रैम्प्स की परेशानी भी हुई, लेकिन उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा। तुबा हसन के साथ मिलकर उन्होंने पारी के आखिरी चार ओवरों में तेजी से रन जुटाए और पाकिस्तान को 130/6 के स्कोर तक पहुंचाया।
पहले ही ओवर में दो बड़े विकेट
130 रन का बचाव करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत गेंदबाजी में भी शानदार रही। कप्तान फातिमा सना ने अपने पहले ही ओवर में लगातार गेंदों पर श्रीलंकाई कप्तान चमारी अटापट्टू और संजना कविंदी को पवेलियन भेज दिया। श्रीलंका के चार विकेट महज 33 रन पर गिर चुके थे। इस समय पाकिस्तान की स्थिति मजबूत नजर आ रही थी और मुकाबला उसके पक्ष में जाता दिख रहा था।
हर्षिता-कविशा ने पलट दिया मैच
इसके बाद हर्षिता समरविक्रमा और कविशा दिलहारी ने पाकिस्तान से मैच छीनना शुरू किया। दोनों ने 67 रन की अहम साझेदारी कर श्रीलंका को मुकाबले में वापस ला दिया। हर्षिता ने 36 और कविशा ने 33 रन बनाए। फातिमा ने एक बार फिर पाकिस्तान की वापसी कराई। उन्होंने अपने तीसरे ओवर में पहले हर्षिता को आउट किया और फिर कविशा को एलबीडब्ल्यू कर मैच में अपना चौथा विकेट हासिल किया।
एक छक्के और एक चौके ने पहुंचाया फाइनल में
श्रीलंका को जीत के करीब पहुंचाने की जिम्मेदारी कौशानी नुत्यांगना और नीलाक्षिका सिल्वा ने संभाली। नुत्यांगना ने फातिमा की गेंद पर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला छक्का लगाया। इसके बाद नीलाक्षिका सिल्वा ने चौका जड़कर श्रीलंका की जीत पक्की कर दी। श्रीलंका ने चार विकेट से मुकाबला अपने नाम करते हुए फाइनल का टिकट कटाया।